नंदी के बयान पर सदन में मचा घमासान, विधान परिषद की कार्यवाही 12 मार्च तक के लिए स्थगित 

सपा और बसपा विधायकों ने की मंत्री को बर्खास्त करने की मांग,  विपक्ष का कहना था कि नंद गोपाल नंदी के बयान पर माफी मांगे सरकार

विधानसभा में कानून व्यवस्था पर सरकार के उत्तर न देने पर सपा और बसपा ने विधानसभा का किया बहिष्कार

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधान मंडल के बजट सत्र में आज विधानसभा व विधान परिषद में मंत्री नंदी के बयान और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव व बसपा सुप्रीमो मायावती पर रविवार को मंत्री नंद गोपाल नंदी ने अभद्र टिप्पणी की थी जिसको लेकर सदन में सपा, बसपा तथा कांग्रेस विधायकों ने अपना विरोध दर्ज कराया और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। आज सदन की कार्रवाई शुरू होते ही बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी और बसपा के नेता वेल में आकर विरोध करने लगे। इस दौरान उन्होंने मंत्री को बर्खास्त करने की मांग की और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विपक्ष के हंगामे के चलते विधान परिषद की कार्यवाही 12 मार्च तक के लिए स्थगित हो गई। 
 सदन में आज बजट पर चर्चा होनी है, लेकिन विपक्ष ने पहले ही साफ कर दिया था कि नंदी के बयान पर वह विरोध दर्ज कराएगा। इसके अलावा कानून व्यवस्था के मुद्दे समेत कई मामलों में सरकार को घेरा जाएगा। आज दोनों सदन में  समाजवादी पार्टी के साथ बहुजन समाज पार्टी के विधायकों ने जमकर हंगामा किया। नंदी के बयान पर विपक्ष के विरोध पर डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने कहा कि किसी के प्रति ऐसे शब्द जिससे कष्ट पहुंचता है, भाजपा ने इसे कभी नहीं स्वीकारा है। उन्होंने किस संदर्भ में क्या कहा यह जानकारी की जाएगी। राजनीति में ऐसे शब्दों का प्रयोग न हो जिससे किसी को कष्ट पहुंचे। वहीं विधानसभा में कानून व्यवस्था पर सरकार पर हमला करते हुए अजय कुमार लल्लू ने कहा कि इस समय देश में सबसे अधिक आपराधिक मामलों वाला प्रदेश उत्तर प्रदेश हो गया है। लूट, हत्या, बलात्कार, छिनैती, डकैती लगातार बढ़ती जा रही है। गोरखपुर मंडल जहां से मुख्यमंत्री आते हैं वहां पर एक साल में देखें तो कुशीनगर देवरिया महाराजगंज में अपराध का ग्राफ काफी बढ़ गया है। आपराधिक मामले पर सरकार का सही जवाब न आने के कारण कांग्रेस ने सदन का बहिर्गमन किया। वहीं कानून व्यवस्था के मुद्दे पर मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। सरकार की मंशा अपराधियों के खिलाफ खड़े होने की है न कि उनके साथ। किसी भी तरह की कोई कोताही कानून-व्यवस्था के साथ नहीं बर्दाश्त की जाएगी। उन्होंने कहा कि हम यूपीकोका लाने की तैयारी में हैं लेकिन विपक्षी उसका विरोध कर रहे हैं। वहीं विधान परिषद की कार्यवाही  शुरु होते ही विपक्षी दलों ने हंगामा शुरु कर दिया। विपक्ष के हंगामे के चलते विधान परिषद की कार्यवाही 12 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी गई।  गौरतलब है रविवार को इलाहाबाद में एक  चुनावी जनसभा के दौरान मंत्री नंद गोपाल ‘नंदी’ ने सपा संरक्षक मुलायम सिंह और बसपा सुप्रीमो मायावती की तुलना रामायण के किरदारों से की थी। चुनावी जनसभा में मंच पर मुख्यमंत्री योगी भी मौजूद थे। नंदी ने माया को सूर्पणखा और मुलायम सिंह यादव को रावण कहा था। 
  

