KGMU के ट्रेनिंग सेंटर में करोड़ों का घोटाला

  • अधिकारियों की मिलीभगत से ठेकेदार डकार गए करोड़ों की रकम
  • मुख्यमंत्री के जन सुनवाई पोर्टल पर शिकायत के बाद हुआ खुलासा

दरख्शां कदीर सिद्दीकी
लखनऊ। केजीएमयू के ट्रेनिंग सेंटर घोटाले में अधिकारी और ठेकेदार मिलकर करोड़ो की रकम डकार गए हैं। निर्माण कार्य के लिए मिलने वाले पांच करोड़ और 25 लाख की रकम में अधिकारियों और ठेकेदारों ने धांधली की है। इस घोटाले की शिकायत मुख्यमंत्री से की गयी है। इसलिए सेंटर से जुड़े अधिकारियों और ठेकेदारों में दहशत का माहौल है। चर्चा आम है कि बहुत जल्द बड़ी कार्रवाई होगी। हालांकि केजीएमयू के अधिकारियों की लापरवाही की वजह से ट्रेनिंग सेंटर का कोई पुरसाहाल नहीं है। यहां छात्रों को मिलने वाली तमाम सुविधाएं भी बंद की
जा चुकी हैं।
केजीएमयू की ओर से माती में वर्ष 2014 में चार मंजिला इमारत में ट्रेनिंग सेंटर शुरू किया गया था। इसके लिए सरकार की ओर से लगभग पांच करोड़ 25 लाख रुपये आवंटित किए गए थे। लेकिन 2014 में शुरू की गई इस चार मंजिला इमारत का निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप नहीं है। अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत से इतनी बड़ी रकम का क्या हुआ इसका कुछ भी अतापता नहीं है। अधिकारियों ने घोटाले को छिपाने के लिए सेंंटर पर बीस बेड का अस्पताल भी खोल दिया लेकिन यहां मरीजों की सुविधा के नाम पर कुछ नहीं मिल रहा। इतना ही नहीं अवधि बीतने के बाद भी निर्माण कार्य पूरा नहीं कराया जा सका। मच्र्युरी और छात्रावास अधूरा ही पड़ा हुआ है। इस धांधली की शिकायत मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल आईजीआरएस पर की गयी है। शिकायत को लेकर जिला प्रशासन ने केजीएमयू से जवाब मांगा है। ट्रेनिंग में आ रही समस्या ट्रेनिंग सेंटर के प्रभारी डॉक्टर जमाल मकसूद के मुताबिक सेंटर में पैथालॉजी व इलाज की सेवाएं बहुत पहले से बंद हैं। इसलिए छात्रों की ट्रेनिंग नहीं हो पा रही है। वहीं आसपास के लोगो को भी इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है। इस समस्या के बारे में उच्चाधिकारियों को भी मालूम है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।

सेंटर पर सीमित संख्या में सिर्फ पांच कर्मचारी तैनात हैं। ऐसे में जो भी सुविधाएं संभव हैं वह दी जा रही हैं। इन दिनों स्टूडेंट ट्रेनिंग पर नहीं आ रहे हैं। इसलिए भी कई सुविधाएं संचालित नहीं हो रही हैं। जब छात्र आने लगेंगे तो सुविधाओं को शुरू कर दिया जाएगा।
-डॉक्टर आलोक श्रीवास्तव,माती ट्रेनिंग सेंटर प्रभारी

इस शिकायत के संबंध में अभी फिलहाल कोई जानकारी नहीं है। यदि ऐसा कुछ हुआ है तो रजिस्ट्रार और संबंधित इंजीनियरों से बात करके ही कुछ कह सकते हैं।
-सुधीर कुमार प्रवक्ता, केजीएमयू

2019 के लोकसभा चुनाव को साधने में जुटी कांग्रेस

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। 2019 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर ने मीडिया सहित कई प्रभागों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। इतना ही नहीं मुख्यालय पर रहकर संगठन का काम देखने वाले प्रदेश पदाधिकारियों, वित्त अधिकारियों और मीडिया प्रभाग को भी भंग किया गया है।
प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर और पार्टी हाई कमान यूपी में कांग्रेस को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में कांग्रेस ने मीडिया सेल व अन्य कई प्रभागों में परिवर्तन करने का निर्णय लिया है। पार्टी इन सभी प्रभागों में सक्रिय कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपने जा रही है। इसका मकसद पार्टी में निष्क्रिय लोगों को किनारे करना और सक्रिय लोगों को बढ़ावा देना है। इसके साथ ही यूपी में कांग्रेस की साख को सक्रिय लोगों के माध्यम से मजबूती दिलाना और मीडिया सेल को भी एक्टिव करना है।

