एक पखवाड़े से अधिक जांच उपकरण खराब रहने पर कंपनी को भरना होगा जुर्माना

  • लोहिया संस्थान ने कंपनियों पर लगाम लगाने के लिए बदले नियम

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। गोमतीनगर स्थित लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में पैथोलॉजी जांच की व्यवस्था को चाक चौबंद करने जा रहा है। इसके तहत जांच में प्रयोग होने वाले रीजेंट खरीदने के बदले मुफ्त मशीन लगाने के नियम में परिवर्तन किया है। नये नियमों के अनुसार जांच करने वाला उपकरण अगर 15 दिन से ज्यादा खराब रहता है, तो उस पर 2000 रुपये प्रतिदिन जुर्माना लगा दिया जाएगा। इस कार्रवाई में कोई कोताही बरती नहीं जाएगी।
लोहिया संस्थान की पैथोलॉजी, बायोकेमेस्ट्री, माइक्रोबायोलॉजी समेत दूसरे विभागों में जांच के लिए काफी संख्या में उपकरण लगे हैं। संस्थान में कंपनियों ने मुफ्त मशीनें लगा रखी हैं। इसके लिए यह शर्त है कि जांच के लिए रीजेंट उसी कंपनी से ही खरीदेंगे। अधिकारियों का कहना है कि अभी तक उपकरणों के खराब होने व उसकी मरम्मत को लेकर कोई ठोस रणनीति नहीं बनी थी। उपकरण खराब होने पर कंपनियां मनमर्जी से ठीक कराती थीं। इस दौरान जांच की वैकल्पिक व्यवस्था न होने पर मरीज बाहर से जांच कराने को मजबूर होता था। सबसे ज्यादा परेशानी दूर-दराज से आने वाले मरीजों को भुगतनी पड़ती थी। नए नियम के मुताबिक यदि कोई मशीन 15 दिन खराब रहती है तो उस पर कोई कार्रवाई नहीं होगी, लेकिन इससे अधिक दिन मशीन खराब रहती है तो 2000 रुपये प्रतिदिन जुर्माना वसूला जाएगा।

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