सरकार ने अगर साफ छवि और बेहतर काम करने वाले अफसर का चयन किया तो प्रवीर कुमार होंगे यूपी के अगले चीफ सेके्रटरी

  • सबसे सीनियर और ईमानदार छवि के अफसर हैं प्रवीर कुमार
  • सूबे की नौकरशाही पर है अच्छी पकड़
  • राजस्व परिषद के अध्यक्ष स्प्रवीर कुमार ने किए हैं कई सराहनीय कार्य

संजय शर्मा
लखनऊ। यूपी की नौकरशाही की सबसे बड़ी कुर्सी पर तीस जून को किसकी ताजपोशी होगी इस पर सबकी निगाहें लगी हुई हैं। मौजूदा मुख्य सचिव राजीव कुमार खुद सेवा विस्तार नहीं चाहते हैं लिहाजा सरकार को उनका विकल्प तलाशना ही होगा। अगर सरकार ने वरिष्ठता और साफ-सुथरी छवि को ध्यान में रखा तो प्रवीर कुमार यूपी के अगले चीफ सेके्रटरी होंगे। चीफ सेके्रटरी पद के लिए 1984 बैच के कुछ अफसरों ने लखनऊ से लेकर दिल्ली तक, संघ से लेकर भाजपा के बड़े नेताओं तक अपनी सिफारिशें तेज करवा दी हैं मगर यदि इस बैच के किसी भी अफसर की इस पद पर ताजपोशी होती है तो 14 आईएएस अफसरों की वरिष्ठता को नजरअंदाज करना होगा जो इतना सहज नहीं है।
लोकसभा चुनाव के दृष्टिगत सरकार किसी ऐसे अफसर को चुनना चाहेगी जिसकी सामान्य छवि ईमानदार अफसर की हो और वह सरकार के महत्वपूर्ण निर्णयों का क्रियान्वयन तेजी से करवा सके। आम तौर पर सरकार इस बात का ध्यान रखती है कि वरिष्ठïता के क्रम को बहुत ज्यादा नजरअंदाज न किया जाए। अगर वरिष्ठïता को ध्यान में रखा जाए तो 1981 बैच के राजीव कुमार के रिटायर होने के बाद 1982 बैच का नंबर आता है। 1982 बैच के सबसे सीनियर अफसर प्रवीर कुमार हैं जो वर्तमान में अध्यक्ष राजस्व परिषद हैं। अपनी बेहतर और कठोर प्रशासनिक छवि के कारण उनके चीफ सेक्रेटरी बनने की संभावना सबसे ज्यादा है। खास बात यह है कि यूपी की पूरी आईएएस लॉबी जितने भी संभावित नाम हैं उनमें सबसे ज्यादा सम्मान प्रवीर कुमार का ही करती है। अध्यक्ष राजस्व परिषद रहते हुए उन्होंने सीएम योगी के प्रत्येक ग्राम सभा की जमीन को नक्शे पर ला देने जैसा सराहनीय काम भी किया। सूबे की नौकरशाही पर अच्छी पकड़ और अपने मृदु व्यवहार के लिए प्रसिद्घ प्रवीर कुमार के अगले चीफ सेक्रेटरी बनने की संभावना सबसे ज्यादा है। इनका कार्यकाल अभी एक वर्ष शेष है। 1982 बैच के जेएस सिंघल इस समय प्रतिनियुक्ति पर जेनेवा में हैं। वह वापस लौटेंगे इसकी संभावना कम ही है। तीसरे नंबर पर दीपक सिंघल इस समय आयुक्त एनसीआर में तैनात हैं। तेजतर्रार सिंघल रिवर फ्रंट की सीबीआई जांच के कारण इस दौड़ में थोड़ा पीछे हो गये हैं। श्री सिंघल का रिटायरमेंट मई 2019 में है। चौथे स्थान पर अवनीश श्रीवास्तव है जिनका रिटायरमेंट 2020 में है मगर उन्हें यूपी के किसी भी महत्वपूर्ण प्रशासनिक विभाग का अनुभव नहीं है। इसी बैच के चंद्र प्रकाश जून 2019 में रिटायर हो रहे हैं मगर इनके परिजन द्वारा बसपा से चुनाव लडऩे के कारण सरकार लोकसभा चुनाव में ऐसा कोई खतरा उठाएगी इसकी संभावना कम है। 