आखिर कब थमेंगे प्रदेश में सडक़ हादसे

अहम सवाल यह है कि प्रदेश में सडक़ हादसों पर नियंत्रण क्यों नहीं लग पा रहा है? हादसों की मुख्य वजहें क्या हैं? क्या सडक़ों की बनावट, यातायात नियमों का उल्लंघन और तेज रफ्तार जानलेवा साबित हो रही है? क्या यातायात विभाग की कार्यप्रणाली में आमूल परिवर्तन की जरूरत है? क्या जागरूकता का अभाव और लापरवाहीपूर्ण रवैया लोगों की जान ले रहा है?

इन्वेस्टर्स समिट में भाग लेने आ रहे बिजनौर के नूरपुर से भाजपा विधायक लोकेंद्र सिंह सहित चार लोगों की एक सडक़ दुर्घटना में मौत गई। हादसा सीतापुर में कार के ट्रक में टकराने से हुआ। प्रदेश में सडक़ हादसों में रोजाना कई लोगों की जानें जा रही है। कई इसकी चपेट में आकर हमेशा के लिए अपंग हो रहे हैं। यही नहीं इसकी वजह से हर साल करोड़ों का नुकसान हो रहा है। अहम सवाल यह है कि प्रदेश में सडक़ हादसों पर नियंत्रण क्यों नहीं लग पा रहा है? हादसों की मुख्य वजहें क्या हैं? क्या सडक़ों की बनावट, यातायात नियमों का उल्लंघन और तेज रफ्तार जानलेवा साबित हो रही है? क्या यातायात विभाग की कार्यप्रणाली में आमूल परिवर्तन की जरूरत है? क्या जागरूकता का अभाव और लापरवाही पूर्ण रवैया लोगों की जान ले रहा है? क्या बिना परीक्षण वाहन चलाने के लिए जारी किए जा रहे लाइसेंस हादसों में इजाफा कर रहे हैं?
प्रदेश में सडक़ हादसों में हर वर्ष इजाफा हो रहा है। हादसों की यह स्थिति तब है जब राज्य सरकार सडक़ सुरक्षा सप्ताह अभियान चलाकर लोगों को जागरूक कर रही है। हेलमेट को अनिवार्य किया गया है। बावजूद इनमें कोई कमी होती नहीं दिख रही है। दरअसल, सडक़ हादसों के लिए कोई एक कारण जिम्मेदार नहीं हैं। भले ही तात्कालिक कारण कोई एक दिख रहा हो। आरटीओ में जड़ तक भ्रष्टïाचार फैल चुका है। यहां दलाल सक्रिय हैं और बिना परीक्षण के लोगों को वाहन चलाने का लाइसेंस आसानी से मिल जाता है। ऐसे लाइसेंस धारक वाहन चालक दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं। नाबालिग बच्चे तक सडक़ों पर फर्राटा भरते नजर आते हैं। इनको यातायात नियमों की जानकारी तक नहीं होती है। वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात करना भी हादसों का बड़ा कारण है। आंकड़ों के मुताबिक हादसों में सबसे ज्यादा मौतें दो पहिया वाहन चालकों की हो रही हैं। इसके अलावा शहर से लेकर हाईवे तक की यातायात व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। कई स्थानों पर सिग्नल सिस्टम खराब हैं तो कई चौराहों पर यातायात पुलिस के सिपाही नदारद रहते हैं। सडक़ें और स्पीड बे्रकर भी हादसों का कारण है। मानकों के विपरीत बनी सडक़ें हादसों को न्योता देती है। और सबसे बड़ी वजह चालकों का लापरवाही भरा रवैया इसके लिए जिम्मेदार है। वे मानकों की अनदेखी कर वाहन को स्पीड में दौड़ाते हैं। इससे वाहन से उनका नियंत्रण खत्म हो जाता है। यह जानलेवा साबित होता है। कुल मिलाकर इन कारणों को दूर किए बिना हादसों पर नियंत्रण नहीं लगाया जा सकता है। सरकार को इसे गंभीरता से लेने की जरूरत है ताकि हादसों को कम किया जा सके।

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