ओवैसी और सज्जाद नोमानी कराना चाहते हैं मेरी हत्या: वसीम रिजवी

  • दाऊद गिरोह के तीन लोगों की गिरफ्तारी के बाद मामला गरमाया

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से दाऊद इब्राहिम के तीन गुर्गों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक ये गिरफ्तारियां शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी की हत्या की साजिश रचने के आरोप में की गई हैं। रिजवी ने जनवरी में फोन पर दाऊद की ओर से धमकी मिलने की शिकायत भी दर्ज कराई थी। वहीं दूसरी तरफ गिरफ्तारी के बाद शिया वक्फबोर्ड के चेयरमैन ने कहा कि असदुद्दीन ओवैसी और सज्जाद नोमानी सहित मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के कुछ पदाधिकारी उनकी हत्या की लगातार साजिशें रच रहे हैं जिनके तार दाऊद इब्राहिम से जुड़े हैं।
जानकारी के मुताबिक दिल्ली पुलिस को सूचना मिली थी कि बुलंदशहर में दाऊद के कुछ गुर्गे बड़ी प्लानिंग कर रहे हैं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छापा मारा और आरिफ, अबरार और सलीम को गिरफ्तार कर लिया। यह भी बताया जा रहा है कि ये तीनों लगातार दाऊद के संपर्क में थे। बता दें, जनवरी में वसीम रिजवी को फोन पर जान से मारने की धमकी मिली थी। इसके बाद उन्होंने दाऊद इब्राहिम के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने उनकी सुरक्षा भी बढ़ा दी थी। रिजवी ने शिकायत में बताया था कि उन्हें फोन करने वाले अंजान शख्स ने खुद को ‘डी कंपनी’ का आदमी बताया और ‘भाई’ के नाम से धमकी दी। उन्हें यह धमकी मदरसा शिक्षा बोर्ड की आलोचना करने की वजह से दी गई थी।
दरअसल वसीम रिजवी शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन हैं। वे अयोध्या में विवादित जगह पर राम मंदिर बनाए जाने के पक्षधर हैं। उन्होंने अयोध्या में मंदिर और लखनऊ में मस्जिद-ए-अमन बनाने का प्रस्ताव भी रखा था। रिजवी ने कुछ दिन पहले ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को एक लिस्ट भी भेजी थी। इसमें कुछ मस्जिदों के नाम थे। रिजवी का दावा था कि ये मस्जिदें मुगलकाल में मंदिर तोडक़र बनाई गईं। उनका कहना है कि ये सभी मस्जिदें हिंदुओं को सौंप दी जानी चाहिए। शायद इसलिए वह निशाने पर हैं।

जीएसटी को सही तरीके से लागू करने में नाकाम रही सरकार: राजन

  • रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर ने केंद्र सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
  • कहा, नोटबंदी का फैसला भी सोच समझकर नहीं लिया गया

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

नई दिल्ली। रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन का मानना है कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) का क्रियान्वयन बड़ी समस्या नहीं है। इसका समाधान निकाल सकता है। केंद्र सरकार का देश में नोटबंदी लागू करना सोचा समझा फैसला नहीं था। एक ओर जहां मोदी सरकार अपने महत्वाकांक्षी सुधार ला रही है, वहीं दूसरी ओर राजन सरकार पर जीएसटी और नोटबंदी का सही तरीके से क्रियान्वयन नहीं कर पाने का आरोप लगा रहे हैं।
राजन ने कहा कि जीएसटी का क्रियान्वयन करने में आ रही समस्याओं का समाधान किया जा सकता है लेकिन सरकार सही तरीके से जीएसटी के क्रियान्वयन का काम कर ही नहीं रही है। यह उसी प्रकार है जिस तरह सरकार ने नवंबर 2016 में नोटबंदी लागू करने से पहले रिजर्व बैंक के साथ कोई विचार विमर्श नहीं किया था। कुल मुद्रा के 87.5 फीसद हिस्से को बैन करना अच्छा आइडिया नहीं था।
राजन ने कहा, मैंने कभी नहीं कहा कि नोटबंदी लागू करने से पहले मुझसे बात नहीं की गई थी। वास्तव में मैंने स्पष्ट किया था हमसे बात की गई थी और हमें ये ठीक नहीं लगा था।

प्रदर्शन

अपना दल के कार्यकर्ताओं ने आज आरबी सिंह पटेल के नेतृत्व में हजरतगंज में धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में केंद्र सरकार की तरफ से प्रदत्त आरक्षण व्यवस्था और दलित एक्ट को निष्प्रभावी कर संविधान की मूल भावना से खिलवाड़ करने के आरोप लगाकर सरकार विरोधी नारे भी लगाये गये।

