मोदी की सुनामी रोकने के लिए विपक्ष ने दिखाई एकजुटता

  • लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखकर रणनीति बनाने में जुटे सभी दलों के नेता
  • विपक्षी दलों की एकता ने बढ़ाईं भाजपा की मुश्किलें

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। कर्नाटक में एचडी कुमारस्वामी के शपथ ग्रहण समारोह में जुटे विपक्षी दलों की एकता को देखकर भाजपा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कर्नाटक में एक मंच पर जुटा समूचा विपक्ष मोदी की सुनामी को रोकने के लिए प्रतिबद्घ दिखा। विपक्षी दलों के नेताओं ने संदेश दिया कि लोकसभा चुनाव में भाजपा के लिए जीत की राह आसान नहीं होगी। धुर विरोधी माने जाने वाली सोनिया गांधी और बसपा सुप्रीमो मायावती दोनों ने गर्मजोशी से मुलाकात की। इतना ही नहीं मंच पर खड़े होकर जब अरविन्द केजरीवाल, चंद्रबाबू नायडू, ममता बनर्जी, शरद यादव, अजीत सिंह, तेजस्वी यादव, सीताराम येचुरी, अखिलेश यादव जैसे बड़े नेता जनता का अभिवादन कर रहे थे तो सोनिया गांधी ने खुद मायावती का हाथ उठाकर जीत का संदेश दिया।
उप चुनाव में भाजपा को मात देने वाले अखिलेश यादव व बसपा सुप्रीमो मायावती ने बेंगलुरु में कुमारस्वामी के बहाने अपनी चुनावी पारी पर भी चर्चा की। संगरिला होटल में दोनों के बीच मुलाकात की खबरें भी मीडिया तक पहुंची। मायावती और अखिलेश के बीच फूलपुर और गोरखपुर में हुए उपचुनावों के बाद यह दूसरी मुलाकात है। जानकार बताते हैं कि इस बैठक में मायावती और अखिलेश ने आगामी कैराना उपचुनाव के साथ ही लोकसभा चुनावों के मद्देनजर भी बातचीत की। उत्तर प्रदेश के उपचुनावों और राज्यसभा चुनावों में सिर्फ दोनों दल साथ थे। लेकिन दोनों नेताओं ने एक साथ कोई भी मंच साझा नहीं किया था। कर्नाटक चुनाव के नतीजे आने के बाद अब गठबंधन को और मजबूती से दिखाने के लिए एक साथ मंच साझा किया गया। ऐसा पहली बार हुआ कि अखिलेश यादव और मायावती एक ही मंच पर आए हैं।
बता दें कि मायावती, अखिलेश और केजरीवाल के अलावा इस शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए राहुल गांधी, सोनिया गाधी और सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी को आमंत्रित किया गया।

 

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