गुंडे समझ गए कि अब अपराध मुक्त नहीं बल्कि अपराधी मुक्त हो रहा उत्तर प्रदेश

सरकार किसी की भी रही हो कानून-व्यवस्था हमेशा रही है चुनौती
सत्ता संभालने के बाद से ही सीएम योगी अपराध मुक्त यूपी की जता चुके हैं प्राथमिकता
दस माह में यूपी पुलिस और अपराधियों के बीच हो चुके हैं 1038 एनकाउंटर
यूपी पुलिस ने 10 महीनों में 32 कुख्ताय अपराधियों को मार गिराया
हर महीने 3 से अधिक अपराधी योगी राज में हुए ढेर

प्रीति सिंह
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जिस गति से अपराधियों का सफाया हो रहा है उससे तो यही लग रहा है कि आने वाले समय में उत्तर ्रप्रदेश अपराध मुक्त नहीं बल्कि अपराधी मुक्त राज्य कहलायेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी सत्ता संभालते ही प्रदेश को अपराध मुक्त बनाने का वादा किया था। फिलहाल जिस तरह से प्रदेश में ताबड़तोड़ एनकाउंटर हो रहा है उससे साफ है कि सीएम योगी अपना वादे को लेकर गंभीर हैं।
उत्तर प्रदेश में सरकार किसी की भी रही हो कानून-व्यवस्था हमेशा चुनौती रही है। सपा सरकार कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर हमेशा बैक फुट पर रही और भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव में कानून-व्यवस्था को ही मुद्दा बनाया था। चुनावों में पीएम मोदी से लेकर अन्य वरिष्ठï नेताओं ने चुनावी सभाओं में जनता से वादा किया था कि सत्ता में आने के बाद से कानून-व्यवस्था को दुरुस्त करेंगे। बीजेपी के वादों पर जनता ने भरोसा जताया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी सत्ता में आने के बाद से लगातार कानून-व्यवस्था को पटरी पर लाने की बात कहते आ रहे हैं। वह सार्वजनिक मंच पर भी कई बार कह चुके हैं कि अपराध मुक्त प्रदेश बनाना उनकी प्राथमिकता है। योगी की प्राथमिकता को ध्यान में रखते हुए ही प्रदेश के पुलिस मुखिया लगातार अपने अधीनस्तों के पेंच कसते रहते हैं। प्रदेश के पुलिस मुखिया ओपी सिंह भी अपना कार्यभार संभालने के दौरान मीडिया से बातचीत में कहा था कि अपराधियों की गोली का जवाब पुलिस गोली से ही देगी। नतीजा सबके सामने हैं। यदि हम आंकड़ों पर गौर करें तो बीते 10 महीने में यूपी पुलिस और अपराधियों के बीच 1038 एनकाउंटर हो चुके हैं। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, इन मुठभेड़ों में 2517 अपराधी गिरफ्तार कर लिए गए। इतना ही नहीं यूपी पुलिस ने इन 10 महीनों में 32 कुख्यात अपराधियों को मार गिराया, मतलब हर महीने 3 से अधिक अपराधी योगी राज में ढेर हुए हैं। इसके अलावा यूपी पुलिस से मुठभेड़ में 236 घायल हुए। गिरफ्तार किए गए अपराधियों में से 1769 अपराधी पुलिस की वांटेड लिस्ट में शामिल थे और उन पर इनाम घोषित था। यूपी पुलिस द्वारा 160 अपराधियों के खिलाफ एनएसए लगाया है , जबकि 167 मामलों में कुल 146 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई है। 