अमेठी में देवर ने भाभी और भतीजी को जिंदा जलाया

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। यूपी के अमेठी जिले में आज एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई। यहां एक देवर ने जमीनी विवाद के कारण अपनी भाभी और भतीजी को जिंदा जला दिया। आग की लपटों के बीच घिरी दोनों चीखी चिल्लाईं तो पड़ोसी बचाने के लिए दौड़े। पड़ोसियों ने ही घटना की सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया लेकिन अस्पताल में इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई। वहीं आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक, अमेठी जिले में फुरसतगंज थानाक्षेत्र के पूरे सूबेदार गांव में जमीनी विवाद को लेकर एक कलयुगी देवर ने अपनी भाभी और भतीजी (मां-बेटी) को जिंदा जला दिया।

सेमिनार

डालीबाग स्थित गन्ना संस्थान में विश्व होम्योपैथिक सप्ताह पर आयोजित सेमिनार का उद्घाटन करते समाज कल्याण मंत्री रमापति शास्त्री व अन्य लोग।

पेड़ से लटकी मिली युवक की लाश

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। राजधानी के बीकेटी थाना क्षेत्र में आज सुबह एक युवक की खून से लथपथ लाश संदिग्ध हालात में आम के पेड़ से लटकी मिली। इस घटना की जानकारी राहगीरों ने थाने पर दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस आत्महत्या करने वाले युवक की शिनाख्त करवाने में जुटी है।
जानकारी के अनुसार बीकेटी थाना क्षेत्र के नवी कोट संदना गांव के बाहर स्थित एक आम के बाग में लगभग 30 वर्षीय युवक की खून से लथपथ लाश आम के पेड़ से लटकती मिली। लाश मिलने की सूचना से गांव में हडक़ंप मच गया और वहां ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। इंस्पेक्टर का कहना है कि युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या की है। बाग में घुसते समय कंटीले तार से चोटिल हो गया होगा जिसकी वजह से लहूलुहान हुआ है। फिलहाल युवक की शिनाख्त नहीं हो पाई है। वहीं ग्रामीणों में चर्चा है कि किसी ने युवक की हत्या करने के बाद उसकी लाश को पेड़ से लटका दिया है।

बच्चों में गंभीर बीमारी फैला रहा जॉन्सन एंड जॉन्सन बेबी पाउडर

  • कंपनी के पाउडर में एसबेस्टस होने की वजह से फैल रही बीमारी
  • अब तक पाउडर से बीमारी के 6610 मामले दर्ज

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। बेबी केयर मार्केट में दुनिया भर में मशहूर कंपनी जॉन्सन एंड जॉन्सन अपना 7वां केस भी हार गई है। निचली अदालत ने कंपनी पर 240 करोड़ का मुआवजा लगाया था जिसे अमेरिकी कोर्ट ने तीन गुना बढ़ाकर 760 करोड़ रुपये कर दिया। न्यूजर्सी के 46 वर्षीय इन्वेस्टमेंट बैंकर स्टीफन लैंजो और उनकी पत्नी केंड्रा ने कंपनी पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके प्रोडक्ट से उन्हें मेसोथेलियोमा हुआ है। दोनों ने कंपनी से मुआवजे की मांग की थी। दंपति का कहना था कि कंपनी के पाउडर में एसबेस्टस होने की वजह से उन्हें मेसोथेलियोमा हुआ है। लैंजो ने यह भी कहा कि कंपनी को इस बारे में पता है फिर भी उन्होंने अपने प्रोडक्ट पर कोई चेतावनी नहीं दी है।
बता दें कि मेसोथेलियोमा एक तरह का कैंसर होता है जो ऊतक, फेफड़ों, पेट, दिल और शरीर के अन्य अंगों पर प्रभाव डालता है। लैंजो ने कहा कि वह 30 सालों से कंपनी का बेबी पाउडर इस्तेमाल कर रहे हैं जिस कारण उन्हें यह बीमारी हुई। भारत की बात करें तो यहां बेबी केयर का मार्केट 93,000 करोड़ का है। जिसमें जॉन्सन एंड जॉन्सन कंपनी का हिस्सा 60 फीसदी है। वहीं कंपनी पर अमेरिका में अब तक बेबी पाउडर से बीमारी के 6,610 मामले दर्ज हैं। यानि 2 साल के अंतर्गत कंपनी को 5,950 करोड़ मुआवजा देने के आदेश दिए गए हैं। गौरतलब है कि बीते साल अगस्त में भी कंपनी को एक महिला को 475 करोड़ का मुआवजा देना पड़ा था। जिसमें महिला ने कंपनी प्रोडक्ट से ओवेरी कैंसर होने का दावा किया था। टैल्कम पाउडर से ओवेरी कैंसर का पहला मामला 1971 में सामने आया था।

चुनाव

नगर निगम में आज कर्मचारी संघ का चुनाव हो रहा है। चुनाव के दौरान कर्मचारी संघ के सदस्यों ने मुख्यालय में बने मतदान कक्ष पहुंचकर अपना वोट डाला। नगर निगम कार्यालय में हर तरफ चुनाव की ही चर्चा होती दिखी।

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