स्वच्छता सर्वेक्षण को ईकोग्रीन की वजह से लग सकता है पलीता

कूड़ा कलेक्शन में ईकोग्रीन एनर्जी की लापरवाही जारी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। शहर में कूड़ा कलेक्शन के नाम पर निजी संस्था ईकोग्रीन एनर्जी की लापरवाही जारी है। अफसरों के सुस्त रवैये के कारण संस्था द्वारा कूड़ा कलेक्शन के काम में कोई तेजी नहीं आयी है। नगर निगम की ओर से मार्च में ईकोग्रीन एनर्जी को तीन महीने के अन्दर घरों से कूड़ा कलेक्शन का काम पूरा करने का निर्देश दिया था लेकिन अभी तक ईकोग्रीन एनर्जी द्वारा कोई सुधार नहीं किया गया है। ऐसा ही हाल रहा तो स्वच्छता सर्वेक्षण को पलीता लगना तय है।
ईको एनर्जी के आधे से ज्यादा ई-रिक्शा खराब होने से मौजूदा समय में कूड़ा कलेक्शन नहीं कर रहे हैं। हालांकि अफसर रिक्शा खराब होने की पुष्टिï नहीं कर रहे हैं। वहीं नगर निगम के जोन 5 व 8 ईकोग्रीन को हैंडओवर होने के बावजूद सभी घरों से कचरा नहीं लिया जा रहा है। यही नहीं तमाम स्थान ऐसे भी हैं जहां ईकोग्रीन के ई-रिक्शों के द्वारा घरों से कूड़ा कलेक्शन किया गया लेकिन कूड़े को शिवरी प्लांट ले जाने की जगह सडक़ किनारे डम्प कर दिया गया। और तो और अफसरों ने संस्था पर कोई भी कार्रवाई नहीं की। बता दें कि ईकोग्रीन की लापरवाही नगर निगम पर भारी पड़ सकती है। स्वच्छता सर्वेक्षण में 600 नम्बर डोर-टू-डोर कलेक्शन से लेकर कूड़े के सही निस्तारण के हैं। सफाई पर पब्लिक फीडबैक के 1400 नंबर हैं। कूड़े की उठान बंद होने से सफाई व्यवस्था में गड़बड़ होगी। इसका असर स्वच्छता सर्वेक्षण पर पड़ेगा। 15 फरवरी के बाद टीम दौरे पर आएगी। इससे पहले सुधार न होने पर नंबर घटने तय हैं।

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