विभाग कम करने के लिए बुलायी सीएम ने मीटिंग तो मंत्रियों का बढ़ा तापमान

  • विभाग कम हुए तो एक दर्जन से ज्यादा मंत्रियों की होगी छुट्टी
  • आमजन को बड़ा संदेश देना चाहती है सरकार
  • जुलाई में संभावित है केंद्र और राज्य में एक साथ परिवर्तन

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभागों को कम करने के लिए आज शाम को मीटिंग बुलाई है। इसको लेकर मंत्रियों का तापमान बढ़ गया है। यदि विभाग कम हुए तो एक दर्जन से अधिक मंत्रियों की छुट्टी होनी तय है। योगी सरकार इस तरह का फैसला लेकर जनता में बड़ा संदेश देना चाहती है। माना जा रहा है कि आगामी महीने में केंद्र और राज्य में एक साथ कई परिवर्तन हो सकते हैं।
अपर मुख्य सचिव संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में गठित समिति आज सीएम योगी आदित्यनाथ के सामने विभागों को समायोजित करने की रिपोर्ट पेश करेगी। इसमें 94 विभागों का विलय कर 37 विभाग बनाने का प्रस्ताव है। मुख्यमंत्री के अनुमोदन के बाद ही विभागों के विलय का रास्ता साफ होगा। यदि विभागों के विलय को अनुमोदन मिला तो मंत्रियों की संख्या में कटौती होनी तय है। नीति आयोग के सुझाव के बाद विभागों के विलय पर फैसला लिया गया है। इसे केंद्र सरकार की तर्ज पर किया जा रहा है। प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने कई विभागों को मिला दिया था। पुनर्गठन का मकसद जो विभाग काम के नहीं हैं उनको दूसरे विभागों से मिलाकर नया ढांचा तैयार करना है। मौजूदा विभागों में राजस्व, नागरिक उड्डयन, सूचना, आबकारी, सतर्कता, सार्वजनिक उद्यम, निर्वाचन, न्याय, खाद एवं रसद, संसदीय कार्य, विधायी, लोक सेवा प्रबंधन, मुख्यमंत्री कार्यालय, उपभोक्ता संरक्षण, बांट एवं माप, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स पहले की तरह रहेंगे। प्रस्तावित ढांचे में एक जैसे कामकाज वाले विभागों का ही विलय होगा। बैठक में कृषि एवं कृषक कल्याण विभाग, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, शिक्षा युवा कल्याण एवं खेलकूद विभाग, ऊर्जा एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग और भी कई मिलते-जुलते विभागों के विलय का प्रस्ताव पास हो सकता है। प्रस्तावित नए ढांचे पर अमल के बाद प्रदेश मंत्रिमंडल के स्वरूप पर भी असर पड़ेगा। पुनर्गठन के बाद विभाग कम होने और तमाम विभागों के एक-दूसरे से विलय होने का असर मंत्रिपरिषद पर पड़ेगा। फिलहाल योगी सरकार के निर्णय पर मंत्रियों की नजरें गड़ी हैं। सूत्रों की माने तो विभागों के विलय के प्रस्ताव पर आज चर्चा के बाद नयी नियुक्तियां भी की जाएगी और कुछ नए चेहरे भी सामने लाये जा सकते हैं। माना जा रहा है कि लोकसभा चुनाव से पहले योगी सरकार नए और प्रभावी चेहरों को सामने लाना चाहती है और नयी ऊर्जा के साथ परियोजनाओं पर काम करना चाहती है। भाजपा अपने सहयोगी दलों के विधायकों को भी मंत्रिमंडल में शामिल कर सकती है। देखने वाली बात यह होगी कि किस मंत्री को कौन सा विभाग दिया जायेगा। हाल ही में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के लखनऊ दौरे के दौरान मंत्रिमंडल में बदलाव करने पर चर्चा की गयी थी, जिसमें 94 विभागों में से अधिकांश को एक दूसरे में समाहित कर कुल 35 से 37 विभाग कर देने पर चर्चा हुई थी।

