राजधानी की हाईटेक पुलिस के लिए चुनौती बने बदमाश, रुक नहीं रही हैं वारदातें

  • दस दिन में पांच लोगों को मारी गई गोली, फरार बदमाशों का अभी नहीं मिला सुराग
  • वारदातों के खुलासे का पुलिस बस दे रही भरोसा, दहशत में है राजधानीवासी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। राजधानी पुलिस के तमाम प्रयासों के बाद भी बदमाशों के हौसले बढ़ते जा रहे हैं। शायद ही कोई दिन ऐसा बीतता है जब खाकी को खुली चुनौती देते हुए बदमाश किसी वारदात को अंजाम न दे रहे हो। इस महीने दस दिन में बदमाशों ने पांच लोगों को गोली मार दी। वारदात को अंजाम देकर बदमाश फरार हो गए लेकिन आज तक पुलिस इन तक पहुंच नहीं सकी है। हालांकि पुलिस हमेशा की तरह जल्द ही बदमाशों को गिरफ्तार करने का दावा कर रही है।
राजधानी पुलिस के लिए बदमाश चुनौती बनते जा रहे हैं। अकेले राजधानी में आए दिन वारदातें हो रही है। केवल गोलीकांड की बात करे तो दस दिन में पांच वारदातें हो चुकी है। बदमाशों ने विकासनगर और मडिय़ांव थाना क्षेत्र में इन वारदातों को अंजाम दिया। पुलिस अभी इन वारदातों की तफ्तीश कर ही रही थी कि कृष्णानगर मेें गाड़ी खड़ी करने को लेकर एक बदमाश ने गार्ड को गोली मारकर लहूलुहान कर दिया और भागने में कामयाब हो गया। पुलिस अभी तक बदमाश को तलाश नहीं सकी है। 6 मार्च को यहां के एक इंजीनियरिंग कॉलेज में गार्ड की नौकरी करने वाले रामकुमार सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी। बदमाशों ने गार्ड को उस समय निशाना बनाया जब वह रात में अपनी ड्यूटी समाप्त कर साइकिल से अपने घर की ओर जा रहा था। ठाकुरगंज के जेहटा रोड पर उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गयी। घटना के बाद पुलिस ने जब छानबीन शुरू की तो उसे एक नयी कहानी मिली। मृतक की पत्नी मधु ने पूछताछ में बताया कि उसकी पहली शादी सुल्तानपुर के रहने वाले तेजबहादुर के साथ हुयी थी और शादी के बाद उसके तेजबहादुर से उसके तीन बेटे भी हुये। मधु ने बताया कि तेजबहादुर उसके साथ मारपीट करता था इससे आजिज आकर उसने उसका साथ छोडक़र रामकुमार के साथ शादी कर ली और उसके साथ आकर रहने लगी। रामकुमार की हत्या उसके पहले पति से हुए बेटे विनीत ने की है। लेकिन पुलिस को विनीत आज तक खोजे नहीं मिला है। वहीं सात मार्च को इंजीनियरिग कॉलेज के एक कर्मचारी सुनील जब अपना काम समाप्त करके घर आ रहे थे तभी बदमाशों ने उनको गोली मार दी। बदमाशों द्वारा चलाई गयी गोली उनकी गर्दन पर लगी जिससे वह लहूलुहान होकर गिर पड़े। सुनील ने बताया कि उनके कॉलेज में एक युवक आया था जिसने उनसे पहले तो कॉलेज में किसी के एडमीशन की बात की और बाद में कम्प्यूटर में एक्सपर्ट सुनील से अपने लैपटॉप से पुराना डाटा रिकवर करने की बात की। सुनील ने ऐसा करने से मना कर दिया। इसी खुन्नस के चलते युवक ने सुनील को गोली मार दी जिससे वह बुरी तरह घायल हो गये। इस मामले में आज तक विकासनगर पुलिस को गोली मारने वाले बदमाश का सुराग नहीं मिला है। इसी तरह कृष्णा नगर थाना क्षेत्र में स्थित फीनिक्स मॉल के गार्ड ज्ञानेंद्र सिंह उर्फ ज्ञान सिंह को मामूली विवाद के चलते बदमाश ने गोली मार दी। पुलिस का कहना है कि गार्ड ज्ञान सिंह की ड्यूटी गेट नंबर दो पर लगी थी तभी वहां पर एक युवक पहुंचा और गाड़ी खड़ी करने लगा गार्डनर उसे गाड़ी खड़ी करने से मना किया। इसी बात से गुस्सा होकर बदमाश ने गार्ड को गोली मार दी। इस बदमाश का भी कोई सुराग पुलिस को नहीं मिला है। इसी तरह विभूति खंड थाना क्षेत्र में एक दोस्त ने पैसे के लेनदेन को लेकर अपने दोस्त की गोली मारकर हत्या कर दी। इनमें अधिकांश मामलों में आज तक पुलिस बदमाशों तक पहुंच नहीं सकी है। ये वारदातें न केवल पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई है बल्कि इससे कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं।

विभूति खंड थाना क्षेत्र में एक दोस्त ने पैसे के लेनदेन को लेकर अपने दोस्त की गोली मारकर हत्या कर दी। अधिकांश मामलों में आज तक पुलिस बदमाशों तक पहुंच नहीं सकी है। ये वारदातें न केवल पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई हैं बल्कि इससे कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं।

इन सभी घटनाओं पर पुलिस की टीमें लगातार काम कर रही हैं। टीम कुछ घटनाओं के खुलासे के करीब पहुंच गई है जबकि कुछ का खुलासा जल्द कर दिया जाएगा। टीमें बदमाशों को पकडऩे के लिए लगातार दबिश दे रही हैं।
-दीपक कुमार, एसएसपी

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