लोकसभा चुनाव: साइबर योद्धाओं के सहारे जंग फतह करने की तैयारी में भाजपा

  • सोशल मीडिया के जरिए युवा पीढ़ी में पैठ बनाने की कोशिशें तेज
  • भाजपा की साइबर सेना देगी विपक्षी दलों के हमलों का जवाब
  • उत्तर प्रदेश सरकार ने शुरू किया सोशल मीडिया हब
  • केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों का किया जाएगा बखान

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर भाजपा बेहद सतर्क हैं। उपचुनाव के परिणामों से चिंतित भाजपा जातीय समीकरण साधने के साथ युवाओं में अपनी पैठ बनाने में जुट गई है। इसके लिए उसने साइबर योद्धाओं को तैयार करने की रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है। सोशल मीडिया के जरिए भाजपा सरकार की उपलब्धियों का बखान करेगी बल्कि विपक्ष के तमाम वारों का भी जवाब देगी।

लोकसभा चुनाव 2019 की जंग में भाजपा को सबसे अधिक भरोसा अपने साइबर योद्धाओं पर है। सूचना तकनीकि के बढ़ते दायरे, युवाओं की राजनीति में बढ़ती दिलचस्पी और छोटी-बड़ी सूचनाओं को जनता में त्वरित ढंग से पहुंचाने की सोशल मीडिया की ताकत को देखते हुए भाजपा ने उत्तर प्रदेश में साइबर स्पेस में अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराने के मकसद से पार्टी संगठन और सरकार दोनों ही स्तर पर मोर्चा तैयार किया है। सरकारी स्तर पर सोशल मीडिया हब जहां सरकार की हर गतिविधि को पलक झपकते ही जनता के बीच पहुंचाने का काम करेगा तो दूसरी ओर पार्टी स्तर पर बनाया गया आईटी सेल विपक्षी दलों के संदेशों का आक्रामक ढंग से काउंटर करने के साथ ही नए युवाओं को सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी ओर जोडऩे का काम करेगा। उत्तर प्रदेश सरकार ने एक साल से अधिक का कार्यकाल पूरा कर लेने के बाद सोशल मीडिया हब की शुरुआत की है। यह सोशल मीडिया हब फेसबुक, ट्विटर, वाट्सऐप, इंस्टाग्राम जैसे सोशल माध्यमों पर सक्रियता के साथ उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्र की मोदी सरकार की उत्तर प्रदेश से जुड़ी उपलब्धियों को लगातार जनता के बीच ले जाने का काम करेगा। दरअसल, गोरखपुर और फूलपुर के बाद कैराना और नूरपुर के उपचुनाव में मिली हार के बाद भारतीय जनता पार्टी के जिम्मेदार नेताओं की राय यह बनी है कि उन्होंने एक वर्ष में काम तो बहुत किया लेकिन जनता तक वे अपने कामों को पहुंचा नहीं पाए हैं। इसलिए अपने कामकाज का ब्यौरा युद्धस्तर पर लोगों के बीच ले जाने के मकसद से सरकार ने लोकभवन में सोशल मीडिया हब का संचालन शुरू किया है, जिसमें अनुभवी सोशल मीडिया एक्सपट्र्स की नियुक्ति की गई है।

पार्टी का आईटी सेल तैयार करेगा एक्सपर्ट

एक ओर जहां सरकार अपनी योजनाओं को जनता के बीच ले जाने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रियता बढ़ा रही है वहीं दूसरी ओर पार्टी स्तर पर भी सोशल मीडिया पर सक्रियता बढ़ाने के लिए भाजपा का आईटी सेल सक्रिय हो गया है। पार्टी ने पूरे उत्तर प्रदेश में दो लाख से अधिक युवाओं को अपने साथ जोडक़र उन्हें सोशल मीडिया पर चलने वाले अभियान में हिस्सा बनाने का निर्णय लिया है। पार्टी इस बात की रणनीति तैयार करने में जुटी है कि उसकी साइबर सेना का सदस्य बूथ लेवल तक सक्रिय हो। बूथ स्तर तक सोशल मीडिया की टीम तैयार की जा रही है। पार्टी स्कूलों, कॉलेजों के विद्यार्थियों के बीच अपनी पैठ बढ़ाने के लिए भी सोशल मीडिया का सहारा लेगी। पार्टी ने दस जुलाई तक मंडल और जिला स्तर तक आईटी सेल के गठन की प्रक्रिया को पूरा कर लेने का लक्ष्य रखा है। आईटी सेल की सक्रियता बढ़ाने के मकसद से कार्यकर्ताओं को लगातार प्रशिक्षण भी दिये जा रहे हैं। इन कार्यकर्ताओं को जहां पार्टी और सरकार की उपलब्धियों को फैलाने की जिम्मेदारी सौंपी जा रही है तो दूसरी ओर विपक्षी दलों के प्रचार अभियान का तत्काल काउंटर करने की भी जिम्मेदारी रहेगी।

विपक्ष भी सक्रिय

सोशल मीडिया पर भाजपा इसलिए भी सक्रिय होती दिखाई दे रही है क्योंकि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने जिस तरह से पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है वह भाजपा के लिए कई बार परेशानी का भी कारण बनती दिखी। ऐसी पार्टियां जो कभी अत्याधुनिक प्रचार साधनों की बजाय परंपरागत तौर तरीकों से प्रचार अभियानों को अधिक महत्व देती थीं। उन्होंने भी साइबर स्पेस पर अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज करानी शुरु कर दी है। भाजपा जानती है कि हर हाथ में मोबाइल ने एक ऐसी क्रांति को हवा दी है, जहां कोई भी पार्टी युवाओं तक आसानी से अपना संदेश भेज सकती है और अपनी पैठ जमा सकती है। ऐसे में अगर इस प्लेटफार्म पर उसने मजबूत किलेबंदी नहीं की तो 2019 की जंग बेहद मुश्किल हो जायेगी।

Pin It