बदमाशों के सॉफ्ट टारगेट बने राजधानी के सर्राफा कारोबारी, सुरक्षा देने में पुलिस को आ रहा पसीना

  • आए दिन बदमाश कर रहे लूटपाट और ठगी, मामला दर्ज कर भूल रही पुलिस
  • व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठï बना शो पीस, दहशत में है सर्राफा व्यापारी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ। राजधानी में सर्राफा कारोबारियों की सुरक्षा भगवान भरोसे हैं। वे बदमाशों के सॉफ्ट टारगेट बन चुके हैं। यही वजह है कि इनके साथ आए दिन लूटपाट और ठगी की घटनाएं हो रही है। वहीं दूसरी ओर पुलिस मामले दर्ज कर भूल जाती है। घटनाओं के खुलासे में पुलिस का रवैया बेहद लापरवाही भरा है। यह स्थिति तब है जब प्रत्येक जिले में व्यापारियों की सुरक्षा के लिए सुरक्षा प्रकोष्ठï का गठन किया गया है। यह प्रकोष्ठï केवल शो पीस बनकर रह गया है। पुलिस की लापरवाही के कारण बदमाशों के हौसले बुलंद हैं। पुलिस की इस कार्यशैली से व्यापारियों में आक्रोश है।

महिला चोर भी पीछे नहीं

महिला चोर भी सर्राफा कारोबारियों को निशाना बना रही हैं। घटना 21 मई की है। बाराबंकी के गणेशपुर निवासी हर्षित जैन की मुंशी पुलिया के पास स्थित शिवा पैलेस में अरिहन्त ज्वैलर्स के नाम से सोने-चांदी की दुकान है। घटना वाले दिन हर्षित जैन घर पर खाना खाने गये थे और दुकान पर इनकी बहन निमिषा बैठी थीं। उसी समय दुकान पर एक महिला आयी और उसने निमिषा से सोने की नथ दिखाने की बात की। निमिषा नथ का डिब्बा लेकर आयी और इसके बाद फिर महिला ने दूसरे गहने दिखाने की बात की और जब वह उसको लेने गयी तो महिला नथ चुराकर भाग गई। पुलिस आज तक उस महिला को पकड़ नहीं पायी है।

बदमाश आए दिन राजधानी के सर्राफा कारोबारियों को निशाना बना रहे हैं। खुलेआम दुकानों और शो रूम में घुसकर असलहों के दम पर लूट की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। लूटपाट कर वे आराम से फरार हो जाते हैं। वहीं पुलिस का रवैया बेहद परेशान करने वाला है। व्यापारी जब लूट की वारदात दर्ज कराने थाने पहुंचता है तो मामला दर्ज करने में आनाकानी की जाती है। यही नहीं मामला दर्ज कर पुलिस हाथ पर हाथ धरकर बैठ जाती है। लिहाजा घटना का खुलासा होने में काफी देर हो जाती है। पुलिस की इस लापरवाही के कारण बदमाशों के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं और वे सर्राफा कारोबारियों को लगातार निशाना बना रहे हैं। सरकार द्वारा व्यापारियों की सुरक्षा के लिये गठित व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ भी सक्रिय नहीं है। वारदातों के कारण कारोबारियों में दहशत का माहौल है। ऐसी ही घटना पिछले दिनों गोसाईगंज में घटी थी। 29 मार्च को गोसाईगंज थाना क्षेत्र में सर्राफा कारोबारी गोपी गुप्ता की संतोष ज्वैलर्स की दुकान है। गोपी अपनी दुकान बंद कर घर आ रहे थे। कार में उनके साथ उनका बेटा संतोष, कारीगर ललित और नौकर पवन भी था। गोपी ने सांई मंदिर पर दर्शन करने के लिये कार रोकी। वह मंदिर में चले गये। तभी कार सवार बदमाश पहुंचे और उनके बेटे संतोष के पास मौजूद गहनों से भरा बैग असलहे के बल पर लूट लिया और फरार हो गये। पुलिस ने किसी तरह मामला दर्ज किया। इस मामले का अभी तक खुलासा नहीं हो सका है। इसी तरह 31 मार्च को बदमाशों ने एक और सर्राफ को निशाना बनाया। तेलीबाग के सेक्टर पांच निवासी राजेन्द्र सोनी लक्का की मोहनलालगंज चौराहे पर दुकान है। घटना वाले दिन वह अपनी दुकान बंद करके बुलेट मोटरसाइकिल से घर आ रहे थे। घर के पास मौजूद बदमाशों ने उनकी बाइक में टक्कर मारकर उन्हें गिरा दिया और बैग में रखे सोने-चांदी के गहने लेकर फरार हो गये। जब वे अपने साथ हुयी घटना की जानकारी देने पीजीआई थाने पहुंचे तो वहां पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने पूरे मामले को टप्पेबाजी की घटना बता दिया। पुलिस ने आज तक उनका मामला नहीं दर्ज किया है। कुल मिलाकर इन घटनाओं पर किसी प्रकार का अंकुश नहीं लग पा रहा है।

“व्यापारियों की सुरक्षा के लिए प्रत्येक जिले में व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ का गठन किया गया है। इसके प्रभारी को डीजीपी की ओर से सख्त हिदायत दी गई है कि वह प्रत्येक माह व्यापारियों के साथ बैठक कर उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी हासिल करें। यदि किसी जिले में बैठक नहीं हो रही है तो संबंधित जिले के अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। 
-प्रवीण कुमार, डीआईजी, कानून व्यवस्था

“सर्राफा व्यापारी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। इनके साथ आए दिन लूटपाट की घटनाए हो रही हैं। पुलिस कई बार घटनाओं का खुलासा करती है लेकिन बदमाशों से लूट का कितना माल बरामद हुआ, इसकी जानकारी नहीं देती है। सर्राफा व्यापारियों की सुरक्षा को लेकर एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल कई बार डीजीपी और एडीजी कानून-व्यवस्था से मिल चुका है लेकिन वहां से केवल आश्वासन ही मिलता है।
प्रदीप अग्रवाल, महामंत्री
सर्राफा व्यापार एसोसिएशन

“व्यापारियों की सुरक्षा के लिये व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ का गठन किया गया है। जिले के एएसपी को इसका प्रभारी बनाया गया है मगर इस प्रकोष्ठ को जितने प्रभावी ढंग से काम करना चाहिये यह काम नहीं कर रहा है। व्यापारियों ने डीजीपी ओपी सिंह से इस मामले पर कई बार बात की लेकिन कोई हल नहीं निकला।
-संदीप बंसल, अध्यक्ष
अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल

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