समाज में महिलाओं के प्रति बदलनी होगी सोच: राम नाईक

राज्यपाल ने किया सरस्वती बालिका विद्या मंदिर का उद्घाटन
दस लाख रुपये देने की घोषणा की, बालिका शिक्षा पर जोर

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। राज्यपाल राम नाईक ने जानकीपुरम् सेक्टर आई में सरस्वती बालिका विद्या मंदिर के भवन का लोकार्पण किया तथा दस लाख रुपये विद्यालय को देने की घोषणा भी की। राज्यपाल ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी द्वारा ‘सर्व शिक्षा योजना’ तथा वर्तमान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ योजना के कारण सुखद चित्र देखने को मिल रहा है। वर्ष 2016-17 शैक्षणिक सत्र के लिए सम्पन्न दीक्षांत समारोहों में 15 लाख से ज्यादा विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की गई हैं जिनमें 51 प्रतिशत छात्राओं को उपाधि मिली है। लगभग 66 प्रतिशत छात्राओं को उच्च शिक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पदक भी दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि समाज में महिलाओं के प्रति सोच बदलनी होगी।
बालिका शिक्षा पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति डॉ. राधाकृष्णन ने कहा था कि बेटी के शिक्षित होने से दो परिवार शिक्षित होते हैं। लडक़ी शिक्षित होगी तो घर ही संभालेगी की प्रवत्ति बदली है। बेटियां प्रशासनिक, पुलिस, सेना, बैंक आदि महत्वपूर्ण सेवाओं में अपना योगदान दे रही हैं। केवल आत्म निंदा करने या अंधेरे को कोसने के बजाय महिलाओं को आगे बढ़ाने का प्रयास करें। महिलाओं को शिक्षा के क्षेत्र में और आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। राज्यपाल ने शिक्षण संस्थानों के बाजारीकरण और मुनाफा कमाने के लिए बढ़ती वृत्ति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने सरस्वती बालिका विद्या मंदिर द्वारा पच्चीस प्रतिशत गरीब बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा देने के निर्णय की सराहना की। बेटी आगे बढ़ेगी तो देश आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं को गुणवत्तायुक्त शिक्षा और संस्कार देने में शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान होता है। इस अवसर पर महापौर डॉ. संयुक्ता भाटिया, क्षेत्रीय संगठन मंत्री विद्या भारती, कुलपति एसपी सिंह आदि मौजूद रहे।

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