इन्वेस्टर्स समिट और नई संभावनाएं

अहम सवाल यह है कि क्या समिट प्रदेश में नई संभावनाओं के द्वार खोल सकेगी? क्या सरकार की उम्मीदों को पंख लग सकेंगे? क्या प्रदेश में रोजगार के नए साधन विकसित हो सकेंगे? क्या निवेशक वाकई प्रदेश में निवेश को इच्छुक हैं या यह केवल एक मिलन समारोह ही साबित होगा? क्या इन्वेस्टर्स समिट प्रदेश के सुनहरे भविष्य की नींव रखने में सफल हो पाएगी?

इन्वेस्टर्स समिट का आगाज हो चुका है। देश-विदेश के निवेशक राजधानी पहुंच चुके हैं। प्रदेश सरकार ने समिट को सफल बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। समिट के जरिए प्रदेश में तीन लाख करोड़ से अधिक के निवेश की उम्मीद है। निवेशकों और सरकार के बीच 900 से अधिक एमओयू पर हस्ताक्षर होने की संभावना जताई जा रही है। समिट अधिक से अधिक निवेश पर केंद्रित है। भारी पैमाने पर निवेश का प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर सीधा असर पड़ेगा। यह प्रदेश में रोजगार के साधन विकसित करने में भी अहम भूमिका निभाएगा। इन सबके बीच कुछ सवाल भी हैं। अहम सवाल यह है कि क्या समिट प्रदेश में नई संभावनाओं के द्वार खोल सकेगी? क्या सरकार की उम्मीदों को पंख लग सकेंगे? क्या प्रदेश में रोजगार के नए साधन विकसित हो सकेंगे? क्या निवेशक वाकई प्रदेश में निवेश को इच्छुक है या यह केवल एक मिलन समारोह ही साबित होगा? क्या इन्वेस्टर्स समिट प्रदेश के सुनहरे भविष्य की नींव रखने में सफल हो पाएगी?
प्रदेश के विकास को रफ्तार देने के लिए योगी सरकार तमाम कोशिशें कर रही है। इन्वेस्टर्स समिट इसी प्रयास का परिणाम है। सरकार की मंशा है कि प्रदेश में अधिक से अधिक निवेश हो ताकि रोजगार के साधनों का तेजी से विकास हो। इससे प्रदेश से युवाओं का पलायन रूकेगा। साथ ही प्रदेश की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। समिट को सफल बनाने के लिए सरकार ने कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी है। खुद सीएम योगी आदित्यनाथ उद्योगपतियों से मिले और निवेश का न्योता दिया। सरकार के कई मंत्री इस काम में महीनों तक जुटे रहे। प्रचार-प्रसार के लिए रोड शो आयोजित किए गए। इसके अलावा सरकार ने निवेशकों को सभी सुविधाएं मुहैया कराने का भरोसा दिया है। बावजूद यह सवाल अपनी जगह है कि क्या निवेशक यहां निवेश को उत्सुक होंगे? फिलहाल यहां निवेश न करने का कोई बड़ा कारण समझ नहीं आता है। किसी भी प्रदेश में निवेश के लिए कच्चा माल, सस्ता श्रम और बाजार की जरूरत होती है। यह तीनों ही यहां भरपूर मात्रा में मौजूद हैं। इसके अलावा विद्युत आपूर्ति और सुरक्षा का भी पुख्ता इंतजाम करने का भरोसा सरकार की ओर से उद्योगपतियों को दिया जा चुका है। ऐसे में यह नहीं लगता कि समिट बिना किसी नजीते के समाप्त होगी। यदि सरकार समिट में निवेशकों को समझाने में सफल रही तो निश्चित रूप से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को पंख लग जाएंगे। साथ ही कुछ ही वर्षों में यहां हजारों युवकों को रोजगार भी मिल सकेगा। फिलहाल समिट से नई संभावनाओं की उम्मीद की जा सकती है।

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