नगर निगम कर्मचारी संघ पर पक्षपात का आरोप

महामंत्री पद की दावेदारी पेश करने वाले सत्येंद्र ने कहा, पद बांटने में हुई राजनीति

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। नगर निगम कर्मचारी संघ के कार्यकारिणी सदस्यों को पद बांटने में पक्षपात के आरोप लग रहे हैं। शुक्रवार को नगर निगम मुख्यालय में संघ की पहली कार्यकारिणी बैठक सम्पन्न हुई, जिसमें पदाधिकारियों का चयन किया गया है।
महामंत्री पद को लेकर कार्यकारिणी दो गुटों में बंटी नजर आयी। महामंत्री पद के लिए चुनाव में दूसरे नंबर पर आए सत्येन्द्र कुमार ने मजबूत दावेदारी पेश की। उनको 990 वोट मिले थे जबकि सांतवें नंबर पर रहे रामअचल महामंत्री का पद खोना नहीं चाह रहे थे लेकिन अंतिम फैसला जब घोषित किया गया तो सत्येन्द्र को महामंत्री पद नहीं मिला। संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि सत्येन्द्र के पक्ष में ओम प्रकाश उप्रेती व अनुज गुप्ता ने सहमति जताई लेकिन बाकी के सदस्यों ने विरोध किया। वहीं, सदस्य कार्यकारिणी का पद मिलने के बाद सत्येद्र का कहना है कि जब सबसे अधिक वोट पाने वाले को अध्यक्ष पद दिया गया तो दूसरे नंबर पर वोट पाने वाले को सदस्य कार्यकारिणी का पद दिया गया। पद बांटने में राजनीति हुई है।

कार्यकारिणी में पद बांटने का मामला

पदाधिकरियों का चुनाव कार्यकारिणी सदस्यों के बहुमत के आधार पर होता है। सत्येन्द्र के पक्ष में मात्र दो सदस्य थे इसलिए उनको महामंत्री पद नहीं मिला। यह व्यवस्था वर्ष 2004 से है। जब संघ की स्थापना हुई।
-आनंद वर्मा, अध्यक्ष, नगर निगम कर्मचारी संघ

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