4पीएम में खबर छपने के एक घंटे के अंदर सीएम ने पुलिस विभाग के आला अधिकारियों को किया तलब

  • विधायकों को धमकी देने के मामले की जांच एसआईटी को सौंपी
  • अनजान व्हाट्सएप नंबर से विधायकों को धमकी आने का सिलसिला जारी
  • अब तक 25 नेताओं के पास आ चुका है धमकी भरा मैसेज

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। प्रदेश में विधायकों को मैसेज भेजकर रंगदारी मांगने और 10 लाख रुपये नहीं मिलने पर विधायक या उनके परिजनों की हत्या की धमकी देने का मामला आजकल सुर्खियों में है। इस मामले को 4पीएम ने अपने बुधवार के अंक में ‘ जनता को छोडि़ए, विधायक तक सुरक्षित नहीं, विपक्ष ने सरकार पर बोला हमला’ खबर छापी थी। यह खबर छपने के एक घंटे के अंदर सीएम ने पुलिस विभाग के आला अधिकारियों को तलब कर लिया। इस मामले की गंभीरता से जांच करने के लिए एसआईटी का गठन किया गया। साथ ही धमकी देने वाले दोषियों का खुलासा कर कड़ी कार्रवाई करने की बात कही गई है।

उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के विधायकों को लगातार जान से मारने की धमकियां मिलने का सिलसिला अभी भी जारी हैं। ये धमकियां एक अनजान इंटरनेट काल के जरिये दी जा रही हैं। 4पीएम ने इस मामले को अपने बुधवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया। जब अखबार मुख्यमंत्री के पास पहुंचा तो उन्होंने मामले को गंभीरता से लेकर पुलिस विभाग के आला अधिकारियों को तलब कर लिया। जानकारी के मुताबिक कल तक यूपी के 13 विधायकों को धमकियां मिल चुकी थीं लेकिन अब धमकियों की संख्या बढ़ती जा रही है। राज्य में भाजपा के 21 विधायकों सहित अब तक 25 नेताओं से रंगदारी मांगी गई है। रंगदारी नहीं देने पर उन्हें या परिजनों को जान से मारने की धमकी दी जा चुकी है। विधायकों ने इसके खिलाफ शिकायत भी की लेकिन अभी तक पुलिस विभाग को इस मामले में कोई सफलता हाथ नहीं लगी है। वहीं कुछ और विधायकों से भी रंगदारी मांगी गई है।

उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिले के कुल 21 भाजपा विधायकों व पदाधिकारियों के पास रंगदारी के मैसेज व्हाट्सएप से भेजे जा रहे हैं। इनमें सीतापुर, बुलंदशहर, खीरी, शाहजहांपुर, गोंडा, बरेली, लखनऊ, बाराबंकी, गोरखपुर, हरदोई, बदायूं, एटा, जालौन शामिल हैं। गौरतलब है कि इन 25 नेताओं में से 21 भाजपा विधायक हैं।

इन नेताओं को मिली धमकी

लखनऊ पश्चिम के विधायक सुरेश श्रीवास्तव, शाहजहांपुर के मीरानपुर कटरा के वीर विक्रम सिंह, शाहजहांपुर ददरौल के मानवेंद्र सिंह, गोंडा तरबगंज के प्रेम नारायण पाण्डेय, मेहनौम के विनय कुमार द्विवेदी, कानपुर देहात के भोगनीपुर के विनोद कटियार, सीतापुर महोली के शशांक त्रिवेदी, बुलंदशहर डिबाई की विधायक अनीता राजपूत, रायबरेली के सरैनी विधायक धीरेंद्र बहादुर सिंह, बांदा के तिंदवारी विधायक बृजेश कुमार प्रजापति, जालौन के कालपी के विधायक नरेंद्र पाल सिंह जादौन, कुशीनगर के रजनीकांत मणि त्रिपाठी, खीरी के मोहम्मदी विधायक लोकेन्द्र प्रताप, हरदोई गोपामऊ से विधायक श्याम प्रकाश को धमकी मिली है। इसके अलावा हरदोई के रामपाल वर्मा, बाराबंकी के कुर्सी विधायक साकेंद्र वर्मा, लखनऊ उत्तरी के विधायक नीरज वोरा, गोरखपुर में चिल्लूपार के पूर्व विधायक व बीजेपी नेता राजेश त्रिपाठी, बरेली फरीदपुर विधायक श्याम बिहारी लाल, एटा के अलीगंज के सतपाल राठौर, बदायूं के आरके वर्मा, जालौन माधोगढ़ के विधायक मूलचंद निरंजन, सिद्धार्थनगर में इटवा के सतीश द्विवेदी का नाम शामिल है।

