पुलिस की छवि बदलने की कवायद को तार-तार कर रहे कुछ वर्दीधारी, लोगों पर गांठ रहे हैं रौब

मुफ्त का सिगरेट नहीं मिलने पर दुकानदार से की गई मारपीट
रेप का मुकदमा दर्ज कराने गई पीडि़ता से की अभद्रता
आचरण सुधारने की नसीहतों को कर रहे नजरअंदाज

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। प्रदेश पुलिस की छवि बदलने की कवायद को कुछ वर्दीधारी ही तार-तार करने में जुटे हैं। आचरण सुधारने की तमाम नसीहतों का इन पर कोई असर पड़ता नहीं दिख रहा है। हालत यह है कि वे आम आदमी और दुकानदारों से वर्दी का रौब गांठ रहे हैं। कहीं मुफ्त की सिगरेट न देने पर पुलिसकर्मी दुकानदार को दौड़ा-दौड़ा कर बेरहमी से पीट रहे हैं तो कहीं मुकदमा दर्ज कराने थाने पर पहुंची रेप पीडि़ता से अभद्रता कर रहे हैं। यह सब तब हो रहा है जब डीजीपी ओपी सिंह फ्रेंडली पुलिसिंग की वकालत कर रहे हैं और पुलिसकर्मियों को लगातार अपने आचरण सुधारने का निर्देश जारी कर रहे हैं। साफ है केवल नसीहत देने भर से काम नहीं चलने वाला है।
स्ूाबे में डीजीपी का पदभार ग्रहण करने के बाद ही ओपी सिंह ने अपने मातहतों को जनता के प्रति अपने आचरण में सुधार करने का फरमान सुनाया था। बावजूद अधीनस्थ अपने आचरण में सुधार लाने का प्रयास करते नहीं दिख रहे है। हालत यह है कि जनता से फ्रेंडली होने की कौन कहे कुछ पुलिसकर्मी तो बकायदा वर्दी का रौब दिखाकर लोगों का भयादोहन कर रहे हैं। दुकानदारों से मुफ्त का सामान ले रहे हैं और ऐसा न करने वाले व्यापारियों को पीटने से भी बाज नहीं आ रहे हैं। पुलिसकर्मी किस तरह का व्यवहार लोगों से कर रहे हैं इसका हालिया उदाहरण शाहजहांपुर में दिखाई पड़ा। यहां पांच पुलिसर्मियों ने एक दुकानदार को सिर्फ इसलिये पीट दिया कि उसने इनको मुफ्त में सिगरेट देने से इंकार कर दिया। व्यापारी के इंकार से बौखलाए पांचों पुलिसकर्मियों ने दुकानदार को दौड़ा-दौड़ाकर पीटना शुरू कर दिया।
यह घटना किसी ने कैमरे में कैद कर इसे वायरल कर दिया। इसी तरह ललितपुर में एक थानेदार ने रेप पीडि़ता से अभद्रता की। पीडि़त महिला इंसाफ की आस में सौजाना थाने पर पहुंची थी। उसने अपनी आपबीती थानेदार को बताई। इस पर वहां मौजूद थानेदार ने मामले को गंभीरता से लेने के बजाए उल्टे उसको डांट कर भगा दिया। यहां पर भी थानेदार की इस करतूत को कैमरे में कैद कर लिया गया।
ये दोनों मामले तो बानगी भर है। ऐसी घटनाएं आए दिन प्रदेश में घट रही है। अधिकांश मौकों पर कोई दुकानदार या आम आदमी पुलिस से उलझना नहीं चाहता है और बात आई-गई हो जाती है। हालांकि शाहजहांपुर में दुकानदार से हुई मारपीट के मामले को डीजीपी ने गम्भीरता से लिया। पूरे प्रकरण की जांच कराई गई और दोषी पांच सिपाहियों को बर्खास्त कर दिया गया। वहीं दूसरी ओर ललितपुर मामले में थानेदार योगेन्द्र नाथ सिंह को लाइन हाजिर कर दिया। यही नहीं इस मामले में यूपी पुलिस ने सार्वजनिक रूप से उन लोगों से माफी मांगी जो वर्दी वालों की प्रताडऩा का शिकार हुये हैं।

क्या कहते हैं डीजीपी

डीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि पुलिस अधिकारी व कर्मचारी अपने व्यवहार व कार्यशैली से जनमानस पर अच्छा प्रभाव डालने का प्रयास करे और आम लोगों के प्रति अपने आचरण में सुधार लाये। इसके अलावा भ्रष्टाचार में लिप्तता को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। आम लोगों के प्रति गलत व्यवहार करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी।

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