एलडीए अभियंताओं की मिलीभगत से विवेक खंड में धड़ल्ले से जारी है अवैध निर्माण

  • विवेक खंड-4 में तीन आवासीय प्लाटों को जोड़ कर किया जा रहा व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का निर्माण
  • कई शिकायतों और कार्रवाई को दबाए बैठे हैं अभियंता, एलडीए प्रशासन को किया जा रहा गुमराह

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। शासन के तमाम प्रयासों और सख्ती के बाद भी शहर में अवैध निर्माण नहीं रूक रहे हैं। एलडीए अभियंताओं की मिलीभगत से अवासीय क्षेत्रों में अवैध निर्माण पर शिकंजा नहीं कसा जा रहा है। भ्रष्टाचार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शहर में दो नहीं बल्कि तीन प्लाटों को जोड़ कर व्यावसायिक प्रतिष्ठान बनाए जा रहे हैं। तमाम शिकायतों के बावजूद अवैध निर्माण के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। घूस लेकर शिकायतें, सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को दबाया जा रहा है।
गोमती नगर स्थित विवेक खंड-4 में प्लांट संख्या- 52, 53 और 43 को आपस में जोड़ कर व्यावसायिक प्रतिष्ठान का निर्माण किया जा रहा है। दरअसल, एलडीए के प्लांट-संख्या 52 और 53 के ठीक पीछे विवेक खंड मुख्य मार्ग पर प्लाट संख्या-43 है। इन तीनों ही प्लाटों को आपस में जोड़ा गया और व्यावसायिक प्रतिष्ठान का निर्माण चालू कर दिया गया जबकि प्लाट संख्या-43 पर पहले से ही एक शो-रूम खुला हुआ है लेकिन एलडीए के अभियंता और सुपरवाइजरों को न तो शो-रूम नजर आ रहा है न ही शो-रूम के ठीक पीछे बनाए जा रहे व्यावसायिक प्रतिष्ठान। जानकारी के अनुसार पिछले छह माह से अधिक समय से विवेक खंड के इन प्लाटों पर निर्माण चल रहा है। इससे पहले एलडीए के द्वारा भवन स्वामी को नोटिस भेजा गया है, लेकिन फिर भी काम नहीं रूका। बावजूद इसके एलडीए के अभियंता आगे की कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।

मामला संज्ञान में आया है। जांच कराकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
एमपी सिंह, सचिव, एलडीए

स्पाइन ब्रेस से सीधी की रीढ़ की हड्डी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। केजीएमयू के डीपीएमआर विभाग की कार्यशाला में एक पांच माह की बच्ची की जन्मजात रीढ़ की टेढ़ी हड्डी को सीधा किया गया। कार्यशाला में बच्ची के लिए स्पाइन ब्रेस तैयार किया गया। खास बात यह थी कि पहली बार बच्ची के शरीर में इस ब्रेस को डायरेक्ट मोल्डिंग की गई। ब्रेस लगाने के बाद बच्ची की रीढ़ की हड्डी सीधी हो गई है। कार्यशाला के इंचार्ज अरविंद कुमार निगम ने बताया कि बच्ची बिहार के सिवान जिले से आई थी। पिता लाल बहादुर ने बताया कि जब वह दो माह की थी तो उसकी रीढ़ की हड्डी टेढ़ी है। परिजन उसे लेकर केजीएमयू पहुंचे। यहां से उसे डीपीएमआर विभाग भेज दिया गया। ब्रेस लगाने के बाद बच्ची की रीढ़ की हड्डी सीधी हो गई है। कुछ महीने लगाने पर हड्डी पूरी तरह से सही हो जाएगी। ब्रेस बनाने में शगुन सिंह, आबिद अली, विवेक श्रीवास्तव, शरद सक्सेना और अनिल यादव शामिल रहे।

 

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