शरीफ के कबूलनामे का निहितार्थ

सवाल यह है कि भारत की ओर से तमाम सबूत पेश करने के बावजूद नवाज शरीफ ने मुंबई हमले में पाक आतंकियों के हाथ होने पर अभी तक चुप्पी क्यों साधे रखी? सत्ता से बेदखल होने के बाद अचानक शरीफ की अंतरात्मा कैसे जागृत हो गई? क्या यह बयान पाकिस्तान में चुनाव लडऩे की तैयारी कर रहे आतंकी हाफिज सईद को कमजोर करने के इरादे से की गई है?

आखिरकार पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने कबूल कर लिया है कि दस साल पहले मुंबई में हुए आतंकी हमले में पाक आतंकवादियों का हाथ था। इस बयान के बाद से पाकिस्तान के सियासी नेता शरीफ की जमकर आलोचना कर रहे हैं। बावजूद इसके भ्रष्टाचार के मामले में सत्ता से बेदखल किए जा चुके शरीफ का यह कबूलनामा पाकिस्तान सरकार के मुंह पर करारा तमाचा है। सवाल यह है कि भारत की ओर से तमाम सबूत पेश करने के बावजूद नवाज शरीफ ने मुंबई हमले में पाक आतंकियों के हाथ होने पर अभी तक चुप्पी क्यों साधे रखी? सत्ता से बेदखल होने के बाद अचानक शरीफ की अंतरात्मा कैसे जागृत हो गई? क्या यह बयान पाकिस्तान में चुनाव लडऩे की तैयारी कर रहे आतंकी हाफिज सईद को कमजोर करने के इरादे से की गई है? क्या शरीफ के बयान से आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान की छवि अंतरराष्टï्रीय स्तर पर और कमजोर नहीं होगी? पाकिस्तान में हुक्मरानों को अपने इशारे पर नचाने वाली सेना पर इसका नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा? क्या भारत को इसका कूटनीतिक फायदा मिलेगा?
पनामा पेपर घोटाले में पाक की सुप्रीम कोर्ट द्वारा पीएम की कुर्सी से हटाए जाने के नौ महीने बाद नवाज शरीफ ने मुंबई हमले में पाकिस्तानी आतंकियों का हाथ होना स्वीकार किया। मुंबई पर 26 नवंबर 2008 को आतंकी हमला हुआ था। इसमें 164 लोगों ने जान गंवाई थी जबकि 305 घायल हुए थे। पाकिस्तान में रह रहा आतंकी सरगना हाफिज सईद इस हमले का मास्टरमाइंड था। भारत ने इसके पुख्ता सबूत मुहैया कराए, लेकिन पाकिस्तान ने सहयोग के बजाय आतंकी हाफिज को सुरक्षा मुहैया कराई। शरीफ के ताजा कबूलनामे की पीछे बड़ी सियासत है। शरीफ पर आजीवन चुनाव लडऩे पर प्रतिबंध है। बावजूद पार्टी में आज भी उनकी ही चलती है। आतंकी हाफिज पाकिस्तान में चुनाव लडऩे की तैयारी कर रहा है। इसके लिए उसने मिल्ली मुस्लिम लीग पार्टी की स्थापना भी कर ली है। सईद को सेना का समर्थन हासिल है। इस सबको लेकर शरीफ चिंतित हैं। इस बयान से हाफिज सईद कमजोर पड़ जाएगा। वैश्विक दबाब के आगे पाकिस्तान सरकार को हाफिज के खिलाफ मजबूरन कार्रवाई करनी पड़ेगी। ताजा घटनाक्रम से सेना के सामने भी हाफिज को समर्थन देने में मुश्किल आ जाएगी। वहीं शरीफ ने पाक समर्थित आतंकवाद के खिलाफ भारत को एक मजबूत हथियार दे दिया है। इसके जरिए भारत न केवल पाकिस्तान बल्कि हाफिज सईद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का दबाव बनाएगा। इस बयान से शरीफ को कितना सियासी फायदा मिलेगा यह तो वक्त बताएगा लेकिन इससे पाकिस्तान को आतंकी राष्टï्र घोषित करने में ज्यादा दिक्कत नहीं आएगी और भारत को इसका भरपूर फायदा उठाना चाहिए।

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