भू-मूाफियाओं पर भी है सरकार की नजर
योगी सरकार जहां अपराधियों पर नकेल कसने में जुटी हुई है वहीं भू-माफियाओं पर भी नजर बनाए हुए हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने भू-माफियाओं के खिलाफ भी सख्त रवैया अपना रखा है। इसके लिए सीएम योगी ने एंटी भू-माफिया टास्क फोर्स तक गठित कर दिया है। यूपी पुलिस का दावा है कि 16 जनवरी, 2018 तक 10 महीने की अवधि में राज्य में भू माफियाओं के कब्जे में रही कुल 26,958.27 हेक्टेयर भूमि में से 14,611.3 हेक्टेयर भूमि को कब्जा मुक्त करवा लिया गया है। इतना ही नहीं इन भू-माफियाओं ने 9,607.45 हेक्टेयर सरकारी भूमि पर भी कब्जा कर रखा था, जिसमें से 3,563.76 हेक्टेयर भूमि को कब्जा मुक्त करवा लिया गया है। यूपी पुलिस ने प्रदेश भर में सक्रिय 2,967 भू माफियाओं को चिन्हित किया है, जिनके खिलाफ कार्रवाई की जानी है। इनमें से 314 माफियाओं के खिलाफ गुंडा ऐक्ट के तहत और 61 के खिलाफ गैंगस्टर ऐक्ट के तहत कार्रवाई शुरू भी हो चुकी है। 1873 भू माफिया भी यूपी पुलिस के रडार पर हैं, जिनके खिलाफ विभिन्न आपराधिक धाराओं में कार्रवाई की जा रही है।

पूरे देश में है यूपी पुलिस एनकाउंटर की चर्चा
उत्तर प्रदेश में ताबड़तोड़ पुलिस एनकाउंटर की चर्चा पूरे देश में है। नेशनल मीडिया भी इस पर कई बार सवाल उठा चुकी है। एक चैनल के कार्यक्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ से इस मुद्दे पर सवाल किया गया था तो उन्होंने बड़ी ही बेवाकी से कहा था कि जनता के हित के लिए यह जरूरी है।

एनकाउंटर को लेकर विपक्ष के निशाने पर है योगी सरकार

प्रदेश में धड़ाधड़ एनकाउंटर के बीच फर्जी एनकाउंटर्स को लेकर योगी सरकार विपक्ष के निशाने पर है। फर्जी एनकाउंटर का मुद्दा विधानसभा से लेकर राज्यसभा तक में उठ चुका हैं। बावजूद इसके सीएम योगी इन एनकाउंटर्स को अपनी उपलब्धि के तौर पर गिना रहे हैं। पिछले दिनों उन्होंने ट्वीट कर कहा था कि सरकार अपराध मुक्त उत्तर प्रदेश का वादा पूरा कर रही है, जबकि विपक्ष लगातार कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को घेरने में जुटी हुई है। पिछले दिनों नोएडा में एक जिम ट्रेनर को दारोगा ने गोली मार दी थी। इस मुद्दे को लेकर राज्यसभा में जमकर हंगामा हुआ था। हालांकि बाद में गिरफ्तार दारोगा ने गलती से गोली चलने की बात कही थी। प्रदेश में विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है। पहले दिन विपक्षी दलों ने पुलिस एनकाउंटर को लेकर जमकर हंगामा किया था।

राष्टï्रीय मानवाधिकार लगातार भेज रही है सरकार को नोटिस 

उत्तर प्रदेश में बीते दस माह में 33 खूंखार अपराधियों का एनकाउंटर किया गया, जिसको लेकर योगी सरकार अपनी पीठ थपथपा रही है लेकिन यूपी पुलिस के एनकाउंटर को लेकर योगी सरकार लगातार मानव अधिकार आयोग के निशाने पर है। कई मामलों में मानवाधिकार आयोग योगी सरकार और पुलिस प्रमुख को नोटिस भेज चुकी है। 22 नवंबर 2017 में राष्टï्रीय मानवाधिकार आयोग ने बीते छह माह के दौरान पुलिस के साथ अलग-अलग मुठभेड़ में हुई मौतों पर नोटिस जारी कर छह सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट की मांग की थी। आयोग ने कहा था कि कानून व्यवस्था सुधारने के नाम पर पुलिस को फ्रीहैंड देना सामाजिक स्तर पर ठीक नहीं हैं। नोटिस जारी करते हुए आयोग ने पिछले 19 नवम्बर को एक अखबार में छपे मुख्यमंत्री के उस बयान को भी उद्धृत किया था जिसमें योगी ने कहा था कि अपराधी या तो अब जेल में होंगे या फिर यमराज के पास। आयोग ने कहा कि कि कानून-व्यवस्था की स्थिति बहुत गंभीर होने पर भी कोई राज्य सरकार मुठभेड़ में हत्या जैसे उपायों को बढ़ावा नहीं दे सकती।

Pin It