कौशल के साथ संस्कृति की समझ भी जरूरी: चिन्मयानंद

पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने युवा मुमुक्षु महोत्सव में की शिरकत
कहा, जानकारी के अभाव में युवा नहीं उठा पा रहे योजनाओं का लाभ

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। देश का निर्माण जिस चेतना से होता है वह चेतना सामाजिक और सांस्कृतिक है। अपनी संस्कृति और समाज को जानकर ही देश के विकास की रूपरेखा तैयार हो सकती है। नयी पीढ़ी को अपने सांस्कृतिक और वैचारिक आधारों को जानना बहुत आवश्यक है। यह विचार पूर्व केन्द्रीय गृह राज्य मन्त्री स्वामी चिन्मयानन्द ने व्यक्त किए। स्वामी चिन्मयानन्द मुमुक्षु शिक्षा संकुल में आयोजित युवाओं के कौशल विकास और संवर्धन को समर्पित युवा मुमुक्षु महोत्सव के शुभारम्भ के अवसर पर डी एस इंटर कालेज के प्रांगण में उपस्थित जनसमुदाय को सम्बोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि सरकारी की विभिन्न योजनाओं की जानकारी आम जनमानस तक पहुंचे यह बहुत महत्वपूर्ण है। युवाओं को दिशा देने के लिए केन्द्र और प्रदेश की सरकारें बहुत सी योजनाओं को संचालित कर रही हैं पर योजनाओं की जानकारी के अभाव में उनका समुचित लाभ युवा पीढ़ी नहीं उठा पा रही है। ऐसे में सरकार की योजनाओं की जानकारी प्रदान करने के लिए ऐसे आयोजन महत्वपूर्ण हैं। कौशल के साथ संस्कार और संस्कृति की समझ भी बहुत आवश्यक है। ऐसे में राम कथा का आयोजन इस सम्पूर्ण आयोजन को और भी खास बनाता है। वास्तव में रामचरित मानस एक धार्मिक पुस्तक भर नही हैं बल्कि यह सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना का केन्द्र है। इसका श्रवण और मनन जीवन को सम्यक दिशा प्रदान करता है। इस दृष्टि से यह आयोजन कौशल, संस्कृति और संस्कार का आयोजन है। इस मौके पर एसएस कालेज के प्राचार्य डॉ.अवनीश कुमार मिश्र, डॉ. अनुराग अग्रवाल तथा डीएस इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. अमीर सिंह ने भी विचार व्यक्त किए। 21 फरवरी से 25 फरवरी तक चलने वाले पांच दिवसीय मुमुक्षु युवा महोत्सव का शुभारंभ रुद्रार्चन और श्री राम कथा के साथ हुआ। मुमुक्षु शिक्षा संकुल के मुख्य अधिष्ठाता स्वामी चिन्मयानन्द, जिला पंचायत अध्यक्ष अजय प्रताप सिंह, जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी और एस. एस. कालेज के सचिव जी. एस. वर्मा ने दीप प्रज्ज्वलन कर राम कथा का शुभारंभ किया।

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