चार चुनाव हारने की तकलीफ बर्दाश्त नहीं कर पा रहे लोग मुझे कर रहे बदनाम: अखिलेश

  • मकान में जो चीज मैंने लगवाई थी वह ले गया, जनता सिखाएगी सबक
  • कहा, राज्यपाल के ऊपर कभी-कभी आ जाती है आरएसएस की आत्मा
  • छात्रों को अपने संसाधन से बांटे लैपटॉप
  • सुप्रीम कोर्ट का करता हूं सम्मान, सरकारें करती हैं षडय़ंत्र

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ। सपा के राष्टï्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सरकारी बंगले में तोडफ़ोड़ का मामला गरमाता जा रहा है। इस मामले पर आज पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार उनको बदनाम करने की कोशिश कर रही है। यह ड्रामा वे लोग कर रहे हैं जो गोरखपुर और फूलपुर समेत चार चुनावों की हार बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हर इंसान अपनी पसंद से मकान बनवाता है। उस समय यह व्यवस्था थी कि जो पूर्व मुख्यमंत्री होगा उसका निजी मकान होगा इसलिए मैंने अपनी पसंद से मकान बनवाया था। बंगला खाली करने के बाद मुख्यमंत्री के ओएसडी अभिषेक और मृत्युंजय कुमार वहां पहुंचे थे और मोबाइल से रिकॉर्डिंग की थी। आज हमारी सरकार नहीं है तो हमारे बंगले की टोटियां दिखाई जा रही हैं। कल हमारी सरकार आई तो अफसरों को चिलम मिल जाएगी। वे कहेंगे कि जो घर खाली करके गए हैं वहां से हमको चिलम मिली है।

गरीबों की चिंता करते हैं राज्यपाल: स्वतंत्र देव
राज्यपाल रामनाईक पर अखिलेश की टिप्पणी पर मंत्री स्वतंत्र देव ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राज्यपाल गरीबों की चिंता करते हैं। उन पर किसी को भी टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है। आरएसएस एक पवित्र संगठन है। मैंने आज तक किसी सांसद या विधायक को टोटी उखाड़ कर ले जाते नहीं सुना। ऐसा पहली बार हुआ और यह मीडिया में सुर्खियां बनी।

अनुचित है तोडफ़ोड़: राज्यपाल
राज्यपाल रामनाईक ने कहा था कि जनता के पैसों से सरकारी बंगलों का रखरखाव होता है। बंगला खाली करने से पहले की गई तोडफ़ोड़ बहुत गंभीर मामला है, ऐसे में इस पर विधिसम्मत कार्रवाई की जानी चाहिए। राज्यपाल ने शासन को लिखे पत्र में कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सरकारी बंगले में खाली करने से पहले की गई तोडफ़ोड़ गंभीर मामला है। इसमें सरकारी संपत्ति को नुकसान पंहुचाया गया है।

अखिलेश यादव आज नल की टोटी लेकर मीडिया के सामने पहुंचे और कहा कि सबसे पहले मैं टोटी वापस करना चाहता हूं। अगर सरकार को लगता है कि मैं टोटी लेकर चला गया हूं तो मैं पूरी की पूरी टोटी देने को तैयार हूं। हमें बताइए कि हमारे घर में स्विमिंग पूल कहां था। मुख्यमंत्री भी पुष्पक विमान से हमारे घर के ऊपर से गुजरते हैं उनकी निगाह भी मकान पर रही होगी। भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि सपा सरकार ने एक्सप्रेस-वे बनवाया। मेट्रो बनवाई और वर्तमान सरकार टेंडर पर टेंडर कैंसिल कर रही है। पुरानी सरकार को धन्यवाद तक नहीं दिया न ही बनाने वाले को धन्यवाद दिया। हमने अपने संसाधनों से बच्चों को लैपटॉप बांटे और आप कह रहे हैं हमने टोटियां ले ली हैं। उन्होंने कहा कि जो चीज मेरी थी मैं ले गया। राज्यपाल रामनाईक पर निशाना साधते हुए अखिलेश ने कहा कि राज्यपाल बहुत अच्छे आदमी हैं पर उनके ऊपर कभी-कभी आरएसएस की आत्मा आ जाती है इसमें मैं क्या कर सकता हूं। उनको किसी ने बता दिया कि हमारे घर के निर्माण में 42 करोड़ खर्च हुये। तभी उन्होंने सरकार को जांच के लिए पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि यह सब चार चुनाव हारने की तकलीफ है। जनता ऐसे लोगों को सबक सिखाएगी। मैं सुप्रीम कोर्ट का सम्मान करता हूं पर सरकारें षड्यंत्र करती हैं।

