डूबे छात्र के लिए फरिश्ता बने रेडियस अस्पताल के डॉक्टर मनीष

स्वीमिंग पुल में तैरने के दौरान डूबे आयुष की सीपीआर देकर बचाई जान, कहा सबको आना चाहिए सीपीआर देना

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। एलपीएस स्कूल में बुधवार को हाईस्कूल के एक छात्र की स्वीमिंग के दौरान डूबने से हडक़ंप मच गया। टीचर ने छात्र को फौरन बाहर निकाला। उसके मुंह से खून आने लगा था और फेफड़ों में पानी चला गया था। वहांं मौजूद रेडियस अस्पताल के एनेस्थियोलॉजिस्ट और पैन फिजिशियन डॉॅक्टर मनीष ने अपनी सूझबूझ से सीपीआर देकर छात्र की जान बचा ली।

पंद्रह वर्षीय आयुष स्वीमिंग पूल में तैर रहा था। अचानक उसकी सांस रूकने लगी और वह डूबने लगा। डॉक्टर मनीष की बेटी की नजर डूबते छात्र पर पड़ी तो उसने इसकी जानकारी स्वीमिंग टीचर को दी। स्वीमिंग टीचर ने जब तक छात्र को बाहर निकाला वह पल्मोनरी एडिमा में जा चुका था। बच्चे के मुंह से खून आने लगा था और फेफड़ों में पानी चला गया था। छात्र की सांसे थम सी गयी थीं। इसी दौरान डॉक्टर मनीष फरिश्ता बनकर पहुंचे। उन्होंने छात्र को तुरन्त सीपीआर देना शुरू किया। दस मिनट सीपीआर देने के बाद छात्र को एक निजी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया। अब वह खतरे से बाहर है।

डॉक्टर मनीष ने बताया कि बच्चेको अगर तुरन्त सीपीआर न दिया जाता तो उसकी जान बचा पाना मुश्किल था। हर व्यक्ति को सीपीआर देना आना चाहिए। वे एनेस्थीसिया सोसाइटी के साथ मिलकर सीपीआर जागरूकता कार्यक्रम के अन्र्तगत स्कूलों में जाकर बच्चों को सीपीआर देने का प्रशिक्षण देते हैं। उन्होंने कहा कि डूबे हुए इन्सान को अगर चार से पांच मिनट के अन्दर सीपीआर दे दी जाएं तो उसकी जिन्दगी को बचाया जा सकता है।

 

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