गाजियाबाद में रिटायर एडीजे ने खुद को मारी गोली, मौत

  • पत्नी के मौत के बाद डिप्रेशन के शिकार हो गए थे शर्मा
  • पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजा

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। गाजियाबाद में आज एक रिटायर असिस्टेंट डिस्ट्रिक्टजज (एडीजे) ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी परिजनों ने थाने पर दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि पत्नी की मौत के बाद से एडीजे डिप्रेशन में थे। इसी के चलते उन्होंने खुद को गोलीमार ली।
मिली जानकारी के अनुसार गाजियाबाद के नेहरूनगर निवासी देवदत्त शर्मा एडीजे के पद से करीब 20 वर्ष पहले रिटायर हुए थे। वे अपनी पत्नी के साथ रहते थे। आज उन्होंने डबल बैरल बन्दूक से खुद को गोलीमार ली, जिससे उनकी मौत हो गयी। घटना की सूचना परिजनों ने पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वह पूरे मामले की छानबीन में जुटी है।
पुलिस का कहना है कि एडीजे शर्मा की पत्नी का देहांत हो गया था। इसके बाद से वह डिप्रेशन के शिकार हो गए थे। यही वजह है कि आज उन्होंने खुद को गोलीमार ली। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है।

मंदिर में हुआ रोजा इफ्तार तो मस्जिद में सुंदरकांड करने की मांगी अनुमति

  • सामाजिक सौहार्द के लिए टीले वाली मस्जिद के इमाम से मांगी स्वीकृति

  • रमजान में मनकामेश्वर मंदिर के उपवन घाट पर किया गया था रोजा इफ्तार का आयोजन

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ। सामाजिक सौहार्द के मद्देनजर पिछले दिनों राजधानी के प्राचीन मनकामेश्वर शिव मंदिर में रमजान के महीने में रोजा इफ्तार के आयोजन के बाद अब मस्जिद में सुंदरकांड के पाठ कराने की अनुमति इमाम से मांगी गई है। यह अनुमति चेतना फाउंडेशन की अध्यक्ष चेतना पांडेय ने टीले वाली मजिस्द के इमाम फज्ले मन्नान से मांगी है।
पत्र में कहा गया है कि सामाजिक सौहार्द बनाने के उद्देश्य से टीले वाली मस्जिद में सुंदरकांड कराने की जरूरत है। रमजान के महीने में हिंदू भाइयों की ओर से रोजा इफ्तार का आयोजन किया जाता है। दुनिया के सामने गंगा-जमुनी तहजीब को पेश करने के इरादे से संगठन ने इस बात का निर्णय लिया है कि बड़े मंगल पर टीले वाली मस्जिद में सुंदरकांड और भंडारे का आयोजन किया जाए। यदि मस्जिद की ओर से ऐसा किया जाता है तो फाउंडेशन हर तरह की मदद करने को तैयार है। फिलहाल इस पत्र पर अनुमति नहीं मिली है। टीले वाली मस्जिद के पेश इमाम फज्ले मन्नान से संपर्क किया गया लेकिन संपर्क नहीं हो सका। गौरतलब है कि पिछले दिनों सामाजिक भाई-चारा स्थापित करने के लिए मनकामेश्वर मंदिर में रोजा इफ्तार का आयोजन किया गया था। यह आयोजन मंदिर की महंत दिव्या गिरी ने किया था।

इस मामले में मैंने टीले वाली मस्जिद के इमाम को पत्र लिख कर अनुमति मांगी है लेकिन अभी तक वहां से कोई जवाब नहीं मिला है। मैं उनसे बात करने की कोशिश कर रही हूं यदि वह मानते हैं तो मस्जिद में सुंदरकांड का पाठ किया जाएगा।
-चेतना पांडेय, अध्यक्ष, चेतना फाउंडेशन

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