पीएम के निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी में हादसे का मामला: दुर्घटना में मरे लोगों के पोस्टमार्टम के लिये मांगी गयी रिश्वत, विपक्ष ने कहा पीएम के क्षेत्र का है यह शर्मनाक हाल

  • सपा और कांग्रेस समेत विपक्ष ने सरकार पर साधा निशाना
  • एक चिकित्साकर्मी ने पोस्टमार्टम के लिए मांगी रिश्वत, हादसे में 15 लोगों की हुई है मौत
  • वीडियो वायरल होने के बाद हरकत में आया प्रशासन, आरोपी गिरफ्तार

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में फ्लाईओवर के दो बीम गिरने से मृत लोगों की लाश का पोस्टमार्टम करने के लिए पीडि़त परिवारों से पैसे की मांग करने का शर्मनाक मामला प्रकाश में आया है। इस मामले पर विपक्ष ने सरकार को निशाने पर लिया है। विपक्ष का कहना है कि जब पीएम के क्षेत्र में रिश्वतखोरी का यह हाल है तो दूसरे शहरों के बारे में अंदाजा लगाया जा सकता है। वहीं जिलाधिकारी के निर्देश पर चिकित्साकर्मी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

हादसे में मरने वाले लोगों की लाशों को पोस्टमार्टम के लिए बीएचयू भेजा गया था। कल से ही मृतकों के परिजन पोस्टमार्टम का इंतजार कर रहे थे। इस बीच एक चिकित्साकर्मी ने पोस्टमार्टम के लिए पीडि़त परिवारों से घूस मांगी। कुछ लोगों ने चिकित्साकर्मी को घूस दी। इसी दौरान किसी ने इसका वीडियो बना लिया और इसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। सपा समेत विपक्षी दलों ने इस हरकत को बेहद शर्मनाक बताया है। गौरतलब है कि कल वाराणसी में रेलवे स्टेशन के सामने बन रहे फ्लाईओवर की दो बीम गिरने से 15 लोगों की मौत हो गई जबकि 11 लोग घायल हो गए है।

सेतु निगम तथा निर्माणदायी संस्था के खिलाफ एफआईआर दर्ज

पीएम नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में फ्लाईओवर की दो बीम गिरने के मामले में आज सेतु निगम तथा इस फ्लाईओवर का निर्माण कर रही संस्था के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इनके खिलाफ गैर इरादतन हत्या और हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया गया है। डीआईजी एलओ प्रवीण कुमार का कहना है कि बनारस में हुई घटना के संबंध में सेतु निगम के अधिकारियों, प्रोजेक्ट मैनेजर समेत पर्यवेक्षण अधिकारी, कर्मचारीगण और ठेकेदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। सिगरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।

इस तरह का मामला सामने आया था, जिस कर्मचारी ने ऐसा किया है, उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गई है। अगर कोई और मामला सामने आता है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-हरीश श्रीवास्तव, मीडिया प्रभारी, भाजपा

प्रधानमंत्री मोदी के क्षेत्र बनारस में जब लाशों के पोस्टमार्टम के नाम पर पैसे लिए जाएंगे तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि पूरे देश और प्रदेश में क्या हालात हैं। सरकार और उसके अधिकारियों ने संवेदनहीनता की सारी हदें पार कर दी हैं। ऐसे लोगों पर सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
-अजय कुमार लल्लू, नेता कांग्रेस विधानमंडल दल

प्रदेश में साढ़े 7 सीएम काम कर रहे हैं। जिन लोगों को हादसे का पता चला वह दुखी हैं लेकिन सरकार की संवेदनहीनता का असर उनके कर्मचारियों पर भी दिख रहा है। वे लाशों के पोस्टमार्टम के नाम पर धन उगाही कर रहे हैं।
-सुनील सिंह साजन, एमएलसी सपा

ग्राम्य विकास विभाग ने रचा इतिहास परफार्मेंस के आधार पर किए तबादले

ग्राम्य विकास विभाग के तेजतर्रार विशेष सचिव एनपी सिंह के सुझाव को मंत्री ने माना
बैठक में मंत्री महेंद्र सिंह ने की घोषणा

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। यूपी के ग्राम्य विकास विभाग ने आज इतिहास रच दिया। तेजतर्रार विशेष सचिव ग्राम्य विकास एनपी सिंह ने ग्राम्य विकास विभाग के मंत्री महेन्द्र सिंह को सुझाव दिया कि इस बार परफार्मंेस को आधार बनाकर अफसरों की मौजूदगी में तबादले किये जाएं। डीडीओ, पीडी और सीडीओ समेत कई अफसरों को गन्ना संस्थान में बुलाया गया और उनकी कार्यक्षमता का विवरण दिखाते हुए वरीयता के क्रम में उनकी योग्यता के पैमाने पर सभी के सामने उनकी नयी पोस्टिंग की घोषणा कर दी गयी। यह सब कैमरे के सामने हुआ। अफसरों को यकीन नहीं हो रहा था कि जिस तबादले के लिये पचास लाख रूपये तक की रिश्वत चलती थी, वे तबादले ऐसे भी हो सकते हैं।

प्रधानमंत्री आवास योजना , मनरेगा, ग्राम स्वराज योजना में बेहतर काम करने वाले सीडीओ और जेडीसी अधिकारियों को मनचाहे जिले दिए गए। ग्राम्य विकास मंत्री महेंद्र सिंह ने अधिकारियों के साथ गन्ना संस्थान में बैठक की। महेंद्र सिंह ने कहा कि पहली बार प्रदेश में च्वाइस के आधार पर अधिकारियों को जिला दिया जा रहा है। कुछ लोग कुछ खामियां भी निकालेंगे। ट्रांसफर को लोगों ने धंधा बना रखा था। ट्रांसफर को लेकर इस प्रकार की पहली बार व्यवस्था की जा रही है। आपकी च्वाइस लिखी गई है। क्रम के अनुसार परफार्मेंस के आधार पर जिसका पहला नंबर है उसे पहले पद दिया गया है। आप लोग जहां अधिकारी बनकर जा रहे हैं वहां पर इस व्यवस्था लागू को लागू करें।

कर्नाटक में बीजेपी पर खरीद-फरोख्त का आरोप जेडीएस की बैठक में पार्टी के दो विधायक शामिल नहीं हुए

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। कर्नाटक में सरकार पर सस्पेंस बढ़ता जा रहा है। जेडीएस की विधायक दल की बैठक में पार्टी के दो विधायक शामिल नहीं हुए तो उधर पार्टी ने बीजेपी पर विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया है। वहीं बीजेपी के मुख्यमंत्री पद के प्रत्याशी येदियुरप्पा भी सरकार बनाने का दावा कर रहे हैं।

जेडीएस की बैठक में कुमारस्वामी को विधायक दल का नेता चुना गया। उन्होंने बीजेपी पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि बीजेपी ने मेरी पार्टी के लोगों को 100 करोड़ रुपये कैश और कैबिनेट पोस्ट देने का वादा किया है।

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