4 पीएम ने दिखायी अखिलेश यादव के घर की असली तस्वीर तो राजनैतिक गलियारे में मचा हडक़ंप, सपा मुखिया ने 4 पीएम के फोटोग्राफर को कहा शुक्रिया

  • सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अखिलेश ने खाली किया था सरकारी बंगला
  • सपा मुखिया पर बंगले में तोडफ़ोड़ के आरोपों के बाद गहराया विवाद
  • 4पीएम की तस्वीरों ने सार्वजनिक की बंगले की हकीकत

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ। सपा के राष्टï्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बंगले को लेकर जैसे ही 4पीएम ने तस्वीरों के जरिए हकीकत बयां की राजनैतिक गलियारे में हडक़ंप मच गया। घर की असली तस्वीर सामने आने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री खुद को रोक नहीं सके और उन्होंने 4पीएम के फोटोग्राफर का शुक्रिया अदा किया।

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा सरकारी बंगला छोडऩे के बाद यह विवाद शुरू हुआ। अखिलेश ने जैसे ही राज्य संपत्ति विभाग को बंगले की चाबी सौंपी, इस बंगले को मीडिया के लिए खोल दिया गया। इसके बाद से विवाद शुरू हुआ। सपा मुखिया पर बंगले में तोडफ़ोड़ करने के आरोप लगाए जाने लगे। राज्यपाल रामनाईक ने योगी सरकार से इस मामले की जांच कराने के लिए पत्र तक लिखा। इसी दौरान 4पीएम ने बंगले की हकीकत बयां करती तस्वीरों को प्रकाशित किया। इन तस्वीरों के सार्वजनिक होने के बाद राजनैतिक गलियारे में हडक़ंप मच गया। अखिलेश के बंगला छोडऩे के तुरंत बाद सुमित कुमार बंगले पर गए थे और तस्वीरें ली थी। बंगले में स्वीमिंग पूल न होने की पुष्टिï तस्वीरें कर रही हैं। हालांकि जिम में तोड़-फोड़ के निशान मिले थे। इसके अलावा यहां से एसी हटाया गया था। इन तस्वीरों के सार्वजनिक होने के बाद खुद पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रेस कांन्फ्रेंस कर सफाई पेश की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार उनको बदनाम करने की कोशिश कर रही है। यह ड्रामा वे लोग कर रहे हैं जो गोरखपुर और फूलपुर समेत चार चुनाव की हार बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हर इंसान अपनी पसंद से मकान बनवाता है। उस समय यह व्यवस्था थी कि जो पूर्व मुख्यमंत्री होगा उसका निजी मकान होगा इसलिए मैंने अपनी पसंद से मकान बनवाया था। मेरे बंगले में कोई स्विमिंग पूल नहीं था। हां, जो चीज मेरी थी मैं उसे ले गया। इसी दौरान अखिलेश ने 4पीएम के फोटो ग्राफर सुमित कुमार को बंगले की हकीकत दिखाने के लिए धन्यवाद दिया।

मैं फोटो ग्राफर सुमित कुमार (एसके) को धन्यवाद अदा करता हूं। सुमित ने घर के अंदर जाकर एक-एक स्थान देखा और सही तस्वीर पेश की।
अखिलेश यादव पूर्व मुख्यमंत्री

एबीपी न्यूज ने दिखाया सुमित का इंटरव्यू

एबीपी न्यूज को दिए इंटरव्यू में 4पीएम के फोटोग्राफर सुमित कुमार ने बताया कि मैं जब अखिलेश यादव के सरकारी बंगले पर पहुंचा तो सारे कमरे खुले थे। मीटिंग हाल में टेबल-कुर्सियां नहीं थी। जिम का एरिया टूटा-फूटा था। बंगला पूरी तरह सही सलामत था। बाथरूम के नल वगैरह लगे थे। यहां सबकुछ पूर्ववत था। बंगले से एसी निकाला गया था। कुल मिलाकर जैसाकि सोशल मीडिया पर चल रहा था कि अखिलेश यादव टाइल्स और मार्बल निकाल ले गए ऐसा कुछ भी वहां दिखाई नहीं पड़ा।

तय समय पर होगी पीसीएस मेंस परीक्षा

  • सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाने से किया इंकार याचिका खारिज

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ। सुप्रीम कोर्ट ने 18 जून से शुरू होने जा रही यूपी लोक सेवा आयोग की मुख्य परीक्षा पर रोक लगाने से इंकार कर दिया है। साथ ही कोर्ट ने प्रारंभिक परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को बरकरार रखा है। धर्मेंद्र सिंह सहित अन्य की याचिकाओं पर मंगलवार को न्यायमूर्ति यूयू ललित और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की खंडपीठ में सुनवाई हुई थी जिस पर आज फैसला आया है।

उप्र लोकसेवा आयोग से जनवरी 2018 में जारी पीसीएस (प्रारंभिक) परीक्षा 2017 के परिणाम को 120 याचियों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। याचियों ने 14 प्रश्नों पर आपत्ति दर्ज कराई थी जिसमें कोर्ट ने एक प्रश्न को रद करने व दो के उत्तरों में बदलाव कर आयोग को संशोधित परिणाम जारी करने का निर्देश दिया था। आयोग ने परिणाम संशोधित नहीं किया बल्कि शीर्ष कोर्ट में एसएलपी दाखिल कर दी थी।

स्वाभिमान के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं: सीएम योगी आदित्यनाथ

  • प्रहरी पत्रिका के युवा शौर्य विशेषांक का किया विमोचन

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ। देश भर में आज महाराणा प्रताप की जयंती मनाई जा रही है। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोमतीनगर स्थित आईएमआरटी मैनेजमेंट कालेज में प्रकाश अवध प्रहरी पत्रिका के ‘युवा शौर्य विशेषांक’ का विमोचन किया। साथ ही महाराणा प्रताप के जीवन, विचारों और उनके संघर्षों को समझने में पत्रिका की भूमिका की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराणा प्रताप अपने काल के सबसे महान योद्घा थे। उन्होंने हमेशा अपने स्वाभिमान और सम्मान को बनाये रखा, इसलिए युवा पीढ़ी को समझना होगा कि महान अकबर नहीं था बल्कि महाराणा प्रताप महान थे।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अकबर चाहता था कि महाराणा प्रताप उसको एक बार बादशाह कह दें। उसका ये संदेश महाराणा प्रताप के पास ले जाने वालों में जयपुर के राजा मान सिंह भी शामिल थे। लेकिन भारत माता के महान सपूत ने अकबर का प्रस्ताव कभी स्वीकार नहीं किया। अकबर के साथ स्वाभिमान, सम्मान गिरवी रखने वाले राजा भी थे। लेकिन महाराणा प्रताप ने स्वाभिमान, सम्मान को अपने छोटे से राज्य के साथ जीवित रखा। उन्हें स्वाभिमान के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं था।

 

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