बाढ़ से बचाव की तैयारी तय समय में पूरा करें अधिकारी: योगी

मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तैयारियों की समीक्षा की

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज योजना भवन में प्रदेश के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में की जा रही तैयारियों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के 24 अति संवेदनशील और 16 संवेदनशील जिलों में बाढ़ से बचाव के लिए पूर्व में की जा रही तैयारियों के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट तौर पर कहा कि सरकार की मंशा बाढ़ की वजह से होने वाली जनधन हानि को न्यूनतम स्तर पर लाना है। इसलिए बाढ़ से बचाव के सारे इंतजाम तय समय से पूर्व हो जाने चाहिए।

मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश के जिन हिस्सों में हर साल बाढ़ आती है। स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी बनती है कि उन इलाकों पर विशेष ध्यान दें। प्रशासन को बंधों की मजबूती और कटान की समस्या का समाधान निकालने के साथ ही बाढ़ के पानी की निकासी का भी समुचित प्रबंध करना होगा तभी नुकसान पर रोक लगेगी।

इस दौरान सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने बाढ़ से पानी को नियंत्रित करने के लिए विभाग की तरफ से की जा रही तैयारियों का ब्योरा प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि बाढ़ से बचाव की तैयारियां अंतिम चरण में चल रही हैं। जिन जगहों पर कटान की समस्या बार-बार होती थी, वहां बंधों को मजबूत बनाया गया है। किसानों के हर खेत तक पानी पहुंचाने का काम किया जा रहा है। वहीं बाढ़ मंत्री स्वाति सिंह ने बताया कि प्रदेश के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जन धन हानि रोकने का पुख्ता इंतजाम किया गया है। अतिसंवेदनशील और संवेदनशील क्षेत्रों पर खास ध्यान दिया गया है।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले वर्ष बाढ़ की समस्या से प्रभावित क्षेत्रों का नाव में बैठकर भ्रमण किया था। उन्होंने पूर्वांचल और प्रदेश के कई अन्य हिस्सों में हेलीकॉप्टर से हवाई सर्वेक्षण करने, बाढ़ प्रभावित लोगों से मुलाकात करने और उन्हें सरकार की तरफ से हर संभव मदद देने का काम किया था। वहीं समय-समय पर होने वाली बैठकों में भी मुख्यमंत्री बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में की जा रही तैयारियों का जायजा लेते रहे हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिंचाई एवं जल संसाधान विभाग की बुकलेट एक साल की सफल कहानी, हर खेत तक पहुंचा पानी का भी विमोचन किया।

गुर्जर आरक्षण आंदोलन को लेकर सरकार अलर्ट

राजस्थान के 167 गांवों में इंटरनेट सेवा बंद
हार्दिक पटेल व जिग्नेश मेवाणी भी हो सकते हैं शामिल
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर। राजस्थान में गुर्जर आरक्षण आंदोलन को देखते हुए प्रदेश के करीब 167 गांवों में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है। इस कार्रवाई के बाद अब सरकार ने दूसरी बड़ी तैयारी कर ली है। भरतपुर अेौर धौलपुर दोनो ही जिलों के चुनिंदा कस्बों और क्षेत्रों को पुलिस छावनी में बदलने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। छावनी में सैंकड़ों पुलिसकर्मियों के साथ ही अफसरों की भी भारी-भरकम टीम लगाई गई है। इस बीच इंटेलीजेंस के भी चालीस से ज्यादा पुलिसकर्मी और अफसर सक्रिय हैं। हर पल की रिपोर्ट सरकार को भेजी जा रही है।

भरतपुर के बयाना के अड्डा गांव में कल गुर्जर आरक्षण को लेकर महापंचायत होने जा रही है। इन महापंचायत में 21 मई को आंदोलन की रुपरेखा तैयार की जानी है। इसे देखते हुए जिले में आठ कम्पनियां बुलाई गई हैं। जिनमें से कुछ कम्पनियां रविवार रात को ही पहुंच चुकी हैं, जबकि शेष कम्पनियां आज पहुंचनी है। इस बीच सरकार की मुश्किलें गुजरात के पाटीदार नेता हार्दिक पटेल और गुजरात के ही दलित नेता जिग्नेश मेवाणी ने बढ़ा दी हैं। दोनों ही नेता गुर्जर आंदोलन में शामिल होने की तैयारी में है। हालांकि सरकार ने दोनों ही नेताओं की आंदोलन में एंट्री को बैन कर दिया है। साथ ही इंटेलीजेंस की टीम भी दोनों नेताओं के बारे में पल-पल का फीडबैक सरकार को दे रही है। सरकार ने सोशल मीडिया पर उठने वाली अफवाहों और खबरों को देखते हुए ही महापंचायत से तीन दिन पहले ही नेटबंदी कर दी है।

