माफिया के करीबियों के कत्ल की गुत्थी सुलझाने में नाकाम राजधानी की हाईटेक पुलिस

  • हत्याकांडों के कारणों का नहीं लग सका पता अपराधियों का आज तक नहीं मिला सुराग
  • खुलासे का इंतजार कर रही वारदातें, भागदौड़ के बावजूद नतीजा रहा सिफर

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ। छोटी-मोटी वारदातों का खुलासा करके अपनी पीठ थपथपाने वाली राजधानी की हाईटेक पुलिस जघन्य वारदातों के खुलासे में फिसड्डी साबित हो रही है। माफिया के करीबियों की हत्याओं का आज तक खुलासा नहीं हो सका है। आलम यह है कि पुलिस इन हत्याकांडों के कारणों तक का पता नहीं लगा सकी है। पुलिस टीमों की तमाम भागदौड़ और संदिग्धों से गहन पूछताछ के बाद भी इन मामलों में पुलिस के हाथ असफलता ही लगी है। हालांकि पुलिस आज भी दावा कर रही है कि मामले में जांच-पड़ताल चल रही है और जल्द ही अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
अपराधों पर लगाम लगाने में राजधानी पुलिस पूरी तरह नाकाम हो रही है। यहां बदमाश सरेराह और फिल्मी अंदाज में वारदातों को अंजाम देकर फरार हो रहे हैं लेकिन पुलिस को उनका सुराग तक नहीं मिल पा रहा है। चर्चित हत्याकांडों के खुलासे में पुलिस को सफलता नहीं मिल पा रही है। ये वारदातें आज भी पुलिस के लिये चुनौती बनी है। फिलहाल पुलिस इन घटनाओं को ठंडे बस्ते में डालने की तैयारी में जुट गयी है। हालांकि इन घटनाओं के खुलासे के लिये शुरूआती तौर पर पुलिस ने काफी माथापच्ची की थी। कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की लेकिन इस सबका नतीजा शून्य ही रहा।

चर्चित हत्याकांडों के खुलासे में पुलिस को सफलता नहीं मिल पा रही है। ये वारदातें आज भी पुलिस के लिये चुनौती बनी हैं। फिलहाल पुलिस इन घटनाओं को ठंडे बस्ते में डालने की तैयारी में जुट गयी है।

केस -1 एक दिसंबर 2017

एक दिसंबर 2017 की शाम को गोमतीनगर के कावेरी अपार्टमेंट में रहने वाले तारिक को गोलियों से भून दिया गया था। बाइक सवार बदमाशों ने इस घटना को तब अंजाम दिया था जब तारिक अपनी लग्जरी कार से गोमतीनगर के ग्वारी ओवरब्रिज पर जा रहा था। बाइक सवार बदमाशों ने बीच पुल पर उसकी गाड़ी को ओवरटेक करके रोक लिया और उस पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सरेशाम हुई इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में हडक़म्प मच गया था। पुलिस छानबीन में पता चला कि तारिक माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी के लिये काम करता था। मुन्ना बजरंगी का नाम जुडऩे के बाद पुलिस के लिये तारिक की हत्या क्यों और किसने की इस सवाल का जवाब तलाशना जरूरी हो गया लेकिन इस सवाल का जवाब पुलिस के लिये आज भी पहेली बना हुआ है। हालांकि घटना के कुछ दिनों बाद तक पुलिस टीमें लखनऊ से लेकर पूर्वांचल तक में डेरा डाले रखा लेकिन नतीजा शून्य रहा। पुलिस का कहना है कि मृतक तारिक की पत्नी ने गाजीुपर के रहने वाले लोगों पर हत्या का आरोप लगाते हुये मामला दर्ज कराया था। पुलिस सूत्रों का दावा है कि जिस समय तारिक की हत्या का मामला दर्ज कराने के लिये तारिक की पत्नी थाने पर पहुंची थी, मुन्ना बजरंगी की पत्नी भी मौजूद थी। यह बात काफी दिनों तक चर्चा का बिषय बनी रही कि आखिर माफिया डॉन की पत्नी को क्या जरूरत पड़ गयी थी कि उन्होंने अपनी मर्जी से तहरीर लिखी और तारिक की पत्नी की ओर से प्रस्तुत किया। फिलहाल एक दिसम्बर को हुयी इस घटना को हुए छह माह से ज्यादा का समय बीत चुका है मगर आज तक पुलिस इस घटना को सुलझाने में कामयाब नहीं हो सकी हैं।

जिन घटनाओं का खुलासा नहीं हुआ है उनके खुलासे के लिये क्राइम ब्रांच को लगाया गया है। टीमें लगातार इन घटनाओं के खुलासे के लिये लगी हुयी हैं। जल्द ही इनका खुलासा होगा।
-दीपक कुमार, एसएसपी

केस -2
7 मार्च 2016
राजधानी में दो वर्ष पहले विकासनगर क्षेत्र में माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी के साले की हत्या हुई थी। 7 मार्च 2016 को विकासनगर के रहने वाले पुष्पजीत अपने एक साथी संजय मिश्रा के साथ कार से किसी पार्टी से विकासनगर आ रहा था। इसी दौरान वहां बाइक सवार बदमाशों ने दोनों को फिल्मी स्टाइल में गोलियां चलाकर मौत की नींद सुला दिया था। पुलिस को जब पता चला कि जिस पुष्पजीत की हत्या हुयी है वह माफिया डॉन का साला है तो वह तेजी से सक्रिय हुई। घटना के तार को पूर्वांचल से जोडक़र देखा गया। पुलिस ने पूर्वांचल में सक्रिय माफिया गैंग के सदस्यों के मोबाइल फोनों को सर्विलांस पर लिया। कुछ दिन तक पुलिस ने इस हत्याकाण्ड के खुलासे के लिये हाथ-पैर मारे लेकिन नतीजा शून्य रहा। दोनों ही हत्याकांड रहस्य बनकर रह गयी है।

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