अब राजधानी में कैंसर मरीजों को मिलेगा बेहतर इलाज, नव्या पोर्टल भी करेगा मदद

  • चकगंजरिया सुपर स्पेशिएलिटी कैंसर संस्थान में जल्द शुरू होगी ओपीडी
  • टाटा मेमोरियल कैंसर सेंटर के विशेषज्ञ चिकित्सकों को करेंगे प्रशिक्षित
  • प्रदेश में कैंसर के मरीजों का तैयार किया जाएगा डेटा

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ। अब कैंसर मरीजों को विश्वस्तरीय इलाज की सुविधा राजधानी में मिल सकेगी। चकगंजरिया सुपर स्पेशिएलिटी कैंसर संस्थान में बेहतर इलाज की सुविधा के लिए लगभग तैयार हो चुका है। यहां जल्द ही ओपीडी शुरू हो जाएगी और 60 बेड पर मरीजों की भर्ती प्रारंभ की जाएगी। टाटा मेमोरियल कैंसर सेंटर के विशेषज्ञ यहां के चिकित्सकों को बेहतर इलाज के लिए प्रशिक्षित करेंगे। इसके अलावा प्रदेश भर के कैंसर मरीजों का डेटा भी तैयार किया जाएगा। इसके लिए चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन और टाटा कैंसर संस्थान के निदेशक डॉ. आर बडवे के बीच एक एमओयू पर हस्ताक्षर किया जा चुका है।

राजधानी में कैंसर रोगियों के इलाज के लिए सरकार ने एक और पहल की है। वह टाटा मेमोरियल कैंसर सेंटर के साथ मिलकर काम करने जा रही है। चकगंजरिया सुपर स्पेशिएलिटी कैंसर संस्थान में बेहतर इलाज के लिए यहां के विशेषज्ञ चिकित्सकों, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ को प्रशिक्षित करने, तकनीकी हस्तांतरण और कैंसर संस्थान के चरणबद्ध निर्माण में टाटा मेमोरियल कैंसर संस्थान सहयोग करेगा। फिलहाल कैंसर संस्थान में कुछ योजनागत कमियों के कारण ओपीडी शुरू होने में देरी हो रही है। उम्मीद है नवंबर तक सारी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली जाएंगी और ओपीडी शुरू हो जाएगी। गौरतलब है कि यहां रेडियोथेरेपी के लिए एटॉमिक एनर्जी रेगुलेटरी बोर्ड में जून 2017 में आवेदन किया गया था। नवंबर-दिसंबर में इसकी अनुमति मिली थी। रेडियोथेरेपी ब्लॉक के निर्माण का काम शुरू हो चुका है। उपकरणों, डॉक्टर व अन्य स्टाफ की नियुक्ति का कार्य चल रहा है। इसके अलावा प्रदेश में कैंसर के मरीजों की संख्या कितनी है। कौन-कौन से मरीज इलाज के लिए चिकित्सा संस्थानों में पहुंच रहे हैं, इसका डेटा जुटाने का कार्य भी यहां होगा। टाटा मेमोरियल कैंसर संस्थान के निदेशक डॉ. आर. बडवे ने बताया कि संस्थान में 70 हजार लोग हर साल कैंसर का इलाज कराने आते हैं। इनमें से 20 फीसदी यूपी के होते हैं। कैंसर संस्थान की स्थापना से ऐसे मरीजों को इलाज के लिए मुंबई नहीं जाना पड़ेगा। विशेषज्ञ कैंसर चिकित्सा प्रक्रिया, चिकित्सा शिक्षा और शोध में मदद करेंगे। हर एक-दो माह में विशेषज्ञ भी दौरा करने, इलाज और अन्य सुविधाओं को बढ़ाने में मदद करेंगे। इसके अलावा ‘नव्या’ नाम एक ऑनलाइन पोर्टल मरीजों व उनके परिवारीजनों को इलाज में मदद करेगा। इस पोर्टल पर मरीज अपनी बीमारी के लक्षण की जानकारी देगा। इसी आधार पर 24 घंटे के अंदर मरीज को इलाज की सलाह व कौन से बेहतर तकनीक से इलाज से फायदा होगा, इसकी भी जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा एक ऑनलाइन कैंसर ट्यूटोरियल का भी शुभारंभ भी किया जाएगा।

60 बेड पर मरीजों की भर्ती शुरू की जाएगी
70 हजार लोग हर साल कैंसर का इलाज कराने जाते हैं मुंबई
20 फीसदी उत्तर प्रदेश के मरीज

ऑनलाइन सिस्टम से होगा लैस

कैंसर मरीजों के इलाज पर नजर रखने के लिए ऑनलाइन सिस्टमभी विकसित किया जाएगा। टाटा मेमोरियल कैंसर संस्थान के निदेशक डॉ. आर बडवे, डॉ. पंकज चतुर्वेदी, डॉ. कैलाश शर्मा ने एक डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट सौंपी है। इसके आधार पर चरणबद्ध तरीके से कैंसर संस्थान में सुविधाएं बढ़ायी जाएंगी।

इलाज में मिलेगी मदद

चकगंजरिया सुपर स्पेशिएलिटी कैंसर संस्थान के निदेशक प्रो. शालीन कुमार ने बताया कि नव्या पोर्टल से प्रदेश में कैंसर इलाज से जुड़े सभी विशेषज्ञ सहायता ले सकते हैं। इसका फायदा चिकित्सा की पढ़ाई कर रहे छात्रों को भी मिलेगा। इसमें उन्हें बीमारी, उसकेे लक्षण, इलाज के तरीकों और आधुनिक तकनीक की जानकारी मिल जाएगी।

 

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