एनजीटी ने लगाई फटकार- कहा, दो साल में सात हजार करोड़ रुपये खर्च करने के बाद भी हालात बदतर

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने नेशनल क्लीन गंगा मिशन को फटकार लगाते हुए कहा है कि बार-बार कहने के बावजूद भी वह समग्र रिपोर्ट क्यों दाखिल नहीं कर रहा है। टिब्यूनल ने गोमुख से उन्नाव तक गंगा की सफाई के लिए केंद्र व संबंधित राज्यों की तरफ से उठाए कदमों का ब्योरा मांगा है। जस्टिस जावेद रहीम ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि दो साल में सात हजार करोड़ रुपये खर्च कर दिए गए, फिर भी हालात बदतर ही हैं। टिब्यूनल ने मिशन को यह रिपोर्ट दाखिल करने के लिए 23 मई तक का समय दिया है। इसलिए संबंधित विभागों में हडक़ंप मचा हुआ है।

बीती तीन अप्रैल को एनजीटी ने कहा था कि मिशन उसे बताए कि ट्रीटमेंट प्लांट लगाने के मामले में क्या प्रगति है। गंगा की सफाई को तय समय में करने को गंभीरता से लिया जा रहा है।

टिब्यूनल ने अपने 543 पेज के फैसले में कहा है कि गंगा के सौ मीटर दायरे में कोई निर्माण या विकास से जुड़ी गतिविधि नहीं चलेगी। इतना ही नहीं पांच सौ मीटर दायरे में कूड़ा व कचरा फेंकने पर प्रतिबंध लगाया गया है।

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