स्वेटर वितरण के मुद्दे पर विधानसभा में हंगामा  कांग्रेस ने सरकार पर लगाया भ्रष्टाचार का आरोप 

शिक्षा मंत्री अनुपमा जायसवाल के उत्तर से असंतुष्टï होकर सदन से किया बहिर्गमन

गाजियाबाद में कच्ची शराब से हुई मौत पर भी सरकार को घेरा 

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। विधानसभा में आज स्कूली बच्चों को समय पर स्वेटर वितरित न करने का मुद्दा गूंजा। इस मामले को लेकर विपक्ष ने सदन में जमकर हंगामा किया और सदन का बहिष्कार कर दिया। कांग्रेस विधायकों ने सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप भी लगाया।  
प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक दल के नेता अजय कुमार लल्लू ने शिक्षा मंत्री अनुपमा जयसवाल से स्वेटर वितरण और किन कम्पनियों को इसके टेंडर दिये गये इस बारे में सवाल पूछे। कांग्रेस नेता ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि स्वेटर वितरण में जमकर घोटाला हुआ है। घोटालेबाजी के चलते कैबिनेट में पास होने के बाद भी बच्चों को सही समय पर स्वेटर मुहैया नहीं हो सके। कांग्रेस ने कहा कि परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को सही समय पर स्वेटर नहीं बांटे गए और इसका गोलमोल जवाब भी दिया गया। इसलिए कांग्रेस ने बहिर्गमन किया है। कुछ खास कंपनियों को स्वेटर के टेंडर दिए गए  हैं। वहीं शिक्षा मंत्री ने सवालों का जवाब देते हुए कहा कि स्वेटर वितरण को लेकर दो कंपनियों ने टेंडर डाले थे जो कि सरकारी रेट से अधिक थे और यदि कहीं पर कुछ कमियां हैं तो उनको जल्द सुधारा जायेगा। मंत्री के जवाब से असंतुष्टï कांग्रेस ने सदन से बर्हिगमन कर दिया। हालांकि इस पूरे मामले का संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना सरकार का बचाव करते नजर आये। वहीं एक सवाल के जवाब में अजय कुमार लल्लू ने कहा कि सरकार पूरी तरह से संवेदनहीन है। इसका आम जनता से कोई लेना देना नहीं है। जहरीली शराब से लोगों की मौतें हो रही हैं। गाजियाबाद में कच्ची शराब से हुई मौत बेहद चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि स्वेटर के टेंडर के मामले में जवाब पर विपक्ष संतुष्ट नहीं है। कांग्रेस ने सरकार को सोमवार को भी मत्स्य पालन जैसे मुद्दे पर घेरा था। कांग्रेस विधान परिषद सदस्य दीपक सिंह ने विधान परिषद में सरकार से सवाल किया था है कि शासनादेश के तहत वर्ष 2014 से मत्स्य पालन को कृषि का दर्जा प्राप्त होने के बावजूद मत्स्य पालन पर व्यवसायिक दर से टैक्स वसूले जाने का क्या औचित्य है। कृषि का दर्जा प्राप्त होने के बावजूद व्यावसायिक दर से टैक्स वसूले जाने को लेकर मत्स्य पालन से जुड़े लोगों में काफी रोष एवं असंतोष व्याप्त है। उन्होंने सरकार से मांग की थी कि मत्स्य पालन पर शासनादेश के तहत कृषि के अनुरूप कर वसूला जाय। इसके अलावा उन्होंने प्रदेश सरकार से जगदीशपुर जनपद अमेठी में उद्योग स्थापित करने के लिए अधिग्रहीत की गयी भूमि पर अविलम्ब उद्योग लगाये जाने एवं फूड पार्क के रूप में विकसित किये जाने की मांग की थी। 
 
बजट पर चर्चा 
प्रश्नकाल में स्वेटर का मुद्दा गर्म रहा। हालांकि प्रश्नकाल के बाद सदन में बजट 2018 19 पर चर्चा शुरू हुई। नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने इस दौरान सरकार पर आरोप लगाया कि पिछली बार जो बजट पास हुआ था उसे पूरा खर्च नहीं किया जा सका। सपा एमएलसी सुनील यादव ने भी कहा कि सरकार पिछला बजट आधे से भी कम खर्च कर पाई है। जुमलेबाजी और दलित पिछड़ों को आपस में लड़ाने से भाजपा को छुट्टी नहीं मिलती इसलिए बजट खर्च नहीं कर पाई। धरातल पर कुछ नहीं दिख रहा है।
 

विपक्ष को एकजुट करने के लिए फिर सक्रिय हुईं सोनिया, कई दलों के नेताओं को डिनर पर बुलाया  

