कांग्रेस ज्वाइन करते ही पार्टी में नसीमुद्दीन का विरोध शुरू

संजय दीक्षित ने सिद्दीकी के खिलाफ मोर्चा खोला
कहा, केंद्रीय नेतृत्व को भ्रम में रख ग्रहण की पार्टी की सदस्यता

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। इसे कहते है सिर मुड़ाते ओले पडऩा। कांग्रेस में नसीमुद्दीन सिद्दीकी की सदस्यता को ग्रहण करने के कुछ मिनट बाद ही कांग्रेस पार्टी में उनका विरोध शुरू हो गया। एआईसीसी सदस्य संजय दीक्षित ने नसीमुद्दीन सिद्दीकी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उन्होंने कहा कि नसीमुद्दीन ने केंद्रीय नेतृत्व को भ्रम में रख कर कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की है। यह कांग्रेस की छवि को खराब करने की एक कोशिश है।
नई दिल्ली में जिस समय प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर नसीमुद्दीन सिद्दीकी को पार्टी की सदस्यता ग्रहण करवा रहे थे ठीक उसी समय लखनऊ में कांग्रेस नेता संजय दीक्षित अपने समर्थकों के साथ नसीमुद्दीन सिद्दीकी का विरोध जता रहे थे। गौरतलब है कि 1988 से राजनीति में प्रवेश करने वाले नसीमुद्दीन बुंदेलखंड के बड़े नेता माने जाते रहे हैं । 1991 में बहुजन समाज पार्टी से पहली बार विधायक बनने वाले नसीमुद्दीन 1993 में विधानसभा का चुनाव हार गए थे, लेकिन कांशीराम और मायावती से नजदीकियों की वजह से इनका राजनीतिक कद बढ़ता गया । 1995 में मायावती ने इन्हें अपनी मंत्रिमंडल में शामिल किया।
इसके बाद ये 2007 से 2012 तक मायावती की सरकार में कैबिनेट मंत्री थे । मई 2017 में मायावती ने इन्हें और इनके पुत्र अल्ताफ सिद्दीकी को पार्टी से निकाल दिया था । कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की उपस्थिति में नसीमुद्दीन के साथ उनके कई समर्थकों ने भी पार्टी ज्वाइन की। राहुल व नसीमुद्दीन की मुलाकात 28 दिसंबर को हुई थी ।

Pin It