जनता को ठगने के लिए देश भक्ति का दिखावा कर रही भाजपा: आजम

  • कहा, लोकसभा चुनाव तक पीडीपी के साथ रखना चाहिए था गठबंधन

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ । सपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खां ने कश्मीर में पीडीपी-भाजपा गठबंधन टूटने को अवसरवादिता करार दिया है। उन्होंने कहा आतंकवादी जब जवानों के सिर काट कर ले गए तब बीजेपी ने समर्थन वापस क्यों नहीं लिया । तब उसकी देशभक्ति ने उबाल नहीं मारा। यदि भाजपा सही है तो उसे आगामी लोकसभा चुनाव तक बीजेपी को पीडीपी के साथ रहना चाहिए था। पीडीपी से समर्थन वापसी का यह समय ठीक नहीं है। भाजपाइयों ने तीन वर्ष तक कश्मीर में खूब मौज मनाई और अब जब लोकसभा चुनाव में कुल 6 महीने ही बचे हैं, तो लोगों को ठगने के लिए उन्हें देशभक्ति की याद आ गई ।
कश्मीर में सेना द्वारा पत्थरबाजों से निपटने के लिए पत्थरबाजों के साथियों को ही ढाल बनाए जाने के सवाल पर आजम ने कहा कि केंद्र और राज्य में सरकार भाजपा की थी तो शिकायत किससे कर रहे हंै । वहीं, शहीद औरंगजेब के घर आर्मी चीफ के दौरे पर सवाल खड़ा करते हुए उन्होंने कहा कि बार्डर पर रोज सैनिक शहीद होते हैं, लेकिन आर्मी चीफ तो क्या सेना का कोई छोटा या बड़ा अफसर भी उनके घर नहीं जाता है। आजम ने इसे बाकी शहीदों का अपमान बताया है।
गौरतलब है कि बीजेपी ने जम्मू-कश्मीर सरकार से अपना समर्थन वापस लेने की घोषणा की थी, जिसके बाद जम्मू-कश्मीर सरकार गिर गई थी। इसलिए मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को इस्तीफा देना पड़ा।

केजीएमयू में पंद्रह से अधिक वेंटिलेटर खराब, मरीज परेशान

  • गंभीर बीमारी से पीडि़त मरीजों की इंतजार में थम रहीं सांसें

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। केजीएमयू में पंद्रह से अधिक वेंटीलेटर खराब पड़े हैं। इन वेंटिलेटर के ठीक होने और इलाज के लिए वेंटिलेटर का इंतजार करने के चक्कर में गंभीर मरीजों की सांसें थम रही हैं। केजीएमयू के डॉक्टर वेंटिलेटर फुल होने के कारण मरीजों को लौटा रहे हैं। ऐसे में
तीमारदार मरीजों को प्राइवेट हॉस्पिटल ले जाने को मजबूर हैं।
जानकारी के मुताबिक केजीएमयू में कई मरीजों की वेंटिलेटर के अभाव में मौत होने का मामला सामने आया है। ट्रॉमा सेंटर एनआईसीयू, पीआईसीयू, आईसीयू और ट्रॉमा वेंटिलेटर यूनिट में मिलाकर लगभग पंद्रह वेंटिलेटर खराब पड़े हैं। इस मामले में लिखित शिकायत ट्रामा कार्यालय में दी गई है। वेंटिलेटर की कमी के कारण मरीजों को एंबुबैग के सहारे रखा जा रहा है। संस्थान के एनआईसीयू और मेडिसिन विभाग के आईसीयू में सात एंबुबैग खराब पड़े हैं। आईसीयू में भर्ती दुर्गा के भाई विनोद ने बताया कि मरीज को हाई डायबिटिज होने के कारण सांस लेने में दिक्कत है। डॉक्टर ने वेंटिलेटर पर रखने को कहा था लेकिन वहां बेड फुल होने के कारण मजबूरन एंबुबैग लगावाया गया। डॉक्टर ने मरीज को जो एंबुबैग लगाया वो भी खराब था, ऐसे में बाजार से खरीद कर एंबुबैग लाना पड़ा। इस मामले में केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. नरसिंह वर्मा का कहना है कि खराब वेंटिलेटर को जल्द ठीक करवाया जाएगा। वहीं नए एंबुबैग भी मंगवाकर दिए जाएंगे।

 

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