भारत-कनाडा के बीच करार के मायने

सवाल यह है कि इन समझौतों से भारत को कितना फायदा होगा? क्या इससे देश की आर्थिक स्थिति को निकट भविष्य में मजबूती मिलेगी? क्या कनाडा से हुए परमाणु एनर्जी करार भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा कर पाएगा? क्या आतंकवाद पर कनाडा के पीएम का संकल्प पड़ोसी पाकिस्तान पर कोई असर डाल सकेगा?

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो भारत दौरे पर हैं। दोनों देशों के बीच आईटी, एनर्जी, यूथ एंड स्पोट्र्स, इंडस्ट्री एंड कॉमर्स, हायर एजुकेशन और परमाणु एनर्जी के क्षेत्र में कुल 6 करार हुए हैं। ये करार दोनों देशों के बीच बढ़ते संबंधों का प्रमाण माने जा सकते हैं। यही नहीं कनाडा के प्रधानमंत्री ने आतंकवाद को दुनिया के लिए खतरा बताया और इसके खिलाफ लड़ाई का संकल्प लिया। सवाल यह है कि इन समझौतों से भारत को कितना फायदा होगा? क्या इससे देश की आर्थिक स्थिति को निकट भविष्य में मजबूती मिलेगी? क्या कनाडा से हुए परमाणु एनर्जी करार भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा कर पाएगा? क्या आतंकवाद पर कनाडा के पीएम का संकल्प पड़ोसी पाकिस्तान पर कोई असर डाल सकेगा? भारत से बढ़ते संबंधों का कनाडा को कितना फायदा मिलेगा? क्या ट्रूडो का यह दौरा सार्थक साबित हुआ है?
भारत और कनाडा के बीच बढ़ते रिश्ते एक नए आयाम की ओर जाते दिख रहे हैं। कनाडा से भारत को बहुत कुछ मिल सकता है। कनाडा में यूरेनियम का बड़ा भंडार है। यह पूरी दुनिया में यूरेनियम सप्लाई करने वाला सबसे बड़ा निर्यातक देश है। आबादी बढऩे के साथ भारत की ऊर्जा जरूरतें तेजी से बढ़ती जा रही है। इस ऊर्जा जरूरत को परमाणु एनर्जी से निकट भविष्य में पूरा किया जा सकेगा। यूरेनियम से परमाणु ऊर्जा पैदा की जा सकती है। जाहिर है कनाडा से भारत के बढ़ते संबंध यूरेनियम की अबाध उपलब्धता को सुनिश्चित करेंगे। इसके अलावा दोनों देशों के बीच व्यापार और वाणिज्य को भी बढ़ावा मिलेगा। दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए संस्थागत ढांचे की जरूरत होगी। इसके बन जाने के बाद दोनों देशों के बीच व्यापार संबंध काफी तेजी से बढ़ेंगे। कनाडा भारत के विभिन्न क्षेत्रों में भारी निवेश कर सकता है। इससे भारत में रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा। टेक्नालॉजी के क्षेत्र में भी कनाडा से भारत बहुत कुछ सीख सकता है। उच्च शिक्षा के लिए कनाडा प्रसिद्ध है। यही कारण है कि यहां हर साल काफी संख्या में भारतीय छात्र पढ़ाई के लिए पहुंचते हैं। कनाडा में फिलहाल करीब सवा लाख भारतीय छात्र उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। ये भारतीय छात्र कनाडा की आर्थिक मजबूती में अपना योगदान दे रहे हैं। जाहिर है इन संबंधों का असर कनाडा के लिए भी लाभकारी है। वहीं आतंकवाद के मुद्दे पर कनाडा के पीएम के बयान ने निश्चित रूप से भारत को नैतिक सपोर्ट दिया है। हालांकि इसका कोई असर पाकिस्तान पर पड़ेगा, इसका अनुमान नहीं लगाया जा सकता।

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