वहशियों के निशाने पर राजधानी, नहीं थम रहीं रेप की वारदातें

  • बच्चियां भी नहीं हैं सुरक्षित, रिश्तों को कर रहे हैं तार-तार
  • आए दिन हो रही हैं घटनाएं कई जा चुके हैं सलाखों के पीछे

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। तहजीब के शहर लखनऊ वहशियों के निशाने पर है। यहां रेप की वारदातें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। यहां बच्चियां तक सुरक्षित नहीं है। वहशी रिश्तों को भी तार-तार करने से चूक नहीं रहे हैं। पुलिस अब तक ऐसे कई आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज चुकी है। लगातार बढ़ रही वारदातों से लोगों में दहशत का माहौल है। समाज में आ रहे इस बदलाव से समाजशास्त्री चिंतित हैं और इसके लिए बढ़ते भौतिकवाद को प्रमुख कारण मानते हैं।

राजधानी में महिलाएं और बच्चियां सुरक्षित नहीं हैं। रेप की घटनाओं में लगातार इजाफा हो रहा है। कई मामलों में अपने ही अस्मत को तार-तार कर रहे हैं। कई बार ऐसी घटनाएं पुलिस तक नहीं पहुंचती हैं। ऐसी ही कई घटनाएं पिछले दिनों राजधानी में घट चुकी हैं। पीजीआई थाना क्षेत्र में एक वहशी ने रिश्तों को कलंकित करते हुये अपने भांजे की डेढ़ साल की बेटी से दुष्कर्म किया। यहां एक व्यक्ति पेंटर का काम करके अपने परिवार का पालन पोषण करता है। उसके रिश्ते का मामा उसके घर आया था। पेंटर की डेढ़ साल की बच्ची घर में रो रही थी। तभी मामा जगदीश आ गया और बच्ची को लेकर चुप कराने के बहाने उसे छत पर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। बच्ची बुरी तरह लहूलुहान हो गई। बच्ची की चीख सुनकर जब मां पहुंची तो उसे देखकर जगदीश भागने लगा। लोगों ने उसे दबोच लिया और उसकी जमकर पिटाई की। बाद में उसे पुलिस के हवाले कर दिया। वहीं राजधानी के निगोहा थाना क्षेत्र में एक वहशी ने किशोरी को बंधक बनाकर पहले तो दुराचार किया और बाद मेें उस पर कुल्हाड़ी से हमला कर उसे लहूलुहान कर दिया। दरअसल, निगोहा क्षेत्र के एक गांव में रहने वाली एक किशोरी अपने पड़ोसी के घर चार्जर मांगने गयी थी। आरोप है कि नरेंद्र रावत ने उसे बंधक बना लिया और उसके साथ रेप किया। रेप के बाद नरेंद्र ने उस पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया जिससे वह बुरी तरह लहूलुहान हो गयी। किशोरी के जख्मी होने की सूचना परिजनों को दी गई। फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक घटना बंथरा थाना क्षेत्र में घटित हुयी। जहां पर घर के बाहर खेल रही एक मासूम को उसी के गांव के रहने वाले एक व्यक्ति ने टॉफी खिलाने के बहाने घर से बाहर ले गया। बच्ची लौटकर आई तो उसकी हालत देखकर बच्ची के परिजनों के होश उड़ गए। खून से लथपथ बच्ची को देखकर परिवार वालों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उन्होंने गांव वालों की मदद से पहले आरोपी बुजुर्ग को जमकर पीटा और बाद में उसे पुलिस के सुपुर्द कर दिया जबकि घायल बच्ची को उपचार के लिये अस्पताल में भर्ती कराया। यह घटनाएं बानगी भर है। ऐसी घटनाएं राजधानी में आए दिन हो रही है। कई मामलों में लोकलाज के भय से लोग पुलिस के पास नहीं जाते हैं, जिसके कारण आरोपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो पाती है। रेप की बढ़ती घटनाओं के लिए समाजशास्त्री भौतिकवादी सोच को जिम्मेदार मानते हैं। साथ ही इसके लिए पोर्न फिल्मों और कुंठित मानसिकता को भी इसके लिए जिम्मेदार बताया है।

तहजीब के शहर में हो रही ऐसी घृणित वारदातों के पीछे भौतिकवादी सोच जिम्मेदार है। कुंठा और इंटरनेट के जरिए बढ़ती अश्लीलता भी इसके लिए जिम्मेदार है। अच्छे संस्कारों से ऐसी घटनाओं से बचा जा सकता है।

प्रो. डीआर साहू,
विभागाध्यक्ष समाजशास्त्र, लखनऊ विश्वविद्यालय

इस प्रकार की घटनाएं मनोविकारों का परिणाम है। कुंठित मानसिकता से ग्रसित लोग रेप जैसी वारदातों को अंजाम देते हैं।

-डा. मलयकांत, मनोचिकित्सक

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