खबर का असर

यूपी एटीएस को मिली बड़ी कामयाबी
आईएसआई को देश की खुफिया जानकारी देने वाला गिरफ्तार

  • 13 सौ रुपये डालर लेकर देता था पाकिस्तानी एजेंसी को जानकारी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की एंटी टेररिस्ट स्क्वायड (एटीएस) ने पाकिस्तानी एजेंसी आईएसआई के लिए काम करने वाले एक शख्स को गिरफ्तार कर लिया है। यह एटीएस की बड़ी कामयाबी मानी जा रही है। फिलहाल एटीएस की टीम गिरफ्तार युवक से पूछताछ करने में जुटी है।

अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था आनंद कुमार ने बताया कि वर्ष 2015 में फैजाबाद से एक आतंकी आफताब को पकड़ा गया था। उसने पूछताछ के दौरान कुछ नामों का खुलासा किया था। जिसे आधार बनाकर एटीएस टीम विदेशी एजेंसी को देश की खुफिया जानकारी देने वालों का पता लगाने में जुट गई थी। एटीएस आईजी असीम अरुण के नेतृत्व में बनी टीम ने मुखबिर की सूचना पर उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में छापा मारा। एटीएस, उत्तराखंड पुलिस और मिलिट्री इंटेलिजेंस की टीम ने संयुक्त अभियान में उस एजेंट को धर दबोचा। एडीजी के अनुसार पकड़ा गया अभियुक्त पिथौरागढ़ के डीडीहाट का रहने वाला रमेश सिंह है। वह पाकिस्तानी उच्चायोग में काम कर चुका है। पैसों की लालच में उसने जानकारी लीक की। उसे बदले में13 सौ रुपये डालर मिलते थे।

मोहनलालगंज सीएचसी प्रभारी का तबादला

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। राजधानी के मोहनलालगंज सीएचसी प्रभारी डॉ. कैलाश बाबू का तबादला कर दिया गया है। सीएमओ कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक कैलाश बाबू की जगह पीके मिश्रा को मोहनलालगंज सीएचसी प्रभारी बनाया गया है। बता दें कि सीएमओ नरेंद्र अग्रवाल को पिछले कई महीने से लगातार मोहनलालगंज सीएचसी में लापरवाही की शिकायतें मिल रही थीं। यहां की व्यवस्था को दुरुस्त करने को लेकर सीएमओ की तरफ से कड़े निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद वह सीएचसी की व्यवस्था संभालने में नाकाम रहे। इसलिए सीएमओ ने उनको मोहनलालगंज सीएचसी प्रभारी के पद से हटा दिया। पीके मिश्रा को सीएचसी प्रभारी बनाया गया है।

उपचार के दौरान बिजली मिस्त्री की मौत

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। राजधानी के आशियाना थाना क्षेत्र में संदिग्ध हालात में लगी गोली से घायल हुए बिजली मिस्त्री आकाश की ट्रामा सेन्टर में उपचार के बाद मौत हो गयी। उसे गोली कैसे लगी और घर में तमंचा कैसे पहुंचा इसका खुलासा हो पाना मुश्किल लग रहा है। इस घटना की जांच कर रही आशियाना पुलिस भी मामले को ठंडे बस्ते में डालने के मूड में दिख रही है। इंस्पेक्टर आशियाना भानुप्रताप सिंह का कहना है कि आकाश की मां ने तहरीर में लिखकर दिया है कि आकाश पिछले सात आठ दिन से परेशान था। इसी वजह से उसने गोली मारकर आत्महत्या कर ली। जब इंस्पेक्टर से पूछा गया कि आकाश के पास तमंचा कहां से आया तो उन्होंने कहा कि आजकल तो तमंचे कहीं भी आसानी से मिल जाते हैं।

