लापरवाही: लाइसेंस शुल्क की वसूली नहीं होने से नगर निगम को चपत, ऑडिट आपत्ति से अफसरों में हडक़ंप

नगर स्वास्थ्य अधिकारी के दर्जनों पत्र के बाद भी नहीं जागे अफसर, चिकित्सकीय प्रतिष्ठानों से लाइसेंस शुल्क वसूलने में हीलाहवाली जारी
आर्थिक हालत खराब होने के बावजूद जिम्मेदारी से कतरा रहे अफसर, वर्क लोड की दे रहे दुहाई

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। राजधानी में संचालित नर्सिंग होम, पैथालॉजी सेंटर, डायग्नोस्टिक सेंटर समेत तमाम चिकित्सकीय प्रतिष्ठानों से लाइसेंस शुल्क न वसूलना नगर निगम के अफसरों के लिए मुसीबत का कारण बन गया है। प्रतिष्ठानों से लाइसेंस शुल्क की वसूली न करने से नगर निगम को कई करोड़ का नुकसान उठाना पड़ा है। वसूली को लेकर विभाग का यह हाल तब है जब विभाग की आर्थिक स्थित बेहद खराब है। अब वसूली नहीं होने से हुए नुकसान को लेकर ऑडिट में आपत्ति से अफसरों में हडक़ंप मच गया है।
नगर निगम सीमा में आने वाले करीब पांच हजार से अधिक चिकित्सकीय प्रतिष्ठानों से अफसर लाइसेंस शुल्क की वसूली नहीं कर रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2016-17 में नगर निगम ने मात्र दो दर्जन लाइसेंस जारी किये। विभागीय अफसरों की लचर कार्यप्रणाली के कारण चिकित्सक प्रतिष्ठानों से लाइसेंस शुल्क की वसूली के मद में नगर निगम को करीब डेढ़ करोड़ का नुकसान हो चुका है। अब वित्तीय वर्ष 2017-18 समाप्ति की ओर है लेकिन विभाग के द्वारा चिकित्सकीय प्रतिष्ठानों से लाइसेंस शुल्क की वसूली नहीं हो रही है। अगर कोई लाइसेंस शुल्क जमा करने के लिए खुद पहुंच जाता है तो उससे शुल्क जमा कराकर लाइसेंस जारी कर दिया जाता है। वहीं डेढ़ करोड़ रुपए को लेकर ऑडिट में आई आपत्ति से विभाग में हडक़ंप मच गया है। लाइसेंस शुल्क की जिम्मेदारी नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग को सौंपी गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सभी जोनल अफसरों को पत्र भेज कर वसूली के निर्देश पहले ही दिए जा चुके हैं, लेकिन वसूली ठप पड़ी है। बता दें कि नगर निगम द्वारा पूर्व में लाइसेंस शुल्क की वसूली की जाती थी। इसके लिए निगम के स्वास्थ्य विभाग की ओर से टीम गठित की गई थी। इस टीम के द्वारा शहर के सभी तरह के चिकित्सकीय प्रतिष्ठानों पर जाकर लाइसेंस शुल्क वसूली की जाती थी। इसके लिए बाकायदा चालान काटने की सुविधा थी, लेकिन नर्सिंग होम ओनर्स एसोसिएशन के विरोध के बाद शासन द्वारा वर्ष 2001 में लाइसेंस शुल्क वसूली स्थगित कर दी गई थी। 14 साल बाद वसूली के लिए शासन द्वारा पुन: आदेश जारी किया गया था। बावजूद इसके नगर निगम उक्त शुल्क की वसूली में हीलाहवाली कर रहा है। नतीजन नुकसान होने पर ऑडिट में आपत्ति हुई है।

नगर निगम सीमा के अंतर्गत आने वाले सभी चिकित्सकीय प्रतिष्ठानों से लाइसेंस शुल्क वसूले जाने के आदेश पहले से दिये जा चुके हैं। इस संबंध में जोनल अफसरों को कई बार पत्र लिखा जा चुका है। बावजूद इसके वसूली नहीं हो रही है। इस संबंध में नगर आयुक्त को पत्र भेजकर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।
डॉ. पीके सिंह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी

में जारी किया गया था आदेश, वसूली के लिए नहीं गठित की गई टीम

लाइसेंस शुल्क के दायरे में ये चिकित्सकीय प्रतिष्ठान

नर्सिंग होम, प्रसूति गृह, प्राइवेट अस्पताल, पैथालॉजी सेंटर, डायग्नोस्टिक सेंटर, ब्लड बैंक, एक्स-रे, डेंटल और प्राइवेट क्लीनिक

निगम द्वारा निर्धारित वसूली की दरें

निगम द्वारा निर्धारित वसूली की दरें

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