यूपी के बाहर भी सपा का परचम फहराने की तैयारी, कई राज्यों में भेजे गए सिपहसालार

  • मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में पैठ बनाने की कवायद शुरू
  • सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जनाधार मजबूत करने की बनाई रणनीति
  • सपा नेताओं ने डाला डेरा, बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने में जुटी पार्टी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। यूपी में बसपा से गठबंधन की बात पक्की होने के बाद अब सपा मुखिया अखिलेश यादव अन्य प्रदेशों में सपा का परचम फहराने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने पार्टी के अन्य प्रदेशों में विस्तार की कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए सपा की टीमें मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में अपनी जड़ें जमाने के लिए डेरा डाल चुकी हैं। इन तीनों राज्यों में जल्द ही विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। सपा नेता इन दिनों इन राज्यों के अलग-अलग इलाकों के दौरे पर हैं। पार्टी नेताओं द्वारा रिपोर्ट मिलने के बाद सपा मुखिया अखिलेश यादव खुद इन राज्यों का दौरा करेंगे। इसकी शुरुआत मध्य प्रदेश से होगी। अखिलेश जल्द ही भोपाल का दौरा कर सकते हैं।

सूत्रों के मुताबिक मध्य प्रदेश में समाजवादी पार्टी की तैयारी कम से कम सौ सीटों पर चुनाव लडऩे की है। मध्य प्रदेश में 2003 के विधानसभा चुनाव में सपा ने सात सीटें जीती थीं, लेकिन उसके बाद समाजवादी पार्टी का कभी खाता नहीं खुला। अब पार्टी यहां खाता खोलने के साथ ही मजबूती के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराना चाह रही है, इसलिए अभी से तैयारी शुरू कर दी गई है। सपा छत्तीसगढ़ में अपना जनाधार बढ़ाना चाहती है। इसके लिए उन्होंने अभी से तैयारी भी शुरू कर दी है। पार्टी का इरादा यहां पर तीस सीटों पर चुनाव लडऩे का है। छत्तीसगढ़ में विधानसभा की 90 सीटें हैं। अखिलेश यादव ने पार्टी नेताओं को राज्य के सभी जिलों का दौरा करने को कहा है। समाजवादी पार्टी के एमएलसी रामवृक्ष यादव और उनके साथी नेता राजस्थान में डेरा डाले हुए हैं। उनका मकसद वहां सपा की राजनीतिक जमीन तैयार करना है। वैसे इन राज्यों के कुछ जिलों में बसपा को भी वोट मिलते रहे हैं। मुख्य रूप से मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने करीबी सुनील यादव को इसकी जिम्मेदारी दी है।

छत्तीसगढ़ में विधानसभा की 90 सीटें हैं। अखिलेश यादव ने पार्टी नेताओं को राज्य के सभी जिलों का दौरा करने को कहा है। समाजवादी पार्टी के एमएलसी रामवृक्ष यादव और उनके साथी नेता राजस्थान में डेरा डाले हुए हैं। उनका मकसद वहां सपा की राजनीतिक जमीन तैयार करना है। वैसे इन राज्यों के कुछ जिलों में बसपा को भी वोट मिलते रहे हैं।

उप चुनाव में जीत से सपा के हौसले बुलंद
गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा उप चुनाव में जीत के बाद सपा के हौसले बुलंद हैं। इसके अलावा कैराना और नूरपुर में भी सपा की खास नजर है। इन सीटों पर सपा ने रालोद से गठबंधन कर लिया है। इस गठबंधन को बसपा प्रमुख मायावती का भी समर्थन है। यदि यहां की दोनों सीटों पर सपा जीत हासिल करती है तो आने वाले समय में इसकी गूंज दूसरे प्रदेशों में सुनाई देगी।

मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने की तैयारी की जा रही है। यहां पर होने वाले विधानसभा चुनाव में सपा मजबूती से लड़ेगी।
-सुनील सिंह साजन
एमएलसी, सपा

Pin It