भारत-पाक के बीच बढ़ते तनाव के निहितार्थ

सवाल यह है कि जंग में कई बार मुंह की खाने के बाद भी पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज क्यों नहीं आ रहा है? आखिर किसके बूते यह छोटा और आर्थिक रूप से बेहद कमजोर देश भारत से भिडऩे की कोशिश करता रहता है? क्या आतंकवादियों को भारत में घुसपैठ कराने के लिए पाक सेना फायरिंग कर रही है या इसके कुछ अन्य कारण हैं?

पाकिस्तानी सेना ने एक बार फिर सीजफायर का उल्लंघन किया और भारतीय सेना को लक्ष्य कर फायरिंग की, एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल दागी। इस फायरिंग में कैप्टन सहित भारतीय सेना के चार जवान शहीद हो गए। सवाल यह है कि जंग में कई बार मुंह की खाने के बाद भी पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज क्यों नहीं आ रहा है? आखिर किसके बूते यह छोटा और आर्थिक रूप से बेहद कमजोर देश भारत से भिडऩे की कोशिश करता रहता है? क्या आतंकवादियों को भारत में घुसपैठ कराने के लिए पाक सेना फायरिंग कर रही है या इसके कुछ अन्य कारण हैं? क्या एंटी टैक गाइडेड मिसाइल से किए गए हमले को केवल सीजफायर का उल्लंघन माना जा सकता है? क्या कट्टïरपंथियों, सेना और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के इशारे पर यह सब हो रहा है?

पाकिस्तान और भारत के संबंध कभी मधुर नहीं रहे हैं। पाकिस्तान ने भारत से कई युद्ध लड़े और मुंह की खाई। उसकी कश्मीर पर भी नजरें गड़ी हैं। घाटी में आतंकियों की फौज भेजकर वह हिंसा फैलाता रहा है। इसमें उसे अलगाववादियों का साथ मिला। इन अलगाववादियों ने पत्थरबाजों को तैयार किया जो आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची सेना पर पत्थर बरसाते हैं। कई सियासी पार्टियां भी अंदरखाने आतंकियों के सहयोगी पत्थरबाजों से हमदर्दी रखते हैं। मुफ्ती सरकार ने आत्मरक्षा में पत्थरबाजों पर फायरिंग करने वाले सेना के जवानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी है। अलगाववादियों पर शिकंजा कसने से पाकिस्तान को सहयोग मिलना काफी कम हो गया है। वहीं पाकिस्तान कश्मीर में भारतीय सेना द्वारा आतंकियों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन ऑल आउट से घबरा गया है। लिहाजा आतंकियों की घुसपैठ कराने के लिए वह फायरिंग कर रहा है। इसके अलावा पाक आतंकवाद के मुद्दे पर अमेरिका से बिगड़ते संबंधों का जिम्मेदार भारत को मानता है। पाकिस्तान की अंदरूनी हालत भी खराब है। जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझ रही है। अमेरिका से आर्थिक मदद मिलनी कम हो चुकी है। ऐसे समय में पाक हुक्मरान जनता का ध्यान भंग करने के लिए भारत के साथ जंग के हालात पैदा करना चाहते हैं। असली सवाल यह है कि क्या भारत पाकिस्तान के खिलाफ कोई निर्णायक कदम उठाएगा या फिर हमारे जवान ऐसे ही शहीद होते रहेंगे? पाकिस्तान को समझना चाहिए कि एक और युद्ध उसे दिवालिया बना देगा। फिर युद्ध किसी समस्या का समाधान भी नहीं है। अगर वह भारत से रिश्ते सुधारना चाहता है तो उसे आतंकवाद को खत्म करना होगा। अन्यथा उसे बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।

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