मोदी की आंधी, बहुमत पर फंसा पेेंच

222 सीटों पर 12 मई को हुआ था मतदान, 112 सीटें बहुमत के लिए चाहिए

दो बजे तक के कर्नाटक चुनाव परिणाम व रुझान

                       जीते        आगे     कुल

भाजपा:            36           70      106

कांग्रेस:            09           65      74

जद (एस):       04           35      39

अन्य:              01            02     03

  • कर्नाटक विधानसभा चुनाव में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी, पर खबर लिखे जाने तक बहुमत से छह सीटें पीछे
  • मोदी, शाह, येदियुरप्पा और योगी की जोड़ी ने दक्षिण में खिलाया कमल
  • सारे सर्वे को धता बताते हुए जेडीएस का शानदार प्रदर्शन
  • कांग्रेस की हार, राहुल गांधी के नेतृत्व पर फिर उठे सवाल

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। कर्नाटक विधानसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की आंधी चली। चुनाव रुझानों में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी हैं। दो बजे तक प्राप्त रुझाानों में बहुमत से सिर्फ छह सीटें पीछे है। वहीं कांग्रेस यहां आधी सीटों पर सिमटती नजर आ रही है। रुझानों से यह भी साफ हो गया है कि कर्नाटक में कांग्रेस का लिंगायत कार्ड नहीं चल पाया। भाजपा कार्यालय में जश्न का माहौल है। कर्नाटक में भाजपा की सरकार बनाने पर मंथन शुरू हो गया है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात करने प्रकाश जावड़ेकर बेंगलुरू रवाना हो गए हैं।
कर्नाटक विधानसभा चुनाव के रूझानों में भाजपा सत्ता की दहलीज पर पहुंच गई है मगर पार्टी की धडक़नें इस बात पर बढ़ी हुई हैं कि अगर उसकी छह सीटें कम रह गईं तो बिना जनता दल सेक्युलर (जेडीएस)के समर्थन अथवा उसको तोड़े बिना सत्ता नहीं मिल सकती। दूसरी ओर कांग्रेस को काफी सीटों का नुकसान होता नजर आ रहा है। कर्नाटक विधानसभा चुनाव में जेडीएस किंगमेकर की भूमिका में है। रुझानों के अनुसार अब सत्ता में जाने के लिए भाजपा और कांग्रेस को जेडीएस का समर्थन जरूरी है। चुनाव परिणाम से साफ हो गया कि कर्नाटक में सीएम सिद्धारमैया का लिंगायत का दांव नहीं चल पाया। बहुमत के लिए 112 सीटें चाहिये। विधानसभा की 222 सीटों पर 12 मई को मतदान हुआ था। आरआर नगर सीट पर चुनावी गड़बड़ी की शिकायत के चलते मतदान स्थगित कर दिया गया था। जयनगर सीट पर भाजपा उम्मीदवार के निधन के चलते मतदान टाल दिया गया था। मतगणना लगभग 40 केंद्रों पर सुबह आठ बजे शुरू हुई। हालांकि जीत के लिए अभी कुछ और चरणों की मतगणना बाकी है लेकिन रुझानों से स्थिति काफी कुछ स्पष्ट हो गई है।

कर्नाटक में कांग्रेस यदि जेडीएस के साथ गठबंधन करती तो परिणाम कुछ और होते।
ममता बनर्जी, मुख्यमंत्री पश्चिम बंगाल

कर्नाटक की जीत बीजेपी की सर्वव्यापी जीत है।
रविशंकर प्रसाद, केंद्रीय मंत्री

यूपी में सपा-बसपा के आगे नतमस्तक होने को मजबूर होगी कांग्रेस

कांग्रेस के हाथ से कर्नाटक का किला फिसलते ही इसका सीधा असर उत्तर प्रदेश में पड़ेगा। आगामी लोकसभा चुनाव में यहां कांग्रेस को सपा-बसपा के आगे नतमस्तक होने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। उत्तर प्रदेश में सपा और बसपा का गठबंधन हो चुका है। सपा मुखिया अखिलेश और बसपा सुप्रीमो मायावती में गठबंधन पर सहमति बन चुकी है। यही नहीं सपा ने बसपा के समर्थन से गोरखपुर और फूलपुर की लोकसभा सीट जीत ली है। इस चुनाव में कांग्रेस ने अपने दम पर चुनाव लड़ा था। दोनों चुनाव परिणामों में कांग्रेस की स्थिति बेहद खराब थी। कर्नाटक चुनाव हारने के बाद आगामी लोकसभा चुनाव में कांग्रेस सीटों को लेकर सपा-बसपा गठबंधन पर दबाव बनाने की स्थिति नहीं होगी। यही नहीं लोकसभा में भाजपा का रथ रोकने के लिए कांग्रेस को यहां सपा-बसपा की शर्तों पर गठबंधन करना होगा।

सीएम योगी का कद बढ़ा, कर्नाटक जीत में निभाई अहम भूमिका

  • मुख्यमंत्री के चुनावी सभा वाली सभी सीटों पर भाजपा प्रत्याशियों को बढ़त

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। कर्नाटक चुनाव में भाजपा को बढ़त दिलवाने और सत्ताधारी पार्टी कांग्रेस को चारो खाने चित करने में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने कर्नाटक की जिन 30 सीटों पर चुनाव प्रचार किया था, लगभग उन सभी सीटों पर भाजपा के प्रत्याशी बढ़त बनाए हुए हैं। इसलिए एक बार फिर योगी आदित्यनाथ प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह की उम्मीदों पर खरे उतरे हैं। उन्होंने संकट मोचन की तरह कर्नाटक में भाजपा को उबारने में अपना हर संभव योगदान दिया है। वहीं कर्नाटक में अब तक के चुनावी रुझानों से भाजपा गदगद है। पार्टी में योगी आदित्यनाथ का कद और बढ़ गया है।
सीएम योगी ने 3 मई से 10 मई के बीच करीब 33 जनसभाओं को संबोधित किया था। उन्होंने कर्नाटक के मठों और मंदिरों में पहुंचकर पूजा-अर्चना की और वहां से मठाधीशों व संतों से मुलाकात की थी। योगी ने जिन इलाकों का दौरा किया था वहां नाथ संप्रदाय के अनुयायियों की अच्छी खासी संख्या है। योगी खुद गोरक्षनाथ पीठ के महंत हैं। इसके अलावा उनकी छवि एक कट्टर हिन्दूवादी नेता की है। इसलिए सीएम योगी के कर्नाटक में चुनाव प्रचार करने का वोटों के ध्रुवीकरण पर अच्छा खासा असर दिखाई दिया।
गौरतलब है कि सीएम योगी ने गुजरात और त्रिपुरा में भी चुनाव प्रचार किया था। यहां भी नतीजा बीजेपी के पक्ष में ही रहा। जिसको देखते हुए पार्टी ने कर्नाटक में उन्हें स्टार प्रचारक के रूप में भेजा था। अभी जो रुझान मिल रहे हैं, उससे यह साफ है कि योगी का जादू चला है। वे मठ और नाथ संप्रदाय के लोगों को बीजेपी के पक्ष में करने में कामयाब रहे।

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