अब भ्रष्ट अफसरों की काली कमाई होगी जब्त: योगी

सरकार के कामों में अडग़ा लगा रही नौकरशाही, पुलिस भर्ती में 20 फीसदी महिलाओं की होगी भर्ती
जनता जानती है सपा-बसपा गठबंधन की मौकापरस्ती, दोनों की राजनीति ने प्रदेश को किया पीछे

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा उपचुनाव में हार के बाद किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में पहली बार पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार की मंशा समझने के लिए सालभर का समय काफी होता है। भ्रष्टï अफसरों से सरकार उसी कठोरता से पेश आएगी जैसे अपराधियों के साथ आ रही है। ऐसे लोगों की न केवल नौकरी जाएगी बल्कि उनकी काली कमाई भी जब्त होगी।
गुरुवार को एक कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री ने कहा कि हार की मुख्य वजह कार्यकर्ताओं का अति आत्मविश्वास रहा। गोरखपुर के हर दौरे में मुझसे कहा गया कि जीत में कोई संदेह नहीं। मैंने कहा चुनाव और परीक्षा में यह रवैया ठीक नहीं। कार्यकर्ता निष्क्रिय हुए तो वोटर उदासीन। वे वोट डालने ही नहीं निकले। गोरखपुर में प्रत्याशी की बीमारी भी एक वजह रही। जीत जवाबदेही लेकर आती है और हार सबक। हार के इस सबक ने हमें खाई में गिरने के पहले संभलने का मौका दे दिया। 2019 में हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुआई में बेहतर करेंगे।
योगी ने कहा कि लोग सपा और बसपा के मौकापरस्त गठबंधन और इनके बीच सत्ता को लेकर हुई सौदेबाजी को जानते हैं। दोनों का चरित्र एक है। इन लोगों ने देश की हर संवैधानिक और लोकतांत्रिक संस्था को खत्म करने का पाप किया है। सिर्फ अपने और अपने लोगों के विकास के बारे में सोचा है। प्रदेश का विकास इनकी सोच में ही नहीं था। जब सोच ही नहीं थी तो निवेश और इसके लिए जरूरी बुनियादी संरचना के बारे में क्या सोचेंगे। सबके बावजूद नौकरशाही का अड़ंगा अलग से। ये सरकार नहीं चला रहे थे, उसे सरका रहे थे। कैग की रिपोर्ट में हर विभाग में हजारों करोड़ का घोटाला इसका सुबूत है। इस सबका खमियाजा हमें भुगतना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कृषि, ऊर्जा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, पर्यटन और अन्य क्षेत्रों में सरकार की उपलब्धियों की चर्चा की। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर करने की प्रतिबद्धता के साथ झांसी मेडिकल कालेज की घटना को लेकर चिकित्सकों को नसीहत भी दी। यह भी कहा कि होने वाली पुलिस भर्ती में सरकार का लक्ष्य 20 फीसद महिलाओं की भर्ती का है। योगी ने कहा कि विपक्ष में सच बोलने का साहस नहीं है। हर हार के बाद ईवीएम इनके निशाने पर रही है। यहां तक कि गोरखपुर के उपचुनाव के शुरुआती चरणों के मतगणना के दौरान भी इस पर सवाल उठाए। अब जब दोनों चुनावों में जीत गए तो कोई सवाल नहीं उठा रहे हैं।

सीएम ने अफसरों से लिया फीडबैक
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकसभा उपचुनाव के नतीजे आने के बाद 5 कालिदास मार्ग पर उच्च अधिकारियों से मुलाकात की और फीडबैक लेते रहे। गुरुवार की सुबह सभी कार्यक्रम सामान्य रुप से जारी रखा। गोंडा में पहले ही तय हो गया था कि वह स्वयं न जाकर उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा को भेजेंगे। उपचुनाव का रिजल्ट आने के बाद रात में सबसे पहले मुख्य सचिव राजीव कुमार ने 5 कालिदास मार्ग पर जाकर मुलाकात की थी। इसके बाद मुख्यमंत्री सचिवालय के अफसरों से मुलाकात हुई। उनसे 5 कालिदास मार्ग पर उच्चाधिकारियों के मिलने का सिलसिला जारी रहा। इस दौरान वह अधिकारियों से सरकारी कामकाजों के बारे में जानकारी लेने के साथ ही उपचुनाव का फीडबैक भी लेते रहे। सीएम ने अधिकारियों के साथ बैठक कर विभागीय कामकाजों की समीक्षा की और जरूरी निर्देश दिए।

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