प्रदेश में कानून व्यवस्था सुधारने का काम कर रही पुलिस: ओपी सिंह

डीजीपी ने किशोरों से संबंधित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में लिया हिस्सा
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। डीजीपी ओपी सिंह का कहना है कि प्रदेश की पुलिस लगातार कानून-व्यवस्था सुधारने का काम कर रही है। पुलिस द्वारा कई तरह के जागरूकता अभियान समय-समय पर चलाये जाते हैं। इसी क्रम में लखनऊ पुलिस और यूनीसेफ के तत्वावधान में किशोरों से संबंधित प्रकरणों, कानूनी नियमों व व्यवस्था पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम राजधानी के हजरतगंज स्थित एक निजी होटल में आयोजित किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम से निश्चित रूप से लोग लाभान्वित होंगे।

दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ करने के बाद अपने संबोधन में डीजीपी ओम प्रकाश सिंह ने कहा कि बालकों के प्रति संवेदनशीलता सभी स्तरों पर विकसित की जानी चाहिए और यदि समाज की तरफ से इसके लिए पहल की जाये तो हितधारक होगा।
डीजीपी ने कहा कि किशोरों से संबंधित प्रकरणों, कानूनी नियमों और व्यवस्था पर विस्तृत बातचीत बहुत जरूरी है। इस दौरान डीजीपी के साथ यूनिसेफ के अधिकारी, एसएसपी लखनऊ दीपक कुमार और महिला सम्मान प्रकोष्ठ एवं वूमेन पावर लाइन 1090 की आईजी सहित कार्यक्रम में भारी संख्या में महिलाएं, पुरुष और पुलिस अधिकारी उपस्थिति रहे।

अपर्णा यादव बदरीनाथ मंदिर को दान करेंगी चंवर गाय

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव ने लोकसभा चुनावों के पहले बड़ा ऐलान किया है। वह बदरीनाथ मंदिर को चंवर गाय का दान करेंगी। उनके इस फैसले ने सियासी गलियारे में हलचल बढ़ा दी है।
भक्तों में बदरीनाथ धाम मंदिर में धन-दौलत और सम्पत्ति दान करने की होड़ मची रहती है। अब अपर्णा यादव भी इस कड़ी में शामिल हो चुकी हैं। अपर्णा सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव की पत्नी हैं। अपर्णा चाहती हैं कि बदरीनाथ मंदिर में हर सुबह होने वाला भगवान का दुग्धाभिषेक चंवर गाय के दूध से हो। यही कारण है कि उन्होंने मंदिर में चंवर गाय दान करने की पेशकश की है। चंवर गाय गो वंश की सर्वोच्च प्रजाति है।

प्रदर्शन

उर्दू शिक्षकों ने आज अपनी विभिन्न मांगों को लेकर भाजपा कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया।

निर्वाचन आयोग ने लखनऊ मंडल के सभी एसडीएम की परीक्षा ली

चुनाव से जुड़ी जानकारियों के बारे में अधिकारियों से पूंछे तीस सवाल
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। निर्वाचन आयोग ने चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी कड़ी में आज लखनऊ में चुनाव आयोग ने ईआरओ और एईआरओ के साथ बैठक की। इस बैठक में आगामी चुनाव से जुड़ी सारी तैयारियों को समय से पूरा करने को लेकर चर्चा की गई। वहीं बैठक में पहुंचे सभी अधिकारियों की निर्वाचन संबंधी तथ्यों से जुड़ी परीक्षा भी ली गई।

निर्वाचन आयोग की बैठक में लखनऊ मंडल के सभी एसडीएम को बुलाया गया था। इस बैठक में लखनऊ, हरदोई, उन्नाव लखीमपुर खीरी, रायबरेली और सीतापुर के अफसर शामिल हुए। अलीगंज स्थित उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंध अकादमी में हुई बैठक में निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने 18 वर्ष की उम्र पूरा कर चुके युवाओं का नाम मतदाता सूची में शामिल करने, जिन लोगों की मौत हो चुकी है उनका नाम मतदाता सूची से हटाने, मतदाता सूची में छपे गलत नामों में संशोधन करवाने और वोटर्स की संख्या के अनुसार विधानसभा वार पोलिंग बूथों के निर्माण समेत विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके अलावा आयोग ने सभी अफसरों को कुछ प्रश्न पत्र हल करने के लिए दिए जिसमें चुनाव से संबंधित जानकारी मांगी गई थी। इस परीक्षा में जो भी अफसर फेल होगा उसको दोबारा ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके बाद निर्वाचन आयोग उनकी दोबारा परीक्षा लेगा। फिलहाल आज की परीक्षा में चुनाव आयोग की तरफ से 30 अंकों के 30 सवाल पूछे गए हैं। बता दें कि चुनाव आयोग पहली बार इस तरह की परीक्षा ले रहा है। इससे पूर्व अधिकारियों से कभी भी निर्वाचन से जुड़ी ऐसी कोई परीक्षा नहीं ली जाती थी।

लखनऊ की महापौर संयुक्ता भाटिया ने आज नगर निगम मुख्यालय में चीन से आये डेलीगेशन के साथ बातचीत की।

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