ताक पर प्रमुख सचिव नगर विकास का आदेश नगर निगम नहीं कर रहा कर्मियों की स्क्रीनिंग

नगर निगम प्रशासन की लापरवाही से नहीं हो सकी 50 की उम्र पार कर चुकें कर्मचारियों की स्क्रीनिंग

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। सरकारी विभागों में 50 की उम्र पार कर चुके कर्मचारियों की स्क्रीनिंग किये जाने को लेकर शासन की ओर से सख्त निर्देश दिये जा चुके हैं। लगभग सभी सरकारी विभागों में स्क्रीनिंग हो चुकी है, जिसमें कई भ्रष्ट कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया गया, लेकिन नगर निगम लखनऊ में अभी तक स्क्रीनिंग नहीं की गयी है। शासन के निर्देश के बावजूद निगम प्रशासन स्क्रीनिंग किये जाने को लेकर हीलाहवाली कर रहा है।
शासन की ओर से 50 की उम्र पार कर चुके कर्मचारियों की स्क्रीनिंग का पहला आदेश छह जुलाई को जारी किया गया था। तमाम विभागों में स्क्रीनिंग का कार्य पूरा किया जा चुका हैं, लेकिन नगर निगम में यह कार्य अभी तक पूरा नहीं किया गया। शासन ने एक बार फिर कर्मचारियों की स्क्रीनिंग की तारीख बढ़ाकर 31 अक्टूबर 2017 कर दी थी फिर भी स्क्रीनिंग नहीं की गई। निगम के अफसरों का कहना है कि विभाग में ऐसा कोई भी आदेश नहीं आया है। ऐसे में एक बार फिर स्क्रीनिंग की प्रक्रिया अधर में है। गौरतलब है कि 50 साल की उम्र पूरी करने वाले कर्मियों की स्क्रीनिंग की व्यवस्था लंबे समय से चली आ रही है लेकिन कर्मचारियों की स्क्रीनिंग के शासनादेश पर अमल नहीं होता था। मुख्य सचिव ने यह काम शुरू कराया है। अपर मुख्य सचिव ने इसकी डेडलाइन तय कर कार्रवाई का आदेश जारी किया था। कई बार प्रक्रिया की समय सीमा को बढ़ाया गया। अपर मुख्य सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक ने शासन के अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों व सचिवों को अलग-अलग पत्र लिखा था इसमें स्क्रीनिंग की कार्रवाई 31 अक्टूबर 2017 तक पूरा कर कार्मिक अनुभाग को उपलब्ध कराने को कहा गया था, लेकिन नगर निगम के अफसरों को इस बात का ख्याल नहीं है। नगर निगम के सूत्रों का कहना है कि नगर निगम में कई घोटाले हो चुके हैं, ऐसे में यदि स्क्रीनिंग होगी और कर्मचारियों को अनिवार्य सेवानिवृत दी जाएगी है तो आक्रोशित कर्मचारियों द्वारा घोटालों की परतें खोली जा सकती हैं। नगर आयुक्त उदयराज सिंह का कहना है कि स्क्रीनिंग का कार्य प्रगति पर है। शासन की ओर से कोई निर्धारित समय सीमा तय नहीं है।

स्क्रीनिंग के लिए सभी नगर निगमों को आदेश जारी किये जा चुके हैं। अगर स्क्रीनिंग नहीं की गयी है तो संबंधित अफसरों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।
मनोज कुमार सिंह
प्रमुख सचिव, नगर विकास

Pin It