पुलिस 10 घंटे रखे हिरासत में तो कोई भी कह देगा कि मेरा मानसिक संतुलन है खराब मगर इंसाफ अभी बाकी है एसपी गोयल जी

  • सीएम के प्रमुख सचिव पर घूस के आरोप लगाने वाले युवक का 10 घंटे तक मानसिक उत्पीडऩ किया पुलिस ने और तभी छोड़ा जब एक वीडियो बनाकर उससे कहलवाया कि मैंने एसपी गोयल पर लगाए थे गलत आरोप 
  • बड़ा सवाल यह कि एफआईआर में एसपी गोयल की घूस का जिक्र नहीं तो फिर पुलिस को क्या जरूरत पड़ी थी कि अपनी हिरासत में तैयार करवाए ऐसा वीडियो
  • एसपी गोयल को हटाने की जगह पूरी सरकार उतरी गोयल के बचाव में, न जाने क्यों कुछ लोग लगा रहे हैं सीएम की साख पर बट्टा
 संजय शर्मा
लखनऊ। अगर मेरे और आपके घर के किसी भी नौजवान को पुलिस उठा ले तो 10 घंटे बाद वह नौजवान और हम-आप वही कहेंगे जो दारोगा जी डंडा हाथ में लेकर कहलवाना चाहते हैं। न जाने कितने प्रार्थनापत्र पुलिस के पास पड़े होंगे कि अमुक व्यक्ति ने किसी और का नाम लेकर धमकाया। मगर पुलिस ऐसे प्रार्थनापत्र को कूड़े के ढेर में फेंक देती है। मगर जब एक नौजवान ने सीएम के प्रमुख सचिव पर 25 लाख रुपए घूस मांगने का आरोप लगाया और राज्यपाल ने इसकी जांच के लिए सीएम को पत्र भेजा जो लगभग सवा महीने बाद वायरल हुआ तो इस नौजवान को सबक सिखाने के लिए लखनऊ पुलिस इतनी तत्पर हो गई जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। यह पूरा घटनाक्रम उस मुख्यमंत्री के दामन पर दाग लगा गया जिसकी छवि अब तक ईमानदार सीएम की रही है। सामान्यजन भी यह नहीं समझ पा रहे कि एसपी गोयल में ऐसा क्या खास है, जिसकी वजह से सीएम योगी अपने दामन पर छीटें पडऩे दे रहे हैं।
 
पुलिस ने जब शुक्रवार की सुबह इस नौजवान को उठाया तो उसके पीछे भाजपा के प्रदेश प्रभारी की वह चिट्ठी थी जिसमें कहा गया था कि यह व्यक्ति भाजपा का नाम लेकर बदनाम कर रहा है, मगर पुलिस ने इस बेकसूर नौजवान को घर से ऐसे उठाया जैसे किसी कुख्यात शातिर अपराधी को पकड़ा जा रहा हो। जो परिवार इस बात से परेशान था कि उसके प्रार्थनापत्र पर कुछ हो नहीं रहा है वह अपने परिवार के सदस्य को इस तरह पुलिस हिरासत में देखकर पसीने-पसीने हो गया। पंडित दीनदयाल उपाध्याय के साथ काम करने वाले अभिषेक के बुजुर्ग नाना और उसकी बहन तपती दोपहरी में सीएम के घर के बाहर उनसे मिलने और अपने बच्चे को छुड़ाने की गुहार करते रहे। 
 
इस गुहार का तंत्र पर कोई असर नहीं पड़ा। सूत्रों का कहना है कि अभिषेक के नाना को समझाया गया कि इतने बड़े लोगों से पंगा लेना ठीक नहीं। अभिषेक तो तभी छूटेगा जब वह कहेगा कि एसपी गोयल पर उसने गलत आरोप लगाए थे वरना उस पर इतनी धाराएं लगा दीं जायेंगी कि उसका भविष्य चौपट हो जायेगा। कोई रास्ता न देखकर इस परिवार ने वही किया  और पुलिस ने देर रात वीडियो जारी किया जिसमें अभिषेक कह रहा है कि उसका मानसिक संतुलन गड़बड़ा गया था इसीलिए उसने यह आरोप लगाए हैं, मगर इस वीडियो में भी पुलिस आखिरी समय पर चूक कर गई जब अभिषेक ने गोयल का नाम नहीं लिया तो पीछे से कडक़ती आवाज आई कि किसका नाम…. इस पर अभिषेक ने कहा, एसपी गोयल। यह वीडियो लगभग उसी तरह का था जिस तरह किसी खूंखार बदमाश को पकडऩे के बाद पुलिस कस्टडी में उसका बयान लिया जाता है। 
 
यहीं नहीं पुलिस के पास इस बात का भी कोई जवाब नहीं है कि जब अभिषेक की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी तो उसे मानसिक अस्पताल की जगह घर क्यों भेजा गया और उसके साथ चार गार्ड आखिर किस कारण से लगाए गए।
 
यह पूरा घटनाक्रम सीएम के दफ्तर पर एक बदनुमा दाग लगा गया है और यह तय है कि अगर एसपी गोयल को पंचम तल से नहीं हटाया गया तो सीएम को इसका नुकसान अपनी छवि खराब करने के रूप में उठाना पड़ेगा।
 
इस मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा है। कानून तो व्हिसल ब्लोअर को सुरक्षा देता है लेकिन इस मामले में सूचना देने वाले को ही गिरफ्तार कर लिया गया। यह बेहद शर्मनाक है।
-राजबब्बर,  प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस
सरकार ने शिकायतकर्ता के पीछे ही पुलिस लगा दी। इस मामले की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए। 
-संजय सिंह, सांसद, आम आदमी पार्टी   
 
मुख्यमंत्री योगी से मिले संजय दत्त फिल्म निर्माण में सहयोग को सराहा
  • संपर्क फॉर समर्थन के तहत सीएम ने की मुलाकात
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। फिल्म अभिनेता संजय दत्त ने आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके सरकारी आवास पर भेंट की। इस दौरान संजय दत्त ने उत्तर प्रदेश में फिल्म निर्माण से लेकर कई अन्य मुद्दों पर बातचीत की। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार के फिल्म निर्माण में सहयोग को सराहा।  लखनऊ में संजय दत्त ने भाजपा के संपर्क फॉर समर्थन अभियान के तहत सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की है। संजय दत्त मुख्यमंत्री के सरकारी आवास पर करीब आधा घंटा रुके। 
 
खिलाड़ी प्रिया सिंह को साढ़े चार लाख की मदद का ऐलान
लखनऊ। (4पीएम न्यूज़ नेटवर्क) मेरठ की खिलाड़ी प्रिया सिंह ने जर्मनी में होने वाले अंतराष्ट्रीय शूटिंग स्पोर्ट फेडरेशन के जूनियर विश्व कप में 50 मीटर राइफल प्रोन प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए सीएम योगी को खत लिख कर वित्तीय सहायता मांगी थी। इस पर सीएम योगी ने शूटर प्रिया की मदद की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने प्रिया सिंह को साढ़े चार लाख की सहायता को मंजूरी दी। साथ ही उन्होंने मेरठ जिला अधिकारी को खिलाड़ी को जर्मनी भिजवाने में लगने वाले खर्च की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। 
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