विपक्ष ने इन्वेस्टर्स समिट को बताया चुनावी शोशेबाजी

एमओयू के अमलीजामा पहनाने में जताया संदेह
सरकार पर लगाया करोड़ों खर्च करने का आरोप

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। इन्वेस्टर्स समिट पर प्रतिक्रिया व्यक्त कर विपक्षी दलों ने 1045 एमओयू के वास्तविक अमल पर संदेह जताया। साथ ही 4.48 लाख करोड़ निवेश के दावे को चुनावी शोशेबाजी करार दिया है। सपा प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कहा कि भाजपा नेताओं द्वारा बड़ी घोषणाएं करना कोई नई बात नहीं है। चुनावों में जुमलेबाजी करके सरकार बनाने वालों को जनता सबक सिखाएगी। बसपा प्रदेश अध्यक्ष रामअचल राजभर ने आरोप लगाया कि इन्वेस्टर्स समिट के भव्य आयोजन में सरकारी खजाने से करोड़ों रुपये खर्च करने वाली सरकार को कानून व्यवस्था की परवाह नहीं है। अपराधी और माफिया प्रशासन को पंगु बनाए हैं। ऐसे में कागजों पर हुए लाखों करोड़ रुपये की एमओयू जमीन पर कितने उतरेंगे यह तो वक्त ही बताएगा।
कांग्रेस प्रवक्ता संजय बाजपेयी ने आरोप लगाया कि इन्वेस्टर्स समिट कम थी और इवेंट मैनेजमेंट ज्यादा दिख रहा है। बताया गया कि समिट में 1045 एमओयू हो गए और 4.46 लाख करोड़ रुपये निवेश होगा। बाजपेयी ने कहा कि मेगा फूड पार्क और हिंदुस्तान पेपर मिल्स जैसी योजनाओं को बंद करा चुकी सरकार से बहुत ज्यादा उम्मीद नहीं है। कुल मिलाकर इन्वेस्टर्स समिट चुनावी शोशेबाजी ही साबित होगी। राष्ट्रीय लोकदल मीडिया प्रभारी अनिल दुबे ने कहा कि निवेश की जो बातें की हैं अगर वास्तव में धरातल पर उतरती हैं तो प्रदेश का भला होगा लेकिन जुमलेबाजों से अधिक उम्मीद नहीं रही।

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