देश के पांच राज्यों में पारा 44 के पार

  • राजस्थान, हरियाणा व पश्चिमी यूपी में रेड अलर्ट जारी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। पंजाब-हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और उत्तर प्रदेश समेत पूरे उत्तर भारत में चल रही लू से पारा चढ़ता जा रहा है। यहां भयंकर गर्मी पड़ रही है। दिन का तापमान 44 से 45 के बीच रहा है। यहां करीब पांच दिन तक ऐसे ही हालात रहने का अनुमान है।
मौसम विभाग ने हरियाणा, राजस्थान और पश्चिमी यूपी के लिए 27 मई तक रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं, पूर्वी यूपी, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के विदर्भ इलाकों के लिए ऐम्बर अलर्ट जारी किया गया है। राजस्थान का बूंदी देश का सबसे गर्म शहर माना गया, उसका तापमान 48 डिग्री है। वहीं, देश में सबसे ठंडा लेह 4.7 डिग्री रहा। बता दें कि मौसम विभाग के कलर कोड के मुताबिक रेड का मतलब होता है कि संबंधित एजेंसियां एक्शन लें।

झोलाछाप डॉक्टरों पर लगाम लगाने में नाकाम स्वास्थ्य विभाग

  • छह महीने में नहीं तैयार हो पाई डॉक्टरों की लिस्ट

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ने राजधानी में झोलाछाप डॉक्टरों की सूची तैयार करने की जिम्मेदारी पिछले साल अक्टूबर में सभी सीएचसी प्रभारियों को सौंपी थी। लेकिन अधिकारियों के उदासीन रवैये के कारण आजतक सूची तैयार नहीं हो पाई है। लिहाजा झोलाछाप सस्ते इलाज का लालच देकर मरीजों को अपने चंगुल में फंसा रहे हैं।

जिले के पूर्व सीएमओ डॉ. जीएस वाजपेई ने शासन के आदेश पर सभी सीएचसी प्रभारियों को झोलाछाप डॉक्टरों की लिस्ट तैयार करने के निर्देश दिए थे। इस दरम्यान उनका तबादला होने के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया। वर्तमान सीएमओ डॉ. नरेंद्र अग्रवाल ने भी इन्वेस्टर्स समिट के बाद झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई करने की बात कही थी। समिट समाप्त हुए दो माह से अधिक का समय बीत गया लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस लापरवाह रवैये पर सीएमओ की तरफ से सभी सीएचसी प्रभारियों को नोटिस दिए जा चुके हैं, लेकिन प्रभारियों पर कोई असर होता नहीं दिख रहा है।

बता दें कि राजधानी में 11 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और 8 बाल महिला अस्पताल हैं। इन सभी के अलावा हजारों की संख्या में झोलाछाप डॉक्टर अपनी दुकानें खोले बैठे हैं। जो रोजाना सस्ते इलाज का लालच देकर मरीजों का इलाज करते हैं। इन झोलाछापों की लापरवाही कई बार मरीज के लिए जानलेवा साबित हो जाती है।

इस बारे में स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. पद्माकर सिंह ने बताया कि झोलाछापों की सूची विभाग की तरफ से अब तक क्यों तैयार नहीं हुई इस बात की जानकारी सीएमओ से ली जाएगी। विभाग झोलाछापों के खिलाफ जल्द ही अभियान चलाएगा। गौरतलब है कि जिले के मलिहाबाद, रहिमाबाद, माल, सरोजनीनगर, मोहनलालगंज, गोसाईंगंज, इटौंजा समेत कई ग्रामीण इलाकों में झोलाछाप डॉक्टर अपना जाल फैला कर मरीजों के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। सस्ती दवाओं का लालच देकर खून, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड समेत कई जांचें भी कर रहे हैं। लेकिन स्वास्थ्य विभाग उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं कर पा रहा है।

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