ब्रजेश पाठक ने एक दर्जन पार्षदों के साथ नगर विकास मंत्री को सौंपा ज्ञापन

  • कैबिनेट मंत्री ब्रजेश पाठक समेत एक दर्जन पार्षदों ने उठाए कई मुद्दे

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ। नगर निगम की खराब आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए आज कैबिनेट मंत्री ब्रजेश पाठक समेत एक दर्जन से अधिक पार्षदों ने नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना से मुलाकात की। इस दौरान नगर विकास मंत्री को जनसुविधाओं को बेहतर करने के लिए सुझाव पत्र दिया गया।

पार्षदों ने नगर विकास मंत्री को दिए पत्र में अवगत कराया कि राज्य वित्त आयोग का पैसा निगम कर्मचारियों को वेतन और पेंशन देने के लिए मिलता है लेकिन पूर्व सरकार ने नगर निगमों को कमजोर करने के लिए राज्य वित्त आयोग का पैसा काट कर एसटीपी के संचालन के लिए जल निगम को दिया था। पार्षदों ने आरोप लगाया कि उस समय अधिकतर महापौर भाजपा के थे इसलिए एसटीपी के संचालन की कटौती के कारण नगर निगम को प्रतिवर्ष 100 से 120 करोड़ का घाटा हो रहा है। पार्षदों ने बताया कि अवस्थापना मद में रजिस्ट्री की आय से नगर निगम को 2 प्रतिशत मिलता है। नोटबंदी के बाद रजिस्ट्री बहुत कम हो रही है। इस कारण नगर निगम को प्रतिवर्ष लगभग 60 करोड़ रुपया कम मिल रहा है। प्रदेश में 74वां संविधान संशोधन लागू करने समेत अवश्यकता के अनुसार सफाई कर्मचारियों की भर्ती की मांग की। इसके अलावा पार्षदों ने अन्य मुद्दे भी उठाए।

मैनपुरी में अनियंत्रित होकर पलटी बस, 17 की मौत, 32 घायल

  • हादसे से दुखी सीएम योगी ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख देने की घोषणा की

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ। जयपुर से सवारियां लेकर छिबरामऊ जा रही डबल डेकर प्राइवेट बस मैनपुरी जिले के करहल थाना क्षेत्र के गांव किरतपुर के पास आज सुबह अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में 17 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 32 घायल हो गए। मरने वालों में ज्यादातर उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद व कन्नौज जिले के बताए जा रहे हैं। इनमें कई जयपुर में मजदूरी करते हैं और ईद का त्योहार मनाने अपने घर आ रहे थे।

प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने बस दुर्घटना में यात्रियों की मौत पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने हादसे में मरने वालों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये के आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही अधिकारियों को घायलों का समुचित उपचार कराने के निर्देश दिए हैं। बताया जाता है कि डबल डेकर बस में यात्री सीट पर बैठने के साथ छत पर भी बैठे थे। करहल के पास अचानक संतुलन बिगडऩे से बस डिवाइडर से टकराकर पलट गई। राहत और बचाव कार्य किया जा रहा है।

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