17 दलों को भेजा गया है न्यौता, घर पर आयोजित की गई है डिनर पार्टी 

 
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली।  आगामी लोकसभा में भाजपा का रथ रोकने के लिए सोनिया गांधी एक बार फिर विपक्षी एकता को मजबूत करने के लिए जुट गई हैं। विपक्ष को एकजुट करने के लिए उन्होंने आज अपने घर पर तमाम विपक्षी पार्टी के नेताओं को डिनर पर बुलाया है। 
कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया की कोशिश 2019 के लिए विपक्ष को लामबंद करने की है।  डिनर ऐसे समय आयोजित किया गया है जब विपक्षी एकता की बात हो रही है और सत्ताधारी एनडीए के कुनबे में सब कुछ ठीक नहीं है। हाल ही में तेलगु देशम पार्टी के मंत्रियों ने केंद्र सरकार से इस्तीफा दे दिया था। पार्टी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू केंद्र से आंध्र प्रदेश के लिए विशेष दर्जे की मांग कर रहे हैं। हालांकि सोनिया गांधी के डिनर में टीडीपी, बीजेडी और तेलंगाना राष्ट्र समिति को न्यौता नहीं दिया गया है। 17 दलों के नेताओं को डिनर के लिए आमंत्रित किया गया है। इसमें झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी, झारखंड मुक्ति मोर्चा के हेमंत सोरेन और बिहार से जीतन राम मांझी शामिल होंगे जो हाल ही में एनडीए छोड़ आरजेडी के साथ आए हैं जो कांग्रेस की सहयोगी है। इसके अलावा बिहार में इस समय कांग्रेस के सबसे बड़े सहयोगी आरजेडी नेता लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजस्वी यादव के भी हिस्सा लेने की संभावना है। हालांकि अभी तक उनके आने की  पुष्टि नहीं हुई है। टीएमसी के नेता सुदीप बंधोपाध्याय, डीएमके से कनिमोई, समाजवादी पार्टी से रामगोपाल यादव आ सकते हैं। वहीं सीपीआईएम से सीताराम येचुरी और  सीपीआई से डी. राजा भी मौजूद होंगे। इसके अलावा जनता दल सेक्युलर, केरल कांग्रेस, आईयूएमएल, आरएसपी, आरएलडी के नेताओं के आने की उम्मीद है। इस डिनर का आयोजन दिल्ली स्थित सोनिया गांधी के आवास 10 जनपथ में किया गया है।  माना जा रहा है कि इस डिनर के बाद आगामी लोकसभा चुनाव में विपक्षी दलों की एकता को बल मिल सकता है। 
एकजुटता समय की मांग
 
सोनिया गांधी का एक बड़ा संदेश ये है कि वह ममता और पवार की तीसरे मोर्चे की अगुवाई की कोशिश को तवज्जो नहीं देतीं। ऐसे में खुद ममता और शरद पवार का डिनर से अब तक दूर रहना कांग्रेस के लिए मुश्किलें खड़ी करने वाला है। हालांकि कांग्रेस मानती है कि मोदी के खिलाफ सबको एकजुट होना ही पड़ेगा और ये पूरे विपक्ष की जिम्मेदारी है। इस मुद्दे पर कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा, वक्त का तकाजा है कि सभी साथ आएं, आज तीसरे-चौथे मोर्चे का कोई मतलब नहीं हैं।
 
बसपा के शामिल होने पर संशय 
सूत्रों का कहना है कि बसपा को भी इस डिनर के लिए न्यौता भेजा गया है लेकिन हो सकता है मायावती इसमें किसी भी नेता को न भेजें क्योंकि कर्नाटक विधानसभा में पार्टी ने जनता दल सेक्युलर के साथ समझौता कर रखा है। 

जोधपुर में शूटिंग के दौरान अमिताभ की तबीयत बिगड़ी 

डॉक्टर को चार्टर विमान भेजकर बुलाया

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
जोधपुर। बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन को जोधपुर में शूटिंग के दौरान पेट में अचानक दर्द उठा। इसके बाद तत्काल फिल्म की शूटिंग रोक दी गई। पेट दर्द के इलाज के लिए अमिताभ के डॉक्टर को मुंबई चार्टर विमान भेजकर जोधपुर बुलाया गया है। फिलहाल बच्चन जोधुपर स्थित होटल में ठहरे हुए हैं और डॉक्टर उनका इलाज कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि अमिताभ बच्चन एक फिल्म की शूटिंग के सिलसिले में जोधुपर आए हुए थे। आज सुबह 4 बजे उनके पेट में अचानक दर्द उठा, फिलहाल अमिताभ को आराम है।
 
 
 
 
 
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