ठेंगे पर कोर्ट के आदेश, अभी तक नहीं हटीं सडक़ों पर लगी अवैध गैंट्री

हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद नगर निगम ने नहीं की कार्रवाई
पीडब्ल्यूडी से एनओसी लेकर शुरू हुआ था प्रचार

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। नगर निगम और एलडीए की सख्ती के बावजूद शहर में अवैध प्रचार का धंधा बंद नहीं हो रहा है। प्रचार एजेंसियों से सांठ-गांठ के चलते विभाग को प्रचार मद में करोड़ों का चूना लग रहा है। राजधानी अवैध प्रचार से पटी पड़ी है। जहां-तहां अनियोजित तरीके से लगे अवैध प्रचार शहर की सूरत बिगाड़ रहे हैं। यही नहीं, सरकारी विभागों से अवैध तरीके से अनुमति लेकर भी प्रचार किया जा रहा है। नगर निगम में रजिस्टर्ड एक निजी एजेंसी कई सालों से शहर में लगी अवैध गैंट्री पर प्रचार कर रही है।
मामला बीते कुछ साल पहले का है। जब नगर निगम में रजिस्टर्ड प्रचार एजेंसियों ने पीडब्ल्यूडी से एनओसी लेकर शहर की सडक़ों पर गैंट्री लगाई थी लेकिन 2007 में हाईकोर्ट ने सडक़ों पर गैंट्री लगाने पर रोक लगा दी थी। नतीजतन नगर निगम ने भी प्रचार एजेंसियों को गैंट्री हटाने के निर्देश दिए। बावजूद इसके प्रचार एजेंसियों ने कमाई के चक्कर में गैंट्री नहीं हटाई, जिनपर आज भी प्रचार जारी है। दूसरी ओर मामला गर्म होने पर प्रचार एजेंसियां गैंट्री से विज्ञापन हटा देती हैं और बाद में अवैध प्रचार का खेल शुरू हो जाता है। मौजूदा समय में शहर में लगभग 11 गैंट्री अवैध रूप से लगी हैं जिनको हटाने के लिए कई बार निगम प्रशासन ने लिखा लेकिन निचले स्तर के कर्मचारी गैंट्री हटाना जरूरी नहीं समझ रहे हैें। अवैध गैंट्री से नगर निगम को साल में करोड़ों का चूना लग रहा है। प्रचार एजेंसियां निगम कर्मियों की मिलीभगत से प्राइवेट संस्थाओं का प्रचार करने के बदले लाखों रूपये कमा रही हैं। यही नहीं, इस काम में निगम कर्मियों की मिली भगत भी होती है।

यहां हो रहा गैंट्री पर अवैध प्रचार
ड्ड निशातगंज ब्रिज के पास
ड्ड विवेकानंद ड्ड पॉलीक्लीनिक
ड्ड फन मॉल के सामने
ड्ड प्रगति बाजार कपूरथला
ड्ड विश्वविद्यालय रोड
ड्ड आईटी चौराहा
ड्ड परिवर्तन चौक
ड्ड कन्वेंशन सेन्टर
ड्ड मेडिकल कॉलेज

मामले की जानकारी नहीं है, इस संबंध में जिम्मेदार अफसरों से बात की जाएगी अगर गैंट्री अवैध तरीके से लगी हैं तो तत्काल हटाई जाएंगी।
उदयराज सिंह, नगर आयुक्त

Pin It