1983 बैच के राजीव कपूर इसी वर्ष दिसंबर में रिटायर हो रहे हैं। वर्तमान में पिकप के अध्यक्ष रहे राजीव ने पिछले कई वर्षों से कोई भी महत्वपूर्ण दायित्व नहीं निभाया। अगला नंबर राहुल भटनागर का है। राहुल को सपा सरकार ने चीफ सेक्रेटरी बनाया था। रिवर फ्रंट से लेकर चीनी घोटालों में उनका नाम बहुत प्रमुखता से उछला। वह यूपी के सबसे विवादास्पद चीफ सेक्रेटरी रहे। वह सितंबर 2019 में रिटायर हो रहे हैं। इनके विवादास्पद और भ्रष्टïचार में लिप्त रहने की छवि को देखते हुए इस बात की संभावना बहुत कम है कि उनके नाम पर फिर विचार हो। इसी बैच के राजीव कुमार जमीन घोटाले में सजा काट चुके हैं लिहाजा उनके भी इस पद पर आने की कोई संभावना नहीं है। इसी बैच के चंचल तिवारी का रिटायरमेंट फरवरी 2019 में है मगर वह पंचायती राज में घोटालों के कारण इतने विवादों में आ गए थे कि अब उनका चीफ सेक्रेटरी बनाने का जोखिम सरकार नहीं लेगी। इस बैच के नवंबर 2019 में रिटायर होने वाले संजीव सरन और डॉ. ललित वर्मा भी अपनी छवि के कारण चीफ सेक्रेटरी की दौड़ में पिछड़ गये हैं। सबसे ज्यादा 1984 बैच की चर्चा है। इस बैच के सबसे सीनियर अनंत कुमार सिंह भारत सरकार में तैनात हैं और मार्च 2019 में रिटायर हो रहे हैं। मगर डीजीपी के ठाकुर होने के कारण चीफ सेक्रेटरी ठाकुर नहीं बनाया जा सकता। कुमार अरविंद सिंह देव जुलाई 2019 में रिटायर हो रहे हैं मगर वह सपा के बहुत करीबी माने जाते हैं, इसलिए उनकी संभावना कुर्सी के लिए खत्म हो जाती है। अगला नंबर दिसंबर 2021 में रिटायर हो रहे दुर्गाशंकर मिश्रा का है जो भारत सरकार में सचिव शहरी मंत्रालय हैं। यह पद बहुत अहम माना जाता है। इनकी तैनाती के लिए सबसे बड़ी बाधा उनका बसपा सुप्रीमो मायावती के करीब होना है। वह बसपा के शासनकाल में मायावती के प्रमुख सचिव थे। इन स्थितियों में लगता नहीं कि वह दिल्ली की अपनी शानदार पोस्टिंग छोडक़र वापस यूपी आयेंगे। इसके बाद नवम्बर 2019 में रिटायर हो रहे अनूप चन्द्र पांडेय का नाम आता है। इंवेस्टर मीट के शानदार आयोजन के कारण वह सीएम के बहुत करीब आ गए हैं। सीएम योगी उन पर भरोसा भी करते हैं। वह भी इस रेस में आगे बताए जा रहे हैं। मार्च 2022 रिटायर हो रहे संजय अग्रवाल भी इस रेस में सक्रिय हैं। दोनों उप मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव बन कर उन्होंने अपनी काबिलियत साबित की है।
उन्हें तेजतर्रार निर्णय के लिए भी जाना जाता है। वह भी इस कुर्सी की सक्रिय दौड़ में शामिल हैं। इसी बैच के फरवरी 2019 में रिटायर हो रहे शंभू नाथ शुक्ला और जुलाई 2019 में रिटायर हो रहे नेपाल सिंह रवि भी रेस से बाहर बताए जा रहे हैं। पूरे प्रदेश के नौकरशाहों की नजर इस

