खाकी की सख्ती ने बदमाशों के छुड़ाए पसीने एनकाउंटर के डर से करने लगे सरेंडर

योगी सरकार के कड़े निर्देशों का दिखने लगा असर
अब तक 156 इनामी बदमाशों ने किया आत्मसमर्पण, कुछ शातिर बदमाश भाग चुके हैं दूसरे राज्यों में

अनिल सैनी
लखनऊ। साहब मेरा नाम नसीम है। मेरे ऊपर 13 मामले दर्ज हैं और पुलिस मुझे खोज रही है। अब मैं कोई अपराध नहीं करूंगा। सुबह शाम थाने में हाजिरी दर्ज करवाऊंगा। यह नजारा है एक थाने का जहां अपराधी खुद पहुंचकर पुलिस अधिकारी से फरियाद कर रहा है। ऐसे ही नजारे अन्य जगहों पर भी दिखाई पड़़ रहे हैं। प्रदेश में कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद शुरू हुई पुलिस की सख्ती ने शातिर अपराधियों के पसीने छुड़ा दिए हैं। एनकाउंटर के डर से वे सरेंडर करने लगे हैं। हालत यह है कि जो बदमाश पुलिस को खोजे नहीं मिल रहे थे वे अब स्वयं थाने पहुंच रहे हैं। अब तक 156 इनामी बदमाशों ने सरेंडर किया है। हालांकि कई डर कर प्रदेश छोडक़र भाग खड़े हुए हैं।
प्रदेश की कमान संभालते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने के निर्देश पुलिस के आला अधिकारियों को दिए थे। साथ ही अपराधियों के साथ सख्ती से पेश होने की भी हिदायत दी थी। सीएम के आदेश के बाद प्रदेश की पुलिस ने अपरधियों के प्रति कड़ा रूख अख्तियार किया। कई बदमाश मुठभेड़ में मारे गए जबकि कई को पुलिस ने सलाखों के पीछे भेज दिया। अब तो बदमाशों के मन में खाकी का खौफ साफ नजर आने लगा है। कई बदमाश तो खुद थाने पहुंच कर सरेंडर कर रहे हैं। यही नहीं वे अपराध न करने का शपथ पत्र भी पुलिस अधिकारियों को सौंप रहे हैं। इनमें से कई बदमाश ऐसे हैं जिनके ऊपर प्रदेश सरकार ने इनाम घोषित कर रखा है। पुलिस या कोर्ट के सामने सरेंडर करने वाले बदमाशों में मेरठ जोन पहले नंबर पर है। यहां कुल 75 बदमाशों ने सरेंडर किया। इस मामले में गौतमबुद्वनगर पहले नंबर पर है। यहां अब तक कुल 15 बदमाशों ने पुलिस या दूसरे राज्य की कोर्ट में सरेंडर किया है। दूसरे नम्बर पर शामली जनपद है जहां 11 इनामी बदमाशों ने सरेंडर किया। इसके अलावा गाजियाबाद और बुलन्दशहर जनपद में 9 बदमाशों ने सरेंडर किया है। सहारनपुर में 8 जबकि मेरठ में 7 बदमाशों ने सरेंडर किया है। बरेली जोन में 13 बदमाशों ने कोर्ट में सरेंडर किया है जबकि 2 बदमाश ऐसे भी है जो अपनी जमानत निरस्त करवाकर वापस जेल चले गये। वाराणसी जोन में दस बदमाशों ने कोर्ट में सरेंडर किया है जबकि 8 बदमाशों ने जमानत तुड़वा कर वापस जेल का रूख किया है। कानपुर जोन में भी 19 बदमाशों ने कोर्ट में जाकर सरेंडर किया है जबकि चार बदमाश जमानत निरस्त करवा कर जेल पहुंच गए। गोरखपुर जोन में भी 15 बदमाशों ने कोर्ट में सरेंडर किया है। इलाहाबाद में 13, लखनऊ जोन में 2 और आगरा जोन में 9 बदमाशों ने अभी तक कोर्ट में सरेंडर किया है । इसके अलावा कई शातिर अपराधी प्रदेश छोडक़र
भाग गए हैं।

147 करोड़ जब्त
अपराधियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के साथ पुलिस ने पूरे प्रदेश में अभियान चलाकर अपरधियों की संपत्ति जब्त की। पुलिस ने सूबे के 169 गैंगस्टरों की 147 करोड़ की सम्पत्ति जब्त कर ली। इसके अलावा पूरे प्रदेश में 172 बदमाशों को रासुका के तहत निरूद्ध भी किया गया है।

चार पुलिसकर्मी शहीद, 268 हुए घायल

प्रदेश में पुलिस की सख्ती से अपराधी बौखला गये हैं। बदमाश पुलिस कर्मियों को निशाना बनाने में पीछे नहीं हैं। मुठभेड़ में अब तक सूबे के 4 जाबांज सिपाही शहीद हो गये हैं जबकि 268 पुलिसकर्मी घायल हुये।

कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए पुलिस बदमाशों को चेतावनी देने के साथ कड़ी कार्रवाई भी कर रही है। अपराधियों के प्रति पुलिस का यह रुख बरकरार रहेगा।
-आनन्द कुमार, एडीजी कानून व्यवस्था

दूसरे राज्यों में जाकर कर रहे समर्पण
अपराधी प्रदेश में तो सरेंडर कर ही रहे हैं। इसके अलावा वे दिल्ली, बिहार, हरियाणा, राजस्थान और मध्यप्रदेश के कोर्ट में भी सरेंडर कर रहे हंै।

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