पाबंदी बेअसर, लोगों की सेहत बिगाड़ रहे बाजार में बिक रहे संक्रमित खाद्य पदार्थ

  • गन्ने और फलों के जूस, फू्रट चाट और कटे फल दे रहे बीमारियों को न्योता
  • महापौर के आदेश के बावजूद नहीं हो रही कोई कार्रवाई, नगर निगम सुस्त

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। गर्मी की दस्तक के साथ शहर के प्रमुख बाजारों में फ्रूट चाट और गन्ने के जूस की दुकानें सज गई हैं। खुले खाद्य पदार्थ बीमारियों को न्योता दे रहे हैं। पाबंदी के बावजूद ये बाजार में खुले आम बेचे जा रहे हैं। वहीं महापौर के आदेश के बावजूद नगर निगम ऐसे दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई करने में कोताही बरत रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि संक्रमित खाद्य पदार्थों के सेवन ने गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।
राजधानी में गर्मियां शुरू होते ही गन्ने के जूस व कटे फलों के दुकानों की बाढ़ आ गई है। संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए शहर में गन्ना मशीनों पर लगाई गई पाबंदी बेअसर दिख रही है। शहर में एक हजार से अधिक गन्ना मशीनें संचालित हैं। ये हाल तब है जब महापौर ने दस दिन पहले ही गन्ना मशीनों की बंद करने का निर्देश दिया था। जूस और कटे फल बेचने वालों के ठेलों पर सफाई की व्यवस्था नहीं रहती है। इससे फलों के संक्रमित होने का खतरा बना रहता है। ठेले पर कटे फल और अन्य खाद्य पदार्थ बेचने वालों से नगर निगम नियमों का पालन कराने में नाकाम हो रहा है। शहर में गन्ने की ज्यादातर मशीनें सडक़ और फुटपाथ पर अतिक्रमण कर लगाई गईं हैं। मुख्य मार्गों, चौराहों और बाजारों में गन्ने का जूस धड़ल्ले से बेचा जा रहा है। नगर निगम कर्मचारियों की मिलीभगत से फुटपाथ और सडक़ के किनारे अवैध दुकानों में कोल्हू लगा कर जूस की बिक्री की जा रही है। यह जूस पूरी तरह से संक्रमित होता है। राजधानी के कलेक्ट्रेट, बलरामपुर अस्पताल के पास, कैसरबाग चौराहा, कैसरबाग बस अड्डा, चारबाग रेलवे स्टेशन के पास, चौक, हजरतगंज नरही मार्ग, सीतापुर रोड खदरा से आईआईएम तिराहे आदि में कटे फल और गन्ने के जूस वालों ने कब्जा कर रखा है। इन पर मक्खियां भिनभिनाती रहती हैं। बावजूद इसके नगर निगम का स्वास्थ्य विभाग ऐसी दुकानों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।

धड़ल्ले से बिक रहा दूषित पानी

शहर के विभिन्न स्थानों पर छोटे-छोटे बच्चे पानी के पाउच बना कर बेच रहे हैं। इस पानी की शुद्धता की कोई गारंटी नहीं होती है। कई बार पाउच तैयार करते समय पानी संक्रमित हो जाता है। इसके अलावा शहर में अलग-अलग नामों से कई पाउच कंपनी अपने प्रोडक्ट बेच रही हैं। पाउच पर पैकिंग डेट से 30 दिन में उपयोग के निर्देश होने चाहिए, लेकिन इन पाउच पर पैकिंग तिथि प्रिंट नहीं होती है। लिहाजा उपयोगकर्ता को एक्सपायरी का पता नहीं चलता। इन पाउचों में भरे पानी की शुद्धता की जांच नहीं होती। कहीं बोर तो कहीं टैंकर से उपलब्ध पानी को पाउच में पैक किया जाता है।

खान-पान में बरते सावधानी: डॉ. हिमांशु

केजीएमयू के डॉ. हिमांशु का कहना है कि गर्मी के मौसम में खान-पान को लेकर सावधान रहने की जरूरत है। गर्मी में सडक़ किनारे कटे फल और गन्ने का जूस पीने से परहेज करें। इसका संक्रमण सेहत को बिगाड़ सकता है। इससे टाइफाइड, उल्टी-दस्त और पीलिया होने का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए इस मौसम में घर से खाना खाकर और पानी की बोतल साथ लेकर निकलना चाहिए।

इन पर हैं प्रतिबंध

गन्ने का रस समेत दूषित पेय पदार्थ।
कटे और सड़े-गले फलों की ब्रिकी।
निगम के निर्देश
पेयजल पाइपलाइन के लीकेज को ठीक करें।
 पेयजल आपूर्ति की जांच और क्लोरीनेशन।

नाले व नालियों की सफाई और एंटी लार्वा का छिडक़ाव ।
पड़ावघरों पर चूने का छिडक़ाव।

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