बात पर टिकी है कि लोकसभा चुनाव के मद्देनजर योगी सरकार इस महत्वपूर्ण पद पर किस अफसर को मौका देगी।

संघ कार्यालय तक का चक्कर लगा रहे अफसर

चीफ सेके्रटरी बनने के लिए कुछ नौकरशाह संघ और भाजपा के बड़े नेताओं की चरण वंदना में भी जुट गए हैं। एक साहब तो नागपुर तक हो आये। कुछ लोगों ने तो बाकायदा अपना एक बायोडाटा तैयार कराया है कि उन्होंने कब-कब संघ की मदद की। एक अफसर ने संघ के एक प्रचारक को बताया कि किस तरह उन्होंने शाखा लगवाने के लिए नेताओं की नाराजगी तक मोल ले ली थी, जाहिर है यह बड़ी कुर्सी अफसरों को भी नेताओं की तरह जुमलेबाजी सिखा रही है।

आलमबाग में मोबाइल कारोबारी की हत्या से मचा हडक़ंप

  • घर लौटते समय बदमाशों ने मारी गोली

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। एनकाउंटर के बाद भी अपराधियों के हौसले कम नहीं हो रहे हैं। राजधानी के आलमबाग थाना क्षेत्र में दुकान बंद कर घर जा रहे एक व्यापारी को बदमाशों ने गोली मार दी और फरार हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल को उपचार के लिए ट्रामा सेंटर भेजा जहां उसकी मौत हो गई। व्यापारी की हत्या से क्षेत्र में हडक़ंप मच गया है।
पारा के विक्रम नगर कॉलोनी निवासी रवि गुप्ता के बेटे करण गुप्ता की नाका स्थित गैलेक्सी होटल में मोबाइल की दुकान है। रविवार की देर रात करन दुकान बंद कर घर जा रहा था। आलमबाग के लोको कॉलोनी के पास बदमाशों ने उसको गोली मार दी। सूचना पर 100 डायल की गाड़ी मौके पर पहुंची और घायल करण को उपचार के लिए ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां पर उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई।

डीजल की बढ़ती कीमतों के खिलाफ ट्रक संचालकों की देशव्यापी हड़ताल

  • महंगाई बढऩे की आशंका, कमर्शियल और इंडस्ट्रियल सामान की ढुलाई रहेगी बंद

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
दिल्ली। ट्रक मालिकों और ऑपरेटरों ने डीजल की बढ़ती कीमतों और थर्ड पार्टी बीमा प्रीमियम में वृद्धि के खिलाफ आज से देश भर में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। हड़ताल के कारण सप्लाई चेन टूट गई है। यदि हड़ताल लंबे समय तक चली तो वस्तुओं की कीमतों में इजाफा होना तय हैं।
ऑल इंडिया कन्फेडरेशन ऑफ गुड्स ऑपरेटर्स एसोसिएशन की अगुवाई में ट्रांसपोर्टरों ने देशव्यापी बेमियादी हड़ताल शुरू कर दी है। इस दौरान खान-पान और दूसरी जरूरी चीजों की आपूर्ति जारी रहेगी, लेकिन सभी तरह की दूसरी कमर्शियल और इंडस्ट्रियल सामान की ढुलाई बंद रहेगी। कर्नाटक, केरल, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, पंजाब, राजस्थान, हिमाचल, उत्तराखंड और दिल्ली-एनसीआर में सप्लाई पर बुरा असर पड़ेगा। ऑल इंडिया कन्फेडरेशन ऑफ गुड्स व्हिकल्स ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष चन्ना रेड्डी ने बताया कि डीजल की बढ़ती कीमतों और थर्ड पार्टी बीमा प्रीमियम में वृद्धि के खिलाफ आज अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू हुई। देशभर में लगभग 60 फीसदी से ज्यादा ट्रक सडक़ों पर नहीं उतरे। इसका असर कई राज्यों में दिख रहा है।

 

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