गठबंधन से पहले माया ने चला एक और दांव, सभी सीटों पर नियुक्त किए प्रभारी

  • लोकसभा चुनाव में अधिक सीटों पर दावेदारी की कवायद
  • प्रभारियों को क्षेत्र में सियासी जमीन मजबूत करने के निर्देश
  • सपा से गठबंधन की औपचारिक घोषणा के इंतजार में नेता

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ। समाजवादी पार्टी से गठबंधन से पहले बसपा प्रमुख मायावती ने एक और दांव चला है। उन्होंने प्रदेश की सभी 80 लोकसभा सीटों पर पार्टी प्रभारी नियुक्त कर दिए हैं। माना जा रहा है कि यह दांव चलकर मायावती गठबंधन के समय अधिक से अधिक सीटों पर दावेदारी करेंगी। यही नहीं उन्होंने अभी से अपने प्रभारियों को क्षेत्र में तेजी से सक्रिय होने के निर्देश जारी किए हैं। माया के इस कदम से पार्टी के कार्यकर्ताओं में भी जोश दिखने लगा है।

सपा से दोस्ती का हाथ बढ़ाने के बाद बसपा प्रमुख मायावती भाजपा को घेरने की तमाम रणनीति बना रही हंै। इसके लिए वे कई छोटे दलों को मिलाकर महागठबंधन की तैयारी भी कर रही हैं। दूसरी ओर बसपा प्रमुख अपने दम पर लोकसभा चुनाव लडऩे की तैयारी में भी जुटी हंै। वे अपनी राजनीतिक जमीन को मजबूत करने में जुट गई हैं। वहीं लोकसभा चुनाव को लेकर सपा-बसपा का गठबंधन कब और कैसे होगा, कौन कितनी सीटों पर लड़ेगा इस पर आखिरी फैसला होना बाकी है। इस बीच बसपा ने अपनी तैयारी सभी सीटों के लिए शुरू कर दी है। बसपा प्रमुख मायावती ने प्रदेश के सभी 80 लोकसभा सीटों पर अपने प्रभारी नियुक्त कर दिए हैं। सूत्रों के मुताबिक गठबंधन होने की संभावनाओं के मद्देनजर कार्यकर्ताओं में सुस्ती न आए इसलिए पार्टी अपनी सभी इकाइयों को चुस्त-दुरुस्त कर रही है। साथ ही सभी लोकसभा क्षेत्रों के प्रभारी भी तैनात कर दिए हैं। बसपा की परंपरा के मुताबिक सभी सीटों के प्रभारी ही आगे उम्मीदवार घोषित किए जाते हैं। हालांकि आखिरी मौके पर कुछ सीटों पर उम्मीदवार बदलने की परंपरा भी रही है। जिस तरह से बसपा ने सभी सीटों पर प्रभारी तय कर दिए हैं उसे मायावती का राजनीतिक दांव माना जा रहा है। इसके जरिए बसपा प्रमुख महागठबंधन बनने की दशा में ज्यादा से ज्यादा सीटों पर अपनी दावेदारी कर सकेंगी। बसपा सूत्रों का कहना है कि गठबंधन की बात अपनी जगह है, कार्यकर्ताओं में जोश पैदा करने के लिए पार्टी के ओर से ये कदम उठाए गए हैं ताकि पार्टी बूथ स्तर पर मजबूत हो सके और कार्यकर्ता अभी से काम में जुट जाएं। हालांकि जानकार इस कदम को ज्यादा से ज्यादा सीटों पर दावेदारी से जोडक़र देख रहे हैं।

अभी तक सपा और कांग्रेस से बसपा के गठबंधन को अंतिम रूप नहीं दिया गया है। किस फॉर्मूले के तहत सीटों का बंटवारा होगा इस पर भी कोई रास्ता अभी नहीं निकला है। चर्चा यह भी है कि 2014 में मिले वोटों के आधार पर सीटों का बंटवारा हो सकता है। 2014 के लोकसभा चुनाव में बसपा 80 में से 34 सीटों पर नंबर दो पर रही थी।

इनेला से मिलाया हाथ

लखनऊ। लोकसभा चुनाव में भाजपा को घेरने के लिए मायावती तीसरा मोर्चा बनाने की तैयारी कर रही हैं। वे गैरकांग्रेस और गैरभाजपा गठबंधन बनाने में जुटी हंै। इसके लिए उन्होंने हरियाणा में अभय चौटाला की इंडियन नेशनल लोकदल से गठबंधन कर लिया है। गठबंधन के दौरान चौटाला ने कहा था कि यह थर्ड फ्रंट की नींव रखेगा और इसकी नेता बहन मायावती होंगी। देश में बदलाव के लिए किसान और दलित को एकजुट होना पड़ा है। इनेलो व बसपा विधानसभा और लोकसभा चुनाव एक साथ लड़ेगी।

अब क्या होगा सपा का रुख

पिछले दिनों गठबंधन को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती सुर-से-सुर मिलाते नजर आए थे। दोनों का कहना था कि भाजपा को रोकना उनका उद्देश्य है और ये गठबंधन कोई राजनीतिक मजबूरी नहीं है। गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा सीट पर गठबंधन की जीत से दोनों उत्साहित हैं। मायावती के इस कदम पर अखिलेश का क्या रुख रहेगा ये देखने वाली बात होगी।

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