सोमवती अमावस्या पर श्रद्धालुओं ने गंगा नदी में किया स्नान

हर-हर गंगे के उद्घोष के साथ लगाई डुबकी

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। सोमवती अमावस्या के मौके पर आज देश भर में श्रद्धालुओं ने नदी में स्नान किया। आज भोर से ही गंगा नदी के विभिन्न घाटों पर पहुंचे श्रद्धालुओं ने हर-हर गंगे के उद्घोष के साथ नदी में डुबकी लगाई। इसके बाद दान-पुण्य भी किया। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के भी कड़े इंतजाम किए गए थे। वहीं यातायात व्यवस्था में परिवर्तन होने के साथ वाहनों की रफ्तार भी काफी धीमी रही।
वैशाख मास भगवान शिव और भगवान विष्णु का प्रिय माह है। सोमवती अमावस्या का इस माह में आना अत्यंत शुभ माना जाता है। इसलिए आज गंगा नदी के घाटों पर इलाहाबाद, बनारस, कानपुर, अमरोहा, हापुड़ के साथ बुलंदशहर, गाजियाबाद, मेरठ, दिल्ली और हरियाणा तक से श्रद्धालु सोमवती अमावस्या के स्नान के लिए पहुंचे। भक्तों ने नदी में डुबकी लगाई। घाटों पर खासी चहल पहल थी। इधर स्नान के कारण आस-पास के मार्गों पर जाम लग गया। इलाहाबाद, बनारस, कानपुर, दिल्ली, मुरादाबाद में ट्रैफिक रेंगता नजर आया।

दान-पुण्य से मिलता है फल

अमावस्या हर महीने आती है, लेकिन ऐसा बहुत कम होता है, जब अमावस्या सोमवार के दिन हो। कहा जाता है कि पांडव पूरे जीवन तरसते रहे परंतु उनके संपूर्ण जीवन में सोमवती अमावस्या नहीं आई। इस दिन को स्नान, दान के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। सोमवार चंद्रमा का दिन है। इस दिन सूर्य तथा चंद्र एक सीध में स्थित रहते हैं। इसलिए यह पर्व विशेष पुण्य देने वाला है। सोमवती अमावस्या के दिन सूर्य नारायण को जल अर्पित करने से दरिद्रता दूर होती है। इस दिन नदी या सरोवर में स्नान कर भगवान शिव व माता पार्वती की पूजा करते हैं। अमावस्या के दिन वृक्ष से पत्ता तोडऩा भी वर्जित है। इस अमावस्या पर विवाहित स्त्रियों द्वारा पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखने का भी विधान है।

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