मेडिकल कॉलेजों में बढ़ाए जाएंगे नॉन पीजी जूनियर रेजीडेंट डॉक्टर

योगी सरकार की कैबिनेट में शीरा नीति, खादी नीति समेत कई अहम प्रस्तावों को मिली मंजूरी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने कैबिनेट बैठक में मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टर्स के 884 पद बढ़ाने, शीरा नीति में बदलाव से लेकर खादी नीति समेत कई प्रस्ताव पास किये हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में कुल नौ प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

कैबिनेट बैठक के बाद फैसलों की जानकारी देते हुए स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य तथा चिकित्सा शिक्षा को प्राथमिकता पर रखने वाली प्रदेश सरकार अब डाक्टर्स की संख्या बढ़ाने पर बेहद सक्रिय है। इसलिए छह राजकीय मेडिकल कॉलेजों में जूनियर रेजिडेंट के 484 नये पद सृजित करने का प्रस्ताव पास किया गया है।

इन राजकीय मेडिकल कॉलेजों में नॉन पीजी जूनियर रेजीडेंट डॉक्टरों के पदों में वृद्धि की गई है। इसलिए अब गोरखपुर, आगरा, झांसी, कानपुर, इलाहाबाद और मेरठ के मेडिकल कालेजों को लाभ मिलेगा। इस फैसले से सरकार पर प्रतिवर्ष 36.59 करोड़ रुपये वार्षिक व्यय का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। चूंकि रोगियों की संख्या में वृद्धि होने के कारण रोगियों के तीमारदारों और रेजीडेंट डाक्टरों के बीच विवाद हो जाता है। इस लिहाज से डॉक्टरों का पद बढ़ाया गया है। इतना ही नहीं कैबिनेट बैठक में यह भी तय किया गया है कि उत्तर प्रदेश सिविल जज जूनियर डिवीजन की परीक्षा उप्र लोकसेवा आयोग ही करायेगा। वहीं लखनऊ के महात्मा गांधी मार्ग पर स्थित प्रमुख अभियंता, लोक निर्माण विभाग कार्यालय के जर्जर हो रहे 20 सर्वेंट क्वार्टर को ध्वस्त करने की कैबिनेट ने अनुमति दी है। इसे ध्वस्त कर पार्किंग स्थल बनाया जाएगा। ध्वस्तीकरण से बट्टा खाता में करीब 13 लाख रुपये जमा किये जाएंगे। पार्किंग स्थल बनाने के लिए अलग कार्ययोजना बनेगी।

सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि यूपी में शीरा नीति में संशोधन का प्रस्ताव भी कैबिनेट में लाया गया। कई धाराओं में काफी बदलाव किया है। नये बदलाव से शीरा को खपाने और उसके उपयोग व राजस्व में वृद्धि होगी। अवैध शीरा व्यापार पर सरकार सख्त रुख अपनायेगी। इसमें पहले 100 रुपए का जुर्माना लगता था लेकिन अब एक लाख रुपये तक जुर्माना होगा। वहीं ग्रामीण युवाओं को रोजगार देने के लिए दीनदयाल ग्राम रोजगार योजना का प्रस्ताव पास किया गया है। इससे युवाओं को बड़ी संख्या में रोजगार उपलब्ध होगा। उन्होंने यह भी कहा कि गोरखपुर में मेट्रो के संचालन के लिए डीपीआर के अनुमोदन का प्रस्ताव पास हुआ है। लखनऊ में आगरा एक्सप्रेस वे पर एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम की स्थापना भी की जाएगी।

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