सौर ऊर्जा में बढ़ते कदम और भविष्य

सवाल यह है कि देश में सौर ऊर्जा पर इतना जोर क्यों दिया जा रहा है? क्या निकट भविष्य में विकास के लिए सौर ऊर्जा समेत अन्य वैकल्पिक ऊर्जा का प्रयोग जरूरी हो जाएगा? देश को इससे क्या फायदा होगा? क्या इसका असर पर्यावरण और जनता की जेब दोनों पर पड़ेगा?

सौर ऊर्जा में देश तेजी से कदम बढ़ा रहा है। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्टï्रपति इमैन्युअल मैक्रों ने उत्तर प्रदेश के मीरजापुर में 100 मेगावॉट क्षमता वाले सोलर पावर प्लांट का लोकार्पण किया। प्लांट 155 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला है और इसमें 1 लाख 19 हजार सोलर पैनल लगे हैं। इसका निर्माण फ्रांस की कम्पनी एनगी ने करीब 500 करोड़ की लागत से किया है। प्लांट से प्रतिवर्ष 15.6 करोड़ यूनिट बिजली पैदा की जा सकेगी। करीब डेढ़ लाख परिवारों को इससे बिजली मिल सकेगी। सवाल यह है कि देश में सौर ऊर्जा पर इतना जोर क्यों दिया जा रहा है? क्या निकट भविष्य में विकास के लिए सौर ऊर्जा समेत अन्य वैकल्पिक ऊर्जा का प्रयोग जरूरी हो जाएगा? देश को इससे क्या फायदा होगा? क्या इसका असर पर्यावरण और जनता की जेब दोनों पर पड़ेगा? क्या सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए सरकार के प्रयास काफी होंगे या फिर जनता की सहभागिता भी जरूरी होगी?
पूरे विश्व में ऊर्जा के संसाधन मसलन पेट्रोल, डीजल, गैस और कोयला तेजी से खत्म होते जा रहे हैं जबकि तेजी से बढ़ रही जनसंख्या के कारण ऊर्जा की मांग में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इसके अलावा इन ऊर्जा संसाधनों के प्रयोग से वातावरण में प्रदूषण भी लगातार फैलता जा रहा है। भारत भी इस समस्या से अछूता नहीं है। प्रदूषण को कम करने के लिए वैकल्पिक और अक्षय ऊर्जा मसलन सौर ऊर्जा पर सरकार ने बल देना शुरू कर दिया है। सौर ऊर्जा के उत्पादन के लिए भारत का वातावरण भी पूरी तरह अनुकूल है। यहां के अधिकांश क्षेत्रों में वर्ष में 11 माह सूर्य की प्रखर धूप मिलती है। इससे यहां सौर ऊर्जा का उत्पादन करना काफी आसान है। इसका प्रयोग पेट्रोल, डीजल, गैस और कोयला के विकल्प में रूप में आसानी से किया जा सकता है। इसके अलावा यह अन्य ऊर्जा संसाधनों से काफी सस्ता पड़ता है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि जहां अन्य ऊर्जा स्रोतों से पर्यावरण प्रदूषित होता है, सौर ऊर्जा इससे अछूती है। इसके अलावा सूर्य इस अक्षय ऊर्जा का केंद्र है। हालांकि अभी देश में सौर ऊर्जा का काफी कम प्रयोग किया जा रहा है। लेकिन आने वाले समय में इसका उपयोग और उत्पादन दोनों ही बढ़ेंगे। जाहिर है सरकार का यह प्रयत्न निश्चित रूप से सराहनीय है। इससे प्रदूषण से जूझ रहे देश के तमाम राज्य भी मुक्त हो जाएंगे। हालांकि सौर ऊर्जा के व्यापक प्रयोग के लिए केवल सरकार के कदम ही नहीं बल्कि जनता का सहयोग भी जरूरी है। आने वाले दिनों में सौर ऊर्जा या वैकल्पिक ऊर्जा ही विकास का साधन बनेगा। यदि इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाली पीढिय़ों का भविष्य सुरक्षित नहीं रह पाएगा।

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