कैबिनेट बैठक: उत्तर प्रदेश में सस्ती होगी सीएनजी 

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आज लोकभवन में कैबिनेट की बैठक हुई जिसमें कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी मिली। कैबिनेट में जहां उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा अध्यापक सेवा नियमावली में 22वीं संशोधन को मंजूरी मिली तो वहीं डॉक्टरों को दो वर्ष का बांड अनिवार्य किया गया है। इसके तहत अब राजकीय चिकित्सा सेवा के तहत आने वाले चिकित्सकों को दो वर्ष का बांड अनिवार्य किया गया है। इसके तहत एमबीबीएस और एमएस के साथ अन्य कोर्स करने वाले छात्रों को अब दो वर्ष ग्रामीण क्षेत्रों में बिताना अनिवार्य होगा। इनको सीएचसी तथा पीएचसी में अपनी सेवा अनिवार्य रूप से देनी होगी।
कैबिनेट बैठक में फैक्ट्री एक्ट में बदलाव को मंजूरी दी। इसके तहत अंतर्राज्यीय कर्मकार अधिनियम संशोधन पर मुहर लगी है। वहीं सूबे में सीएनजी गैस में पडऩे वाले टैक्स में बड़ी कटौती की गई है। टैक्स को 21 से घटाकर पांच प्रतिशत किया गया है। इससे उत्तर प्रदेश में सीएनजी काफी सस्ती हो जाएगी। इसके साथ कैबिनेट में यूपी मंडी अधिनियम में संशोधन को मंजूरी मिली है। 

कैबिनेट में पास हुए ये अहम प्रस्ताव 

फैक्ट्री एक्ट में संशोधन के प्रस्ताव को मिली मंजूरी
उपमंडी स्थल का प्रस्ताव पास 
मंडी अधिनियम को मिली मंजूरी
1964 में संशोधन का प्रस्ताव कैबिनेट में पास 
अंतरराज्यीय कर्मकार अधिनियम में संशोधन हुआ पास 
नेचुरल गैस निर्माण में कच्चे माल पर प्रस्ताव पास,  21 फीसदी से घटाकर 5 प्रतिशत किया गया
यूपी बेसिक शिक्षा नियमावली में संशोधन हुआ पास
 

आज अपने विधायकों को रणनीति सिखाएंगी मायावती 

बसपा सुप्रीमो ने विधायकों, प्रदेश पदाधिकारियों व जोनल कोआर्डिनेटरों को किया तलब 

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। बसपा सुप्रीमो मायावती एक बार फिर सक्रिय हो गई है। गोरखपुर व फूलपुर में हो रहे उपचुनाव के बाद प्रदेश की राजनीति में नये समीकरण दिखने लगे हैं। बसपा सुप्रीमों ने भी 23 साल पुरानी दुश्मनी भुलाकर सपा को समर्थन देकर राजनीति में नया दांव खेला है। मायावती उपचुनाव को लेकर गंभीर है और आज इसी को लेकर वह बसपा मुख्यालय पर शाम को अपने विधायकों, प्रदेश पदाधिकारियों और जोनल कॉआर्डिनेटरों  के साथ अहम बैठक कर आगे की रणनीति पर विचार विमर्श करेंगी। 
गोरखपुर और फूलपुर उपचुनाव भाजपा के साथ-साथ सपा व बसपा के लिए भी प्रतिष्ठïा का प्रश्न बन गया है। भाजपा को पटखनी देने के लिए बसपा सुप्रीमो ने सपा से हाथ मिला लिया है। भाजपा के बढ़ते कद को देखते हुए माया ने न सिर्फ सपा से अपनी 23 साल पुरानी दुश्मनी को भी भुला दिया है बल्कि आगे भी साथ चलने के संकेत दिए हैं। हालांकि बसपा प्रमुख मायावती ने स्पष्ट किया है कि यह चुनावी गठबंधन नहीं है। फिलहाल 11 मार्च को गोरखपुर व फूलपुर में मतदान होना है। बसपा सुप्रीमो आज इसी सिलसिले में अपने विधायकों समेत प्रदेश पदाधिकारियों के साथ अहम बैठक करेंगी। सूत्रों के मुताबिक बैठक में मायावती उपचुनाव की रणनीति के साथ-साथ राज्यसभा व लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर पर विचार विमर्श करेंगी।
 हालांकि बहुजन समाज पार्टी उपचुनावों में भागीदारी नहीं करती रही हंै। उसने गोरखपुर और फूलपुर में भी प्रत्याशी नहीं खड़े किए हैैं, इसलिए सभी दलों की निगाहें उसके मतदाताओं पर हैैं। फिलहाल माया ने सपा को समर्थन देकर अपने वोट बैंक सहेजने की जुगत कर ली है। 
 
 
 
 
 
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