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पाक को राजनाथ की चेतावनी के मायने

सवाल यह है कि क्या पाकिस्तान के हुक्मरानों और सेना पर इसका असर पड़ेगा? लगातार सीज फायर के उल्लंघन के पीछे पाकिस्तान की मंशा क्या है? क्या इसके जरिए पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर में भारतीय सेना के ऑपरेशन ऑल आउट के स्थगित होने का फायदा उठाकर आंतकियों की घुसपैठ कराना चाहता है?

कई दिनों से पड़ोसी पाकिस्तान, जम्मू-कश्मीर सीमा पर सीज फायर का उल्लंघन कर रहा है। वह न केवल भारतीय सेना की चौकियों बल्कि रिहायशी इलाकों पर भी गोलीबारी कर रहा है। मोर्टार दाग रहा है। पाक की इस हरकत पर भारत के गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने उसको उसी की भाषा में जवाब देने की चेतावनी दी है। साथ ही जवानों को मुहतोड़ जवाब देने की खुली छूट भी दी है। सवाल यह है कि क्या पाकिस्तान के हुक्मरानों और सेना पर इसका असर पड़ेगा? लगातार सीज फायर के उल्लंघन के पीछे पाकिस्तान की मंशा क्या है? क्या इसके जरिए पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर में भारतीय सेना के ऑपरेशन ऑल आउट के स्थगित होने का फायदा उठाकर आंतकियों की घुसपैठ कराना चाहता है? क्या पाकिस्तान के खिलाफ एक और सर्जिकल स्ट्राइक की जरूरत है? क्या दोनों देशों के बीच संवाद की सभी संभावनाएं समाप्त हो चुकी है?

पाकिस्तान और भारत के बीच संबंध लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। हालांकि भारत ने संबंधों को सुधारने के लगातार प्रयास किए लेकिन कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला। इस तल्खी की सबसे बड़ी वजह जम्मू-कश्मीर है। पाकिस्तान इस पर कब्जा करना चाहता है। उसने जम्मू-कश्मीर के एक भाग पर कब्जा भी कर रखा है। जिसे पाक अधिकृत कश्मीर के नाम से जाना जाता है। पैठ बढ़ाने के लिए पाकिस्तान कश्मीर के अलगाववादियों से हाथ मिला चुका है। इनके जरिए वह घाटी में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देता है। इसके अलावा वह सीमा पार से आतंकियों को भी भेजता है। मोदी सरकार के आने के बाद से पाकिस्तान के प्रति भारतीय नीति में बदलाव आया है। भारत ने पाक को करारा जवाब देना शुरू कर दिया है। आतंकी कैंपों को ध्वस्त करने के लिए भारत ने पाकिस्तान की सीमा में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक की। इस अभियान में कई आतंकी कैंपों का ध्वस्त किया गया और कई आतंकी मारे गए। इसके बाद कश्मीर में आतंकी गतिविधियों को समाप्त करने के लिए सेना ने ऑपरेशन ऑल आउट शुरू किया। पचास से अधिक आतंकियों को सेना ने मौत के घाट उतार दिया। फिलहाल भारत के गृहमंत्रालय ने रमजान के महीने में यह ऑपरेशन स्थगित कर दिया है। इसी का फायदा पाकिस्तान उठाना चाहता है। वह सीज फायर का उल्लंघन कर आतंकियों को बड़ी संख्या में कश्मीर भेजना चाहता है। गृहमंत्री राजनाथ सिंह के बयान का असर पाकिस्तान पर पड़ा है। बयान के बाद से ही उसने अपनी सीमा से सटे गांवों को खाली कराना शुरू कर दिया है। बावजूद इसके पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आएगा। पाकिस्तान को समझना चाहिए कि आतंक और युद्ध समस्या का समाधान नहीं करते। साथ ही भारत को भी सावधान रहने की जरूरत है।

 

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