मोहान रोड पर लगेगा प्लास्टिक वेस्ट से क्रूड ऑयल व जेट फ्यूल बनाने का प्लांट

7000 से अधिक लोगों को मिल सकेगा रोजगार
चेन्नई की कंपनी ने सरकार के साथ किया एमओयू
बनारस में लगाई जाएगी सबसे बड़ी रिफाइनरी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। इन्वेस्टर्स समिट संपन्न होने के साथ उद्योगपतियों से हुए एमओयू को जमीन पर उतारने के लिए शासन स्तर पर कवायद शुरू कर दी गई है। नगर विकास विभाग ने उत्तर प्रदेश के 17 शहरों में प्लास्टिक वेस्ट से कू्रड ऑयल व जेट फ्यूल बनाने के लिए प्लांट लगाने संबंधी एमओयू पर काम शुरू कर दिया है। पहला प्लांट लखनऊ के मोहान रोड पर लगाया जाएगा।
इन्वेस्टर्स समिट में चेन्नई की कंपनी एमके एरोमेटिक लिमिटेड ने सरकार के साथ 5000 करोड़ का एमओयू किया है। इसके मुताबिक 1000 करोड़ की लागत से लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, कानपुर समेत नगर निगम वाले 16 शहरों के साथ ही शाहजहांपुर में भी वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट लगाया जाएगा। 3000 करोड़ की लागत से वाराणसी और 1000 करोड़ की लागत से नोएडा गाजियाबाद के आसपास इंटीग्रेटेड आयल रिफाइनरी लगाई जाएगी। इस एमओयू पर अमल होने से 7000 से अधिक लोगों को रोजगार मिल सकेगा। एमके एरोमैटिक लिमिटेड के निदेशक इमरान रिजवी ने शुक्रवार को स्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त अनूप चंद्र पांडे और प्रमुख सचिव नगर विकास मनोज कुमार सिन्हा से मुलाकात कर प्लांट लगाने संबंधी विषय पर चर्चा की। एमओयू के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में प्रदेश की सबसे बड़ी आयल रिफ ाइनरी लगाई जाएगी। अफ सरों के साथ हुई चर्चा में तय किया गया कि वाराणसी चंदौली या वाराणसी मिर्जापुर मार्ग पर 3000 करोड़ रुपए की लागत से एंट्रीगे्रटेड आयल रिफ ाइनरी स्थापित की जाएगी। पूर्वांचल के सभी जिलों में 350 स्थानों पर छोटे प्लांट भी लगाए जाएंगे वहां से कूड़ा एकत्र कर वाराणसी रिफाइनरी पहुंचाया जाएगा। इस कूड़े में बायो डीजल, जेट फ्यूल के साथ ही बिजली और पेयजल भी तैयार होगा। इसके अलावा कृषि उपज से निकलने वाले कूड़े का भी इस्तेमाल किया जाएगा। यह देश की पहली ऐसी रिफाइनरी होगी जिसमें पॉलीमर एनर्जी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